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Palwal News: डीएपी खाद की किल्लत से किसान परेशान, निजी दुकानदार कर रहे कालाबाजारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 03 Nov 2024 10:47 PM IST
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Farmers troubled by shortage of DAP fertilizer, private shopkeepers doing black marketing
किसानों ने कृषि विभाग के अधिकारियों का लगाया मिलीभगत का आरोप
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संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। गेहूं की फसल की बिजाई शुरू होते ही किसानों के लिए डीएपी खाद की किल्लत शुरू हो गई। सरसों की बिजाई के लिए किसानों ने खाद के लिए दर-दर की ठोकरें खाने के बाद बिजाई कर दी लेकिन, अब गेहूं की फसल की बिजाई के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। किसानों ने इस समस्या का पूरी तरह से कृषि विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। किसानों का कहना है कि विभाग के आला अधिकारी किसानों की समस्या को सुनने को तैयार नहीं है। सरकारी खाद एजेंसियों ने अपने गेट पर खाद का स्टॉक नहीं होने का बोर्ड चस्पा कर दिया है, लेकिन शहर में दर्जनों निजी खाद दुकानदार के यहां किसानों की भीड़ लगी दिखाई देती है। दुकानदार कृषि विभाग के अधिकारियों से सांठगांठ कर राजस्थान, मेवात, यूपी के लिए कच्चे रास्तों से खाद की कालाबाजारी करने में लगे हुए हैं। क्षेत्र के किसानों को खाद की आवश्यकता होती है, उसी दौरान सरकारी एजेंसियों पर खाद की कमी हो जाती है लेकिन निजी दुकानदार विभागीय अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर मनमर्जी के रेटों पर किसानों को खाद उपलब्ध कराकर मालामाल हो रहे हैं। ऐसा भी नहीं है कि उच्च अधिकारियों को इस बारे में मालूम ना हो लेकिन अधिकारी भी सब कुछ जानते हुए मौन साधे हुए हैं।
शहर में किसानों को खाद उपलब्ध कराने के लिए इफको और कृभको सरकारी एजेंसियों की व्यवस्था है लेकिन इसके बावजूद किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रहा है। खाद का स्टॉक नहीं होने पर एजेंसियों पर या तो ताला लटका मिलता है या फिर शटर डाउन मिलता है। धर्मबीर, राम अवतार, पूरन प्रकाश, रमेश चंद आदि किसानों का कहना है कि अगर समय पर डीएपी खाद नहीं मिला तो फसल की बिजाई प्रभावित होगी। प्रत्येक वर्ष शहर में खाद की इसी प्रकार किल्लत होती है। खाद के मामले को लेकर दर्जनों किसान पिछले दिनों कृषि विभाग के अधिकारियों से भी मिल चुके हैं लेकिन समस्या का अभी तक कोई समाधान नहीं हो सका है। किसानों का कहना है कि निजी खाद विक्रेता किसानों को खाद के साथ कीटनाशक दवाइयों के लिए बाध्य कर रहे हैं और ऊपर से रेट भी मनमर्जी के ले रहे हैं।
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क्या कहते है अधिकारी



किसानों की डीएपी समस्या को लेकर कई बार निजी दुकानदारों के यहां छापा मारा है लेकिन, मौके पर खाद उपलब्ध नहीं पाया गया। खाद के उपलब्ध करवाने के लिए किसान एवं कृषि कल्याण विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया है । जल्द किसानों के लिए खाद उपलब्ध कराई जाएगी। - रणवीर सिंह लोहान, एसडीएम, होडल
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किसानों को कल मिलेगी डीएपी खाद, आज पलवल पहुंचेगी रैक
पलवल। किसानों को गेहूं की बिजाई के लिए मंगलवार को डीएपी खाद मिलने की उम्मीद है। सोमवार को खाद से भरा रैक पलवल पहुंचेगा। खाद की बढ़ती किल्लत को लेकर जिला उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार ने अधिकारियों को किसानों को खाद उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए और खाद विक्रेताओं के स्टॉक की जांच करने के लिए कहा है। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि खाद की किल्लत को दूर करने के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। इफको और निजी खाद विक्रेताओं को कहा गया है कि किसानों को खाद उपलब्ध करवाएं। खाद मांग के अनुसार मंगवाएं और किसानों में वितरित करें। निजी खाद विक्रेताओं का स्टॉक और रजिस्टर चेक किए जाएं। डीएपी खाद बिक्री की क्रॉस चेकिंग भी करें। डीएपी खाद के मामले में कहीं फर्जीवाड़ा पाया जाता है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। याद रहे कि गेहूं की बिजाई का उपयुक्त समय शुरू हो गया है। डीएपी खाद नहीं मिलने से किसान गेहूं की बिजाई नहीं कर पा रहे हैं। गेहूं की बिजाई में हो रही देरी से उत्पादन पर विपरीत असर पड़ता है। वहीं, कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि करीब 50 प्रतिशत किसान डीएपी खाद खरीदकर स्टॉक कर चुके हैं। जिन किसानों को डीएपी खाद नहीं मिला है, उन्हें उपलब्ध करवाया जाएगा। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर किसान एनपीके भी प्रयोग कर सकते हैं। संवाद
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