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आज उपमुख्यमंत्री के कार्यक्रम का विरोध करेंगे किसान
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पलवल। फरीदाबाद के नरियाला में रविवार को आ रहे उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के कार्यक्रम का किसान विरोध करेंगे। शनिवार को कृषि कानूनों के विरोध में केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर चल रहे धरने में इसको लेकर रणनीति तैयार की गई। निर्णय लिया गया कि सुबह बड़ी संख्या में किसान धरनास्थल से गांव नरियाला पहुंचेंगे। वहां पहुंचकर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
शनिवार को धरने में हरियाणा संपत्ति क्षति वसूली विधेयक 2021 की जमकर आलोचना की गई व विधेयक को वापस लेने की भी मांग की गई। किसान नेता महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार ने जो संपत्ति क्षति वसूली विधेयक लेकर आई है, राज्यपाल उस पर हस्ताक्षर न करें। यदि राज्यपाल इस पर हस्ताक्षर कर देते हैं, जो सरकार को इसे पारित नहीं करना चाहिए। विधेयक लाने के पीछे सरकार को उद्देश्य है कि कोई अन्याय के खिलाफ आवाज न उठा सके। इसके पास होने के बाद सरकार अपनी मर्जी से काम करेगी और कोई उसका विरोध नहीं कर पाएगा।
राष्ट्रवादी विचार मंच के अध्यक्ष स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती ने कहा कि जो लोग आंदोलन का विरोध कर रहे हैं, वे निंदा व बहिष्कार के पात्र हैं। किसान अब आर-पार की लड़ाई लडे़गा और पीछे नहीं हटेगा। सत्ता पक्ष के नेता कार्यक्रमों में भाग न ले, ताकि प्रदेश में शांति बनी रहे। उपमुख्यमंत्री के आगमन को लेकर रविवार सुबह मोहना, अटाली, जाजरू, मछगर, खेडीकलां, दयालपुर गांवों के साथ-साथ पलवल के भी हजारों किसान गांव नरियाला पहुंचेंगे। किसानों के आंदोलन में अब तक तीन सौ से अधिक किसान अपनी जान गंवा चुके हैं। ऐसे में भाजपा नेताओं का होली खेलना किसानों के घावों पर नमक छिड़कने के समान है। इस मौके पर पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल, 52 पाल के अध्यक्ष अरुण जेलदार, सोहनपाल चौहान, रूपराम तेवतिया, धर्मचंद घुघेरा, राजगोपाल, रतन सिंह सौरोत, करतार घुघेरा, राजीव यादव, इंद्र सिंह रावत, किशन शर्मा, हरप्रसाद आर्य, राजेंद्र घर्रोट, रोशन लाल कुंडू आदि मौजूद रहे।
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तंबुओं के स्थान पर बनाई जा रही झोपड़ियां
गर्मी की शुरुआत के साथ ही किसानों ने धरनास्थल पर झोपड़ियां बनानी शुरू कर दी है। वे कपड़े के तंबुओं को हटाकर उनके स्थान पर फूस की झोपड़ियां बना रहे हैं। किसानों का कहना है कि गर्मी के मौसम में झोपड़ी ठंडी रहती है। वहीं लू से भी बचाव करती है।
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शनिवार को धरने में हरियाणा संपत्ति क्षति वसूली विधेयक 2021 की जमकर आलोचना की गई व विधेयक को वापस लेने की भी मांग की गई। किसान नेता महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार ने जो संपत्ति क्षति वसूली विधेयक लेकर आई है, राज्यपाल उस पर हस्ताक्षर न करें। यदि राज्यपाल इस पर हस्ताक्षर कर देते हैं, जो सरकार को इसे पारित नहीं करना चाहिए। विधेयक लाने के पीछे सरकार को उद्देश्य है कि कोई अन्याय के खिलाफ आवाज न उठा सके। इसके पास होने के बाद सरकार अपनी मर्जी से काम करेगी और कोई उसका विरोध नहीं कर पाएगा।
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राष्ट्रवादी विचार मंच के अध्यक्ष स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती ने कहा कि जो लोग आंदोलन का विरोध कर रहे हैं, वे निंदा व बहिष्कार के पात्र हैं। किसान अब आर-पार की लड़ाई लडे़गा और पीछे नहीं हटेगा। सत्ता पक्ष के नेता कार्यक्रमों में भाग न ले, ताकि प्रदेश में शांति बनी रहे। उपमुख्यमंत्री के आगमन को लेकर रविवार सुबह मोहना, अटाली, जाजरू, मछगर, खेडीकलां, दयालपुर गांवों के साथ-साथ पलवल के भी हजारों किसान गांव नरियाला पहुंचेंगे। किसानों के आंदोलन में अब तक तीन सौ से अधिक किसान अपनी जान गंवा चुके हैं। ऐसे में भाजपा नेताओं का होली खेलना किसानों के घावों पर नमक छिड़कने के समान है। इस मौके पर पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल, 52 पाल के अध्यक्ष अरुण जेलदार, सोहनपाल चौहान, रूपराम तेवतिया, धर्मचंद घुघेरा, राजगोपाल, रतन सिंह सौरोत, करतार घुघेरा, राजीव यादव, इंद्र सिंह रावत, किशन शर्मा, हरप्रसाद आर्य, राजेंद्र घर्रोट, रोशन लाल कुंडू आदि मौजूद रहे।
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तंबुओं के स्थान पर बनाई जा रही झोपड़ियां
गर्मी की शुरुआत के साथ ही किसानों ने धरनास्थल पर झोपड़ियां बनानी शुरू कर दी है। वे कपड़े के तंबुओं को हटाकर उनके स्थान पर फूस की झोपड़ियां बना रहे हैं। किसानों का कहना है कि गर्मी के मौसम में झोपड़ी ठंडी रहती है। वहीं लू से भी बचाव करती है।