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बुखार से दो बच्चियों सहित चार की मौत
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थीन के गांव रनसीका में मरीजों की जांच करती स्वास्थ्य विभाग की टीम
- फोटो : Palwal
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हथीन। जिले में बुखार का प्रकोप निरंतर बढ़ रहा है। बुखार से होने वाली मौतों का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है। शनिवार को बुखार से दो बच्चियों सहित तीन की मौत हो गई, जबकि 39 बुखार के नए मरीज मिले। हथीन शहर की पहली कक्षा की छात्रा, मठेपुर निवासी महिला अनीशा तथा पलवल के शेखपुरा निवासी 12 वर्षीय बच्ची और गांव मलाई निवासी 10 वर्षीय बालक की बुखार से मौत हो गई।
बुखार से हो रही मौतों को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क रहा। गांवों में बुखार ग्रस्त गांवों में डोर टू डोर स्क्रीनिंग कराई गई। गांवों में अस्थाई अस्पताल लगाकर लोगों के सैंपल लिए गए। हथीन शहर निवासी बालिका को तेज बुखार आया था। उसकी प्लेटलेट्स कम हो गईं। बच्ची को गुरुग्राम के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसके फेफड़ों में पानी भर गया था। उसकी किडनी भी फेल हो गई थी, इससे उसकी मौत हो गई। शेखपुरा निवासी व्यक्ति ने बताया कि 12 वर्षीय बच्ची को एक सप्ताह से बुखार था। प्लेटलेट्स कम होने से शुक्रवार रात को उसकी निजी अस्पताल में मौत हो गई। गांव मलाई निवासी दस वर्षीय बच्चे को कई दिनों से बुखार था। परिवारजनों ने पहले तो निजी अस्पताल में दिखाया फिर उसे नलहड़ मेडिकल कॉलेज नूह ले गए। वहां से बच्चे को दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया। दिल्ली ले जाते समय उसकी रास्ते में ही मौत हो गई।
वहीं, गांव मठेपुर निवासी नासिर की पत्नी अनीशा बेगम की भी शनिवार को बुखार से मौत हो गई। मठेपुर निवासी दीन मोहम्मद ने बताया कि अनीशा को दो दिन पूर्व तेज बुखार आया था। परिवारजन उसको गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में ले गए, जहां उसकी जान बचाई नहीं जा सकी। मठेपुर गांव में बुखार से पहले भी एक बच्चे की मौत हो चुकी है। गांव पहाड़पुर में भी बुखार के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। गांव के निवर्तमान सरपंच शाक़िर हुसैन ने बताया कि गांव में फिलहाल दो दर्जन से अधिक लोग बुखार से पीड़ित हैं। आठ दिन पूर्व भी गांव में बुखार से बच्ची की मौत हो गई थी। शाकिर हुसैन ने मांग की है कि गांव में स्वास्थ्य विभाग अविलंब विशेष ओपीडी सेवाएं शुरू करे। फॉगिंग भी कराए और गांव में मच्छरदानी वितरण भी किया जाए।
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बुखार के 39 मरीज मिले, डोर टू डोर स्क्रीनिंग जारी
शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छह गांवों में विशेष शिविर लगाए। इन शिविरों में 39 मरीज बुखार के मिले हैं। प्रवर चिकित्सा अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि गांव रूपडाका के शिविर में कुल 17 मरीज आए, जिनमें 11 बुखार के मरीज मिले। गांव भंगूरी में लगाए गए। शिविर में 25 मरीज आए, जिनमें से 10 बुखार के मरीज मिले। रनसिका गांव में कुल 32 मरीज आए, जिनमें से नौ मरीज बुखार के मिले। गांव चिल्ली में पांच मरीज आए, जिनमें से दो मरीज बुखार के मिले हैं। गांव पहाड़ी में 12 मरीज मिले, जिनमें तीन मरीज बुखार के मिले हैं। गांव छांयसा में कुल आठ मरीज आए, जिनमें से चार मरीज बुखार के मिले हैं। प्रवर चिकित्सा अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि सभी गांवों में मलेरिया जांच के लिए ब्लड स्लाइड बनाई गईं। डेंगू, प्लेटलेट्स जांच और कोविड जांच के लिए सैंपल लिए गए हैं, जिन्हें लैब में भेजा गया है। डोर टू डोर स्क्रीनिंग का कार्य भी जारी है।
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बुखार से हो रही मौतों को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क रहा। गांवों में बुखार ग्रस्त गांवों में डोर टू डोर स्क्रीनिंग कराई गई। गांवों में अस्थाई अस्पताल लगाकर लोगों के सैंपल लिए गए। हथीन शहर निवासी बालिका को तेज बुखार आया था। उसकी प्लेटलेट्स कम हो गईं। बच्ची को गुरुग्राम के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसके फेफड़ों में पानी भर गया था। उसकी किडनी भी फेल हो गई थी, इससे उसकी मौत हो गई। शेखपुरा निवासी व्यक्ति ने बताया कि 12 वर्षीय बच्ची को एक सप्ताह से बुखार था। प्लेटलेट्स कम होने से शुक्रवार रात को उसकी निजी अस्पताल में मौत हो गई। गांव मलाई निवासी दस वर्षीय बच्चे को कई दिनों से बुखार था। परिवारजनों ने पहले तो निजी अस्पताल में दिखाया फिर उसे नलहड़ मेडिकल कॉलेज नूह ले गए। वहां से बच्चे को दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया। दिल्ली ले जाते समय उसकी रास्ते में ही मौत हो गई।
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वहीं, गांव मठेपुर निवासी नासिर की पत्नी अनीशा बेगम की भी शनिवार को बुखार से मौत हो गई। मठेपुर निवासी दीन मोहम्मद ने बताया कि अनीशा को दो दिन पूर्व तेज बुखार आया था। परिवारजन उसको गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में ले गए, जहां उसकी जान बचाई नहीं जा सकी। मठेपुर गांव में बुखार से पहले भी एक बच्चे की मौत हो चुकी है। गांव पहाड़पुर में भी बुखार के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। गांव के निवर्तमान सरपंच शाक़िर हुसैन ने बताया कि गांव में फिलहाल दो दर्जन से अधिक लोग बुखार से पीड़ित हैं। आठ दिन पूर्व भी गांव में बुखार से बच्ची की मौत हो गई थी। शाकिर हुसैन ने मांग की है कि गांव में स्वास्थ्य विभाग अविलंब विशेष ओपीडी सेवाएं शुरू करे। फॉगिंग भी कराए और गांव में मच्छरदानी वितरण भी किया जाए।
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बुखार के 39 मरीज मिले, डोर टू डोर स्क्रीनिंग जारी
शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छह गांवों में विशेष शिविर लगाए। इन शिविरों में 39 मरीज बुखार के मिले हैं। प्रवर चिकित्सा अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि गांव रूपडाका के शिविर में कुल 17 मरीज आए, जिनमें 11 बुखार के मरीज मिले। गांव भंगूरी में लगाए गए। शिविर में 25 मरीज आए, जिनमें से 10 बुखार के मरीज मिले। रनसिका गांव में कुल 32 मरीज आए, जिनमें से नौ मरीज बुखार के मिले। गांव चिल्ली में पांच मरीज आए, जिनमें से दो मरीज बुखार के मिले हैं। गांव पहाड़ी में 12 मरीज मिले, जिनमें तीन मरीज बुखार के मिले हैं। गांव छांयसा में कुल आठ मरीज आए, जिनमें से चार मरीज बुखार के मिले हैं। प्रवर चिकित्सा अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि सभी गांवों में मलेरिया जांच के लिए ब्लड स्लाइड बनाई गईं। डेंगू, प्लेटलेट्स जांच और कोविड जांच के लिए सैंपल लिए गए हैं, जिन्हें लैब में भेजा गया है। डोर टू डोर स्क्रीनिंग का कार्य भी जारी है।