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मंडी के गेटों पर किसानों ने किया प्रदर्शन

Wed, 27 Oct 2021 11:43 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 27 Oct 2021 11:43 PM IST
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Farmers demonstrated at the gates of Mandi
होडल। हसनपुर अनाज मंडी में धान की खरीद अब भी शुरू न होने से गुस्साए किसान बुधवार को फिर मंडी गेट पर धरने पर बैठ गए। ये किसान अलग-अलग तरीके से पिछले तीन दिनों से धरने पर बैठे हैं। सोमवार को किसानों ने गुस्से में आकर मंडी गेट पर ताला लगा दिया था, लेकिन बाद में उपायुक्त व एसडीएम द्वारा धान खरीद कराने के आश्वासन मिलने पर ताला खोल दिया था, लेकिन मंगलवार को भी जब खरीद शुरू नहीं हुई तो वे धरने पर बैठ गए।
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बुधवार को भी मंडी प्रधान संजय सरपंच के नेतृत्व में किसान व आढ़ती एकत्रित होकर धरने पर बैठ गए। उनका आरोप था कि राइज मिल मालिक व अधिकारी धान खरीदने पर भी रिश्वत मांग रहे हैं। उधर बाजरा की जगह पोर्टल पर धान का रजिस्ट्रेशन कर देने से परेशान किसान अपनी फसल का रजिस्ट्रेशन ठीक कराने की मांग को लेकर अधिकारियों के यहां चक्कर काट रहे हैं। किसानों व मंडी एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना था कि फसल की खरीद में घोटाले के मामले की शिकायत मंगलवार को पलवल में आए प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारीलाल व जिला उपायुक्त कृष्ण कुमार से की गई थी। उन्होंने बुधवार को मंडी में खरीद करने का आश्वासन दिया था, लेकिन मंडी सचिव ने मंडी के गेटों से ताला तोड़कर फर्जी खरीद शुरू कर दी। मंडी में मौजूद किसान डोरीलाल ने बताया कि उसकी धान की फसल की खरीद हुए 10 दिन हो गए, परन्तु अब तक वारदाना नहीं दिया गया।
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धरने की सूचना पर मंडी के जिला विपणन एवं प्रवर्तन अधिकारी राममेहर जागलान धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों व आढ़तियों से बातचीत कर धरना खत्म कर खरीद करने की बात की। किसानों ने मांग की कि उनकी फसल को करनाल की मंडी में बिक्री करने की मंजूरी दी जाए। बाद में जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक नरेन्द्र कुमार भी मौके पर पहुंचे तथा किसानों को जल्द धान खरीद कराने का आश्वासन दिया, लेकिन किसानों व आढ़तियों ने धान खरीद नहीं होने दी।
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अधिकारियों के कार्यालय में काट रहे किसान चक्कर
जिन किसानों की बाजरा की जगह धान की फसल का रजिस्ट्रेशन कर दिया गया है, वे अपनी फसल के रजिस्ट्रेशन को ठीक कराने के लिए अधिकारियों के यहां चक्कर काट रहे हैं। लेकिन उनकी फसल को ठीक नहीं किया जा रहा है। ऐसे पलवल जिले में 500 से अधिक किसान हैं।

सरकार ने अब कर दिया पोर्टल बंद
जिस पोर्टल पर आनलाइन फसलों के रजिस्ट्रेशन को तबदील कर ठीक किया जाना है, उस पोर्टल को अब सरकार ने बंद कर दिया है। बाजरा की फसल का यदि राजस्व अधिकारियों ने धान के नाम पर रजिस्ट्रेशन कर दिया है, उनका रजिस्ट्रेशन अब ठीक नहीं हो पा रहा है। किसानों का कहना है कि सरकार जानबूझकर अधिकारियों से ऐसा करा रही है, ताकि किसानों को बाजरा की फसल पर 600 रुपये सब्सिडी भरपाई योजना के तहत न देनी पड़े। सब्सिडी का लाभ वे आढ़ती उठा रहे हैं, जिन्होंने अधिकारियों के साथ मिलकर गलत तरीके से बाजरा की फसल अपने नाम पर पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराई है।
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