पिनगवां। सरकारी खरीद शुरू होने का इंतजार कर रहे किसानों ने बाजरे की फसल को फिलहाल रोककर रखा हुआ है। किसानों का कहना है कि निजी आढ़तियों द्वारा बाजरे की खरीद करीब 2000 से 2100 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर की जा रही है, जबकि सरकार की ओर से बाजरे का भाव करीब 2900 रुपये प्रति क्विंटल तय किए जाने की जानकारी है। ऐसे में किसान कम दाम पर फसल बेचने के बजाय सरकारी खरीद शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। किसान अंसार खान, दाऊद, हसन मोहम्मद और अम्मू प्रधान सहित अन्य किसानों ने बताया कि इस बार सीजन की शुरुआत में हुई बारिश के कारण बाजरे की फसल में नुकसान की आशंका बनी हुई थी। हालांकि, अधिकांश क्षेत्रों में फसल अच्छी हुई है और ज्यादातर जगहों पर बाजरे की बंपर पैदावार हुई है।
किसानों के मुताबिक अच्छी पैदावार और बेहतर सरकारी भाव मिलने से इस बार उन्हें फसल से अच्छे मुनाफे की उम्मीद है।किसानों ने बताया कि धान और बाजरे की कटाई के बाद मंडियों में फसल पहुंचनी शुरू हो गई है, लेकिन सरकारी खरीद शुरू नहीं होने के कारण उन्हें फसल अपने पास रोककर रखनी पड़ रही है। किसानों को उम्मीद है कि एक अक्टूबर से सरकारी खरीद शुरू हो जाएगी, जिसके बाद वे निर्धारित सरकारी भाव पर अपनी फसल बेच सकेंगे। वहीं, आढ़तियों का कहना है कि मंडियों में सरकारी खरीद शुरू होने की पूरी तैयारी है। किसानों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। आढ़तियों के अनुसार सरकार की ओर से एक अक्टूबर से खरीद शुरू होने की उम्मीद है।