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Palwal News: सरकारी खरीद एजेंसी वेयर हाउस ने नमी बता गेहूं खरीदने से मना कर दिया
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कैपशन: अनाज मंडी में बिकने के लिए पड़ा गेहूं
सोमवार को भी किसी मंडी में गेहूं की नहीं हुई खरीद
किसानों में रोष, बोले सरकार नहीं चाहती गेहूं खरीदना
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। लगातार मौसम में परिवर्तन व रुक-रुककर हो रही बारिश को देखते हुए किसान जहां भगवान से रहम करने के लिए हाथ जोड़ रहे हैं, वहीं सरकार से मंडियों में तुरंत गेहूं खरीद शुरू कराने की मांग कर रहे हैं। सोमवार को भी जिले की किसी भी अनाज मंडी में गेहूं की खरीद शुरू नहीं हो पाई। सरकारी खरीद एजेंसियां मंडियों में गेहूं खरीद करने के लिए नहीं पहुंचीं, जबकि जिन किसानों का गेहूं निकल चुका है, वे अपना गेहूं मंडियों में बेचने के लिए पहुंच गए। बाद में शाम करीब चार बजे अचानक बारिश शुरू होने के बाद किसानों में गेहूं खराब होने का भय बन गया और काफी किसान अपने गेेहूं को ट्रैक्टर-ट्रालियों में तिरपालों से ढककर वापिस घरों को ले गए। किसानों का आरोप है कि सरकार किसानों का गेहूं खरीदना ही नहीं चाहती। अभी तक मंडियों में गेहूं खरीद का कोई इंतजाम नहीं है।
हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश में एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू करने के निर्देश जारी किए थे। इसके लिए जिला प्रशासन की तरफ से भी जिले की सभी मंडियों में एक अप्रैल से गेहूं खरीद करने के लिए इंतजाम करने के निर्देश दिए गए तथा किसानों को भी इसके लिए सूचित कर दिया गया। हालांकि अधिकांंश किसान तो अभी बार-बार बारिश होने के कारण गेहूं की कटाई ही नहीं कर पाए हैं, लेकिन जिन किसानों ने गेहूं निकाल लिया है, वे मंडियों में बेचने के लिए भटक रहे हैं। सोमवार को भी जिले की अनाज मंडियों में काफी किसान गेहूं लेकर पहुंचे, लेकिन सरकारी एजेंसियों ने गेहूं में नमी बताकर गेहूं खरीदने से मना कर दिया।
पलवल में सोमवार को वेयर हाउस को गेहूं की खरीद करनी थी। उसके लिए वेयर हाउस के अधिकारी मंडियों में गेहूं खरीदने के लिए पहुंच गए तथा गेहूं बेचने के लिए मंडियों में गेट पास भी कटवा लिया, लेकिन वेयर हाउस के अधिकारियों व कर्मचारियों ने किसानों द्वारा लाए गए गेहूं को नमी अधिक बताकर खरीदने से मना कर दिया। ऐसे में किसान बेहद परेशान दिखाई दिए, क्योंकि गेट पास कटवा चुके हैं तथा अब वेे वापिस गेहूं नहीं ले जा सकते।
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अचानक बारिश शुरू होने से किसानों की चिंता बढ़ी
शाम करीब चार बजे अचानक बादल गरजने लगा तथा तेज बारिश शुुरू हो गई। बारिश होते देख किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखाई देने लगीं। किसान कभी आसमान की तरफ देखता तो कभी अपने गेहूं की तरफ। बाद में गेहूं को बारिश से भीगने से बचाने के लिए तिरपाल से ढकना शुरू कर दिया, ताकि गेहूं बच सके। किसान राजेंद्र सिंह, नरोत्तम, देवेंद्र कौशिक, होशियार सिंह का कहना है कि सरकार नहीं चाहती कि किसानों का गेहूं समर्थन मूल्य पर बिके, इसलिए किसानों के गेहूं में नमी बताकर उसे खरीदने से मना किया जा रहा है।
पलवल मार्केट कमेटी के चेयरमैन नरवीर गहलौत का कहना है कि सरकारी एजेंसी वेयर हाउस गेहूं खरीदने के लिए आ गई थी, लेकिन गेहूं में नमी काफी ज्यादा थी, इसलिए गेहूं नहीं खरीदा जा सका। किसानों से अपील है कि गेहूं को सुखाकर लाएं। किसानों का सारा गेहूं खरीदा जाएगा।
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सोमवार को भी किसी मंडी में गेहूं की नहीं हुई खरीद
किसानों में रोष, बोले सरकार नहीं चाहती गेहूं खरीदना
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। लगातार मौसम में परिवर्तन व रुक-रुककर हो रही बारिश को देखते हुए किसान जहां भगवान से रहम करने के लिए हाथ जोड़ रहे हैं, वहीं सरकार से मंडियों में तुरंत गेहूं खरीद शुरू कराने की मांग कर रहे हैं। सोमवार को भी जिले की किसी भी अनाज मंडी में गेहूं की खरीद शुरू नहीं हो पाई। सरकारी खरीद एजेंसियां मंडियों में गेहूं खरीद करने के लिए नहीं पहुंचीं, जबकि जिन किसानों का गेहूं निकल चुका है, वे अपना गेहूं मंडियों में बेचने के लिए पहुंच गए। बाद में शाम करीब चार बजे अचानक बारिश शुरू होने के बाद किसानों में गेहूं खराब होने का भय बन गया और काफी किसान अपने गेेहूं को ट्रैक्टर-ट्रालियों में तिरपालों से ढककर वापिस घरों को ले गए। किसानों का आरोप है कि सरकार किसानों का गेहूं खरीदना ही नहीं चाहती। अभी तक मंडियों में गेहूं खरीद का कोई इंतजाम नहीं है।
हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश में एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू करने के निर्देश जारी किए थे। इसके लिए जिला प्रशासन की तरफ से भी जिले की सभी मंडियों में एक अप्रैल से गेहूं खरीद करने के लिए इंतजाम करने के निर्देश दिए गए तथा किसानों को भी इसके लिए सूचित कर दिया गया। हालांकि अधिकांंश किसान तो अभी बार-बार बारिश होने के कारण गेहूं की कटाई ही नहीं कर पाए हैं, लेकिन जिन किसानों ने गेहूं निकाल लिया है, वे मंडियों में बेचने के लिए भटक रहे हैं। सोमवार को भी जिले की अनाज मंडियों में काफी किसान गेहूं लेकर पहुंचे, लेकिन सरकारी एजेंसियों ने गेहूं में नमी बताकर गेहूं खरीदने से मना कर दिया।
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पलवल में सोमवार को वेयर हाउस को गेहूं की खरीद करनी थी। उसके लिए वेयर हाउस के अधिकारी मंडियों में गेहूं खरीदने के लिए पहुंच गए तथा गेहूं बेचने के लिए मंडियों में गेट पास भी कटवा लिया, लेकिन वेयर हाउस के अधिकारियों व कर्मचारियों ने किसानों द्वारा लाए गए गेहूं को नमी अधिक बताकर खरीदने से मना कर दिया। ऐसे में किसान बेहद परेशान दिखाई दिए, क्योंकि गेट पास कटवा चुके हैं तथा अब वेे वापिस गेहूं नहीं ले जा सकते।
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अचानक बारिश शुरू होने से किसानों की चिंता बढ़ी
शाम करीब चार बजे अचानक बादल गरजने लगा तथा तेज बारिश शुुरू हो गई। बारिश होते देख किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखाई देने लगीं। किसान कभी आसमान की तरफ देखता तो कभी अपने गेहूं की तरफ। बाद में गेहूं को बारिश से भीगने से बचाने के लिए तिरपाल से ढकना शुरू कर दिया, ताकि गेहूं बच सके। किसान राजेंद्र सिंह, नरोत्तम, देवेंद्र कौशिक, होशियार सिंह का कहना है कि सरकार नहीं चाहती कि किसानों का गेहूं समर्थन मूल्य पर बिके, इसलिए किसानों के गेहूं में नमी बताकर उसे खरीदने से मना किया जा रहा है।
पलवल मार्केट कमेटी के चेयरमैन नरवीर गहलौत का कहना है कि सरकारी एजेंसी वेयर हाउस गेहूं खरीदने के लिए आ गई थी, लेकिन गेहूं में नमी काफी ज्यादा थी, इसलिए गेहूं नहीं खरीदा जा सका। किसानों से अपील है कि गेहूं को सुखाकर लाएं। किसानों का सारा गेहूं खरीदा जाएगा।