{"_id":"614cbdb68ebc3efe2611d67f","slug":"farmers-will-take-out-torch-procession-on-26-palwal-news-noi6063769129","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसान 26 को निकालेंगे मशाल जुलूस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसान 26 को निकालेंगे मशाल जुलूस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पलवल। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 27 सितंबर को भारत बंद को लेकर बृहस्पतिवार को किसानों ने गांवों में जागरूकता अभियान चलाया। संचालित धरने की अध्यक्षता किशन सिंह छाता ने की। धरने में किसानों ने मजदूर विरोधी चारों लेबर कोड रद्द करने तथा सरकारी विभागों व सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग की। किसानों ने कहा कि 27 सितंबर को ऐतिहासिक भारत बंद होगा।
बैठकों में ग्रामीणों भारत बंद में ज्यादा से ज्यादा संख्या में शामिल होने की अपील की गई। लोगों को बताया गया कि 26 सितंबर को गांवों में मशाल जुलूस निकाली जाएगी। 27 सितंबर को सुबह से 10 से 12 बजे तक बाजारों को बंद करने की अपील की जाएगी। 12 बजे के बाद अटोहां के धरना स्थल पर एकत्रित होंगे। धरना स्थल पर राष्ट्रीय राजमार्ग या रेलमार्ग जाम करने का निर्णय लिया जाएगा।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय सचिव रतन सिंह सौरोत ने कहा कि सरकार शांतिपूर्ण तरीके से चल रहे किसान आंदोलन को बदनाम करने के लिए साजिश रच रही है। भाजपा सरकार में खेती ऐसी गतिविधि बन गई है जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर आर्थिक बोझ बन गई है। अब यह कोई आय का साधन नहीं रह गई है। दोगुनी आय का सपना दिखाकर भाजपा सरकार ने उन किसानों को भुखमरी के कगार पर ला खड़ा किया है, जिनकी मेहनत से जनता की थाली में भोजन सजता है। एनएसओ के ताजा सर्वे में भाजपा सरकार किसानों से किए वादों की मिड टर्म परीक्षा में फेल हो गई है। एनएसओ की ताजा रिपोर्ट में वर्ष 2019 में खेती से होने वाली किसानों की से में 10 प्रतिशत की कमी आई है।
विज्ञापन
धरने में किसान नेता ताराचंद, महावीर मलिक, रमेश गौड़ौता, जीतराम छाता, उदय सिंह सरपंच, धर्मचंद, अच्छेलाल, रोशनलाल, सुनहरी प्यारे, ग्यासी राम, करतार औरंगाबाद, समयराम, रणजीत मित्रौल, मुनेश छाता व बाबूराम सरपंच ने संबोधित किया।
विज्ञापन
बैठकों में ग्रामीणों भारत बंद में ज्यादा से ज्यादा संख्या में शामिल होने की अपील की गई। लोगों को बताया गया कि 26 सितंबर को गांवों में मशाल जुलूस निकाली जाएगी। 27 सितंबर को सुबह से 10 से 12 बजे तक बाजारों को बंद करने की अपील की जाएगी। 12 बजे के बाद अटोहां के धरना स्थल पर एकत्रित होंगे। धरना स्थल पर राष्ट्रीय राजमार्ग या रेलमार्ग जाम करने का निर्णय लिया जाएगा।
विज्ञापन
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय सचिव रतन सिंह सौरोत ने कहा कि सरकार शांतिपूर्ण तरीके से चल रहे किसान आंदोलन को बदनाम करने के लिए साजिश रच रही है। भाजपा सरकार में खेती ऐसी गतिविधि बन गई है जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर आर्थिक बोझ बन गई है। अब यह कोई आय का साधन नहीं रह गई है। दोगुनी आय का सपना दिखाकर भाजपा सरकार ने उन किसानों को भुखमरी के कगार पर ला खड़ा किया है, जिनकी मेहनत से जनता की थाली में भोजन सजता है। एनएसओ के ताजा सर्वे में भाजपा सरकार किसानों से किए वादों की मिड टर्म परीक्षा में फेल हो गई है। एनएसओ की ताजा रिपोर्ट में वर्ष 2019 में खेती से होने वाली किसानों की से में 10 प्रतिशत की कमी आई है।
विज्ञापन
धरने में किसान नेता ताराचंद, महावीर मलिक, रमेश गौड़ौता, जीतराम छाता, उदय सिंह सरपंच, धर्मचंद, अच्छेलाल, रोशनलाल, सुनहरी प्यारे, ग्यासी राम, करतार औरंगाबाद, समयराम, रणजीत मित्रौल, मुनेश छाता व बाबूराम सरपंच ने संबोधित किया।