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कुसलीपुर में बुखार से बच्ची की मौत
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पलवल। जिले में बुखार थमने का नाम नहीं ले रहा है। बृहस्पतिवार को भी पलवल के गांव कुसलीपुर में एक छह वर्षीय बच्ची की बुखार से मौत हो गई। बच्ची को निमोनिया व वायरल बुखार था। उसका इलाज गांव में ही स्थित एक क्लीनिक पर चल रहा था। इससे पहले भी गांव में एक बच्ची की मौत हो चुकी है। वहीं जिले के विभिन्न गांवों में बुखार के मरीज मिले हैं। लगातार बढ़ रहे बुखार के मरीजों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने गांवों में जागरूकता अभियान के साथ-साथ बुखार से ग्रस्त मरीजों को सैंपल लेने शुरू कर दिए हैं। जहां भी बुखार के मरीज मिल रहे हैं, वहीं पर स्वास्थ्य विभाग लोगों के घर जाकर उनके रक्त के सैंपल लेकर जांच करा रहा है। साथ ही उन्हें घर पर ही दवाइयां दी जा रही हैं। जिला सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह ने बताया कि वे स्वयं उन गांवों में जा रहे हैं, जहां बुखार के मरीज मिल रहे हैं।
शहर में भी डेंगू के कई मरीज हैं। हालांकि उन लोगों में डेंगू की पुष्टि निजी लैब पर की गई है। उनका इलाज भी निजी अस्पतालों में चल रहा है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग निजी लैब व निजी अस्पतालों की रिपोर्ट को मान नहीं रहा है। ऐसे में जिन लोगों में बुखार होने के बाद डेंगू की पुष्टि निजी अस्पतालों द्वारा की जा रही है, वे वहीं पर अपना इलाज करा रहे हैं। इस कारण स्वास्थ्य विभाग को ऐसे लोगों की जानकारी भी नहीं मिल पा रही है। ऐसे में बुखार के मरीजों वाले अधिकांश क्षेत्रों का पता भी नहीं लग पा रहा है। सौंदहदगांव में भी दिन रोज बुखार के मरीज मिल रहे हैं। वहां पर तो ग्रामीणों ने अब फागिंग कराने तथा स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर कराने की मांग उठानी शुरू कर दी है।
चिल्ली में मिले बुखार के 28 मरीज
हथीन। बुखार प्रभावित चिल्ली गांव में बृहस्पतिवार को भी स्वास्थ्य विभाग की टीम को बुखार के 28 मरीज मिले। मरीजों में 16 वयस्क एवं 12 बच्चे हैं। प्रवर चिकित्सा अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि गांव में अस्थायी हॉस्पिटल में दिन रात स्वास्थ्य सेवाएं जारी हैं। बृहस्पतिवार को गांव में मलेरिया जांच के लिए 25 लोगों के नमूने लिए गए। सात लोगों के डेंगू टेस्ट के लिए नमूने लिए गए हैं। वहीं सात लोगों के कोविड टेस्ट के लिए नमूने लिए गए हैं। 213 घरों में जाकर विभाग की टीम ने स्क्रीनिंग की है। गांव के निवर्तमान सरपंच नरेश कुमार ने भी स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ जाकर गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण के प्रति जागरूक किया और महिलाओं एवं बच्चों को टीका भी लगवाए।
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पहाड़पुर गांव में भी बुखार के छह मरीज
समीपवर्ती गांव पहाड़पुर में भी मौसमी बुखार का प्रकोप बना हुआ है। गांव निवासी आमीन खान ने बताया कि छह मरीज अभी भी बुखार से पीड़ित हैं। इनमें 45 वर्षीय इस्लाम, 42 वर्षीया हक़ीमन, 14 वर्षीय अनवर, 30 वर्षीय रहिसन, छह वर्षीय मोमिन एवं पांच वर्षीय मुश्तकिम शामिल हैं। उनका कहना है कि बरसात से जो जल भराव हुआ है उससे मच्छर बढ़ रहे हैं। रोग बढ़ रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि जल भराव की समस्या को हल किया जाए।
जिन क्षेत्रों व गांवों में बुखार के मरीज मिल रहे हैं, वहां टीमें जाकर लोगों के रक्त की जांच कर रही हैं। साथ ही उन्हें बुखार की दवाइयां दी जा रही है। इसके अलावा जन स्वास्थ्य विभाग, नगर परिषद तथा जिला विकास एवं पंचायत विभाग को लिखकर अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने तथा फागिंग कराने के लिए पत्र भी लिखा है। साथ ही मलेरिया विभाग की टीम भी जगह-जगह लार्वा की जांच कर रही हैं।
-डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, जिला सिविल सर्जन
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शहर में भी डेंगू के कई मरीज हैं। हालांकि उन लोगों में डेंगू की पुष्टि निजी लैब पर की गई है। उनका इलाज भी निजी अस्पतालों में चल रहा है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग निजी लैब व निजी अस्पतालों की रिपोर्ट को मान नहीं रहा है। ऐसे में जिन लोगों में बुखार होने के बाद डेंगू की पुष्टि निजी अस्पतालों द्वारा की जा रही है, वे वहीं पर अपना इलाज करा रहे हैं। इस कारण स्वास्थ्य विभाग को ऐसे लोगों की जानकारी भी नहीं मिल पा रही है। ऐसे में बुखार के मरीजों वाले अधिकांश क्षेत्रों का पता भी नहीं लग पा रहा है। सौंदहदगांव में भी दिन रोज बुखार के मरीज मिल रहे हैं। वहां पर तो ग्रामीणों ने अब फागिंग कराने तथा स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर कराने की मांग उठानी शुरू कर दी है।
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चिल्ली में मिले बुखार के 28 मरीज
हथीन। बुखार प्रभावित चिल्ली गांव में बृहस्पतिवार को भी स्वास्थ्य विभाग की टीम को बुखार के 28 मरीज मिले। मरीजों में 16 वयस्क एवं 12 बच्चे हैं। प्रवर चिकित्सा अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि गांव में अस्थायी हॉस्पिटल में दिन रात स्वास्थ्य सेवाएं जारी हैं। बृहस्पतिवार को गांव में मलेरिया जांच के लिए 25 लोगों के नमूने लिए गए। सात लोगों के डेंगू टेस्ट के लिए नमूने लिए गए हैं। वहीं सात लोगों के कोविड टेस्ट के लिए नमूने लिए गए हैं। 213 घरों में जाकर विभाग की टीम ने स्क्रीनिंग की है। गांव के निवर्तमान सरपंच नरेश कुमार ने भी स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ जाकर गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण के प्रति जागरूक किया और महिलाओं एवं बच्चों को टीका भी लगवाए।
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पहाड़पुर गांव में भी बुखार के छह मरीज
समीपवर्ती गांव पहाड़पुर में भी मौसमी बुखार का प्रकोप बना हुआ है। गांव निवासी आमीन खान ने बताया कि छह मरीज अभी भी बुखार से पीड़ित हैं। इनमें 45 वर्षीय इस्लाम, 42 वर्षीया हक़ीमन, 14 वर्षीय अनवर, 30 वर्षीय रहिसन, छह वर्षीय मोमिन एवं पांच वर्षीय मुश्तकिम शामिल हैं। उनका कहना है कि बरसात से जो जल भराव हुआ है उससे मच्छर बढ़ रहे हैं। रोग बढ़ रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि जल भराव की समस्या को हल किया जाए।
जिन क्षेत्रों व गांवों में बुखार के मरीज मिल रहे हैं, वहां टीमें जाकर लोगों के रक्त की जांच कर रही हैं। साथ ही उन्हें बुखार की दवाइयां दी जा रही है। इसके अलावा जन स्वास्थ्य विभाग, नगर परिषद तथा जिला विकास एवं पंचायत विभाग को लिखकर अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने तथा फागिंग कराने के लिए पत्र भी लिखा है। साथ ही मलेरिया विभाग की टीम भी जगह-जगह लार्वा की जांच कर रही हैं।
-डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, जिला सिविल सर्जन