फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Palwal News ›   Farmers worried about sowing

Palwal News: खेतों में जलजमाव, बोआई को लेकर किसानों में चिंता

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Sep 2026 12:25 AM IST
विज्ञापन
Farmers worried about sowing
खेतों में भरा पानी
ऐंचवाड़ी, गोकलपुर और नीमखेड़ा में 50 एकड़ से अधिक भूमि पर जलभराव
विज्ञापन


सद्दाम हुसैन

पिनगवां। खेतों में जमा बरसाती पानी किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। पिनगवां खंड के ऐंचवाड़ी, गोकलपुर और नीमखेड़ा गांवों में 50 एकड़ से अधिक कृषि भूमि जलभराव की चपेट में है। खेतों में पानी भरा होने से किसानों को खरीफ फसल खराब होने के साथ-साथ अब आगामी रबी की बुवाई प्रभावित होने की चिंता सताने लगी है। किसानों का कहना है कि समय रहते पानी की निकासी नहीं हुई तो गेहूं, सरसों और जौ की बुवाई में देरी हो सकती है।ग्रामीणों के अनुसार, तीनों गांवों में डहर वाली क्षेत्र की कृषि भूमि में लंबे समय से बरसाती पानी जमा है। किसानों ने बताया कि उन्होंने खेतों में ज्वार की फसल लगाई थी, लेकिन जलभराव के कारण फसल गलकर खराब हो गई।
खेती ही अधिकांश किसानों की आजीविका का मुख्य साधन है। ऐसे में फसल खराब होने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और आगामी फसल को लेकर भी आशंकाएं बनी हुई हैं।किसानों का कहना है कि खेतों में पानी भरा रहने से मिट्टी में नमी अधिक हो जाएगी, जिससे रबी फसलों की समय पर बुवाई करना मुश्किल हो सकता है। यदि बुवाई में देरी हुई तो इसका असर फसल के उत्पादन पर भी पड़ने की आशंका है। किसानों ने बताया कि पिछले वर्ष भी बारिश के बाद खेतों में जलभराव की स्थिति बनी थी। कुछ किसानों ने अपने स्तर पर पानी निकालने का प्रयास किया, लेकिन इसके बावजूद रबी की फसल अच्छी नहीं हो सकी। उनका कहना है कि पिछले नुकसान के लिए भी उन्हें कोई आर्थिक सहायता नहीं मिली।किसानों ने आरोप लगाया कि जलनिकासी की समस्या को लेकर प्रशासन की ओर से कई बार आश्वासन दिए गए, लेकिन स्थायी समाधान के लिए धरातल पर अपेक्षित काम नहीं हुआ। उनका कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान यही समस्या सामने आती है, जिससे खेती प्रभावित होती है।
विज्ञापन

किसान याकूब खान, साहिद, साजिद, आरिफ, खेरा और वाहिद ने बताया कि जलभराव की समस्या लगातार किसानों के सामने बनी हुई है। उन्होंने प्रशासन से खेतों का निरीक्षण कराकर तत्काल पानी की निकासी कराने और भविष्य में समस्या से निजात दिलाने के लिए स्थायी जलनिकासी व्यवस्था करने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोट
विभाग के पास जलभराव को लेकर अभी तक कोई शिकायत नहीं आई है। अगर ऐसा मामला है तो जल्द ही मौके का निरीक्षण कर उचित प्रबंध कराया जाएगा। -मुबारिक खान, कनिष्ठ अभियंता, सिंचाई विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed