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धरना स्थल पर किसान की मौत

Thu, 02 Dec 2021 10:33 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 02 Dec 2021 10:33 PM IST
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Farmer dies at picket site
पलवल। केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर पिछले एक साल से चल रहे धरने में शामिल एक 58 वर्षीय किसान की बुधवार रात को मौत हो गई। गांव दीघोट निवासी किसान गिर्राज संत पिछले कई माह से धरना स्थल पर मौजूद था। किसान संघर्ष समिति के अनुसार गिर्राज को दो दिन पहले बुखार हुआ था, जिसकी दवाई दिला दी गई थी। बुधवार रात को वह खाना खाकर सोया था। शायद ठंड की वजह से गिर्राज की मौत हो गई। बृहस्पतिवार को गिर्राज के शव का जिला नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया गया।
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किसान संघर्ष समिति पलवल ने दीघोट में जाकर उनका अंतिम संस्कार करवाया। इस अवसर पर समिति के पदाधिकारियों ने पुष्पांजलि कर किसान गिर्राज को श्रद्धांजलि अर्पित की। न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी, बिजली संशोधन बिल को रद्द करने सहित अन्य मांगों को लेकर चल रहा किसान आंदोलन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। नरेंद्र सिंह सहरावत गहलव द्वारा संचालित धरने की अध्यक्षता कुलभानु कुमार छाता ने की। धरने में किसानों ने निर्णय लिया कि किसानों की जरूरी मांगों पर सरकार के रुख को ध्यान में रखकर आगामी चार दिसंबर को आयोजित किसान मोर्चा की बैठक में अगले आंदोलन की दिशा तय होगी। किसान नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि एमएसपी में किसानों को एक तय दाम से कम कीमत पर अपनी फसल को बेचने की मजबूरी नहीं होती है। सरकार को निर्धारित दाम पर किसान की फसल खरीदनी पड़ती है। कृषि कानूनों के जरिए एमएसपी खत्म करने की साजिश हो रही थी। किसान नेता राजकुमार ओलिहान घुघेरा ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा भी सरकार की मंशा को देख रहा है। अगर सरकार किसानों की मांगों पर सकारात्मक रुख रखती है तो किसान भी अपना सहयोग देने को तैयार रहेगा। धरने को किसान नेता सोहनपाल चौहान, राजकुमार ओलिहान, रूपराम तेवतिया, ग्यासी छाता, नंदराम शर्मा, राजेंद्र घर्रोट, चेतराम मेंबर, अच्छे लाल, बीर सिंह, रोशन लाल कुंडू, गोपी हवलदार ने भी संबोधित किया।
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एक करोड़ का मुआवजा व परिजन को नौकरी देने की मांग
बुधवार देर रात हुई किसान गिर्राज की मौत पर धरना स्थल पर श्रद्धाजंलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। इस अवसर पर किसानों ने केंद्र सरकार से उन्हें शहीद का दर्जा देने, एक परिजन को नौकरी देने तथा एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की। किसानों ने आज फिर दोहराया कि जब तक एमएसपी पर कानून नहीं बनता, किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए जाते व 700 किसानों को मुआवजा नहीं मिलता तब तक धरना जारी रहेगा।
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