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एक्सपायर सिलिंडरों के भरोसे फायर सेफ्टी सिस्टम

Thu, 24 Mar 2022 11:13 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 24 Mar 2022 11:13 PM IST
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Fire safety system relying on expired cylinders
पलवल। लघु सचिवालय में आग से बचने के लिए लगाए गए फायर सेफ्टी सिस्टम के प्रति अधिकारी जागरूक नहीं है। सिस्टम केवल खानापूर्ति साबित हो रहा है। लघु सचिवालय का फायर सेफ्टी सिस्टम एक्सपायर फायर सिलिंडरों के भरोसे चल रहा है। एक्सपायर होने के तीन माह बाद भी सिलेंडरों को बदलने की ओर किसी अधिकारी या कर्मचारी का ध्यान नहीं है। सचिवालय की पार्किंग में तो एक साल से एक्सपायर सिलिंडर लगे हुए हैं। सचिवालय के नीचे बाहर फायर सेफ्टी बॉक्स भी टूटे हुए हैं। इन बॉक्सों में पाइप व वाटर गन रखी होती है।
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दरअसल, मार्च 2014 में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पलवल लघु सचिवालय सहित छह परियोजनाओं का शुभारंभ किया था। करीब 25 करोड़ की लागत से बनाया गया लघु सचिवालय प्रदेश के सबसे अच्छे सचिवालयों में से एक माना जा रहा था। सचिवालय में आधुनिक फायर सिस्टम के साथ, पेयजल व शौचालयों की अच्छी व्यवस्था की गई। सचिवालय में चार तलों पर 16 जगह शौचालय व वाटर कूलर आरओ सिस्टम लगाए गए। हर एक तल पर दर्जनों स्थानों पर फायर सिलिंडर लगाए गए, वहीं ज्यादा आग लगने पर बूस्टर से स्पेशल पाइप लाइन की भी व्यवस्था की गई। पाइप लाइन के साथ फायर सेफ्टी बॉक्स लगाए गए, जिनमें पाइप व वाटर गन रखने की सुविधा होती है।
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समय बीतने के साथ ही सचिवालय में अनियमितताएं बढ़ रही हैं। सचिवालय का फायर सेफ्टी सिस्टम एक्सपायर सिलिंडरों पर टिका हुआ है। कई स्थानों पर सिलिंडर अपनी जगह से गायब है तो कहीं पर इधर-उधर रखे हुए हैं। सभी सिलिंडर तीन दिसंबर 2021 को एक्सपायर हो चुके हैं, जिन्हें करीब साढ़े तीन माह बाद भी बदला नहीं जा रहा है। फायर सेफ्टी बॉक्स ही हालत भी बेहद खराब है। ज्यादातर बॉक्स टूटे हुए हैं।
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हजारों लोग सचिवालय में रहते हैं मौजूद
लघु सचिवालय में जिला के तमाम अधिकारी बैठते हैं। भूतल पर एसडीएम, तहसीलदार से संबंधित विभिन्न कार्यालय व सरल केंद्र है, जिसमें प्रतिदिन हजारों लोग काम कराने के लिए आते हैं। प्रथम तल पर अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय, समाज कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य कार्यालय है। भूमि रजिस्ट्री भी इसी तल पर होती है। द्वितीय तल पर जिला उपायुक्त कार्यालय से लेकर नगराधीश कार्यालय, सीओ जिला परिषद, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, उपायुक्त कोर्ट, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, जिला रैडक्रॉस सोसायटी से संबंधित कार्यालय हैं। वहीं तृतीय तल पर जिला पुलिस अधीक्षक सहित सभी पुलिस से संबंधित कार्यालय स्थित हैं। इन कार्यालयों में प्रतिदिन हजारों की संख्या में अधिकारी, कर्मचारी व आम जनता मौजूद रहती है।
सचिवालय में तीन महीने बाद भी एक्सपायर सिलिंडर नहीं बदले गए हैं। तमाम अधिकारियों की मौजूदगी सचिवालय में रहती है, उसके बावजूद भी किसी इस तरफ ध्यान नहीं है।
- रोहताश, निवासी सैलोटी
आग लगने की स्थिति में तुरंत काबू पाने के लिए फायर सिलिंडरों का दुरुस्त होना बेहद जरूरी है। लापरवाही बरतने से नुकसान उठान पड़ सकता है। प्रशासन इसके प्रति गंभीर रहना चाहिए।

- कप्तान भड़ाना, निवासी गांव कुसलीपुर
सचिवालय में लगे फायर सिलिंडरों को बदलवाने के लिए डीएन विभाग को निर्देश दिए गए हैं। जल्द फायर सिलिंडरों को बदलवाया जाएगा तथा टूटे फायर सेफ्टी बॉक्स की मरम्मत करवा दी जाएगी।
- नरेश नरवाल, जिला उपायुक्त पलवल
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