{"_id":"6442cb87c1ead3d006035216","slug":"facilities-not-available-even-after-paying-toll-on-delhi-agra-highway-palwal-news-c-1-1-452999-2023-04-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Palwal News: दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर टोल देने के बाद भी नहीं मिलतीं सुविधाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Palwal News: दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर टोल देने के बाद भी नहीं मिलतीं सुविधाएं
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैप्शन: 11- पलवल में दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर पड़ा गंदगी का ढेर कैप्शन: 12- दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर टूटी सड़क कैप्शन: 13- करण सिंह दलाल, पूर्व मंत्री हरियाणा
उच्च न्यायालय द्वारा गठित कमीशन द्वारा अदालत में प्र्रस्तुत की गई रिपोर्ट के बाद फिर चर्चा में आया गदपुरी टोल
-पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल की याचिका पर गठित कमीशन ने दी अपनी रिपोर्ट
-राजमार्ग पर टूटी सड़कें, जलभराव व गंदगी के ढेर तथा सिक्सलेन नियमों का उल्लंघन
अनूप पाराशर
पलवल। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और जिला प्रशासन की अनदेखी के कारण दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर टोल देने के बाद भी वाहन चालकों को सुरक्षित सफर करना मुश्किल हो रहा है। जहां गदपुरी व करमन सीमा पर अव्यवस्था के कारण आए दिन लगने वाले जाम से वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं राजमार्ग पर हर समय पड़े गंदगी के ढेर, जलभराव व टूूटी सड़कें भी वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का कारण बनती हैं। इन सभी कारणों को दर्शाते हुए पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल की याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा गठित कमीशन ने भी अपनी मुहर लगाते हुए सिक्सलेन निर्माण की शर्तों को पूरा किए बिना तथा पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही है। कमीशन की रिपोर्ट के बाद गदपुरी में लगाया गया टोल फिर से चर्चाओं में आ गया है। लोगों का मानना है कि कमीशन की रिपोर्ट के बाद टोल बंद होने के भी आसार बन गए हैं।
दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर बल्लभगढ़ से लेकर करमन सीमा तक सड़क की हालत बेहद खराब है। जगह-जगह से सड़कें टूटी पड़ी हैं। सड़कों में कई जगह तो ऐसे गड्ढे औेर कटाव हैं कि दुपहिया वाहन चालक उनके कारण गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। जब इन गड्ढों की शिकायत प्रशासन से की जाती है तो उन्हें मामूली सा भर दिया जाता है, जो एक-दो दिन बाद फिर से टूट जाती हैं। इन टूटी सड़कों के कारण हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
विज्ञापन
इतना ही नहीं, राजमार्ग पर जगह-जगह गंदगी के ढेर भी पड़े नजर आते हैं। ये गंदगी के ढेर लोगों को राजमार्ग की सुविधाओं को लेकर मुंह चिढ़ाते हैं। गंदगी के पड़े ये ढेर जिले की भी गंदी तस्वीर पर्यटकों के आगे पेश करते हैं। राजमार्ग पर बेसहारा पशुओं का भी जमघट रहता है। ऐसे में ये पशु सड़कों के बीचों-बीच बैठकर दुर्घटनाओं को निमंत्रण देते हैं। लोगों का कहना है कि इतना मोटा टोल वसूलने के बाद भी प्रशासन तथा राजमार्ग प्राधिकरण का इन समस्याओं की तरफ कोई ध्यान नहीं है। टोल वसूलने से पहले इन समस्याओं का समाधान होना चाहिए।
उम्मीद है कि उच्च न्यायालय इस टोल को बंद कराएगा : दलाल
पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल का कहना है कि राजमार्ग पर सुविधाओं का अभाव तथा सिक्सलेन की शर्तों को पूरा किए बिना गदपुरी में शुरू किए गए टोल के खिलाफ उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। जिस पर न्यायालय ने दो सदस्यीय कमीशन गठित किया तथा कमीशन ने दिल्ली से लेकर आगरा तक राजमार्ग का निरीक्षण करने के बाद अपनी रिपोर्ट न्यायालय को सौंप दी है। दलाल ने कहा कि कमीशन द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट में भी सिक्सलेन के निर्माण में अनियमितताएं दर्शाई गई हैं। कमीशन ने भी रिपोर्ट में कहा है कि बल्लभगढ़़, पलवल में सिक्सलेन के बजाय चार लेन का पुल बना दिया। जगह-जगह सड़कें टूटी हैं, जलभराव है तथा गंदगी के ढेर हैं। सुविधाएं पूरी नहीं है। दलाल का कहना है कि उन्हें न्यायालय से उम्मीद है कि कमीशन द्वारा प्रस्तुत की गई रिपोर्ट को देख उच्च न्यायालय इस टोल को बंद कराएगा।
विज्ञापन
उच्च न्यायालय द्वारा गठित कमीशन द्वारा अदालत में प्र्रस्तुत की गई रिपोर्ट के बाद फिर चर्चा में आया गदपुरी टोल
-पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल की याचिका पर गठित कमीशन ने दी अपनी रिपोर्ट
-राजमार्ग पर टूटी सड़कें, जलभराव व गंदगी के ढेर तथा सिक्सलेन नियमों का उल्लंघन
अनूप पाराशर
पलवल। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और जिला प्रशासन की अनदेखी के कारण दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर टोल देने के बाद भी वाहन चालकों को सुरक्षित सफर करना मुश्किल हो रहा है। जहां गदपुरी व करमन सीमा पर अव्यवस्था के कारण आए दिन लगने वाले जाम से वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं राजमार्ग पर हर समय पड़े गंदगी के ढेर, जलभराव व टूूटी सड़कें भी वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का कारण बनती हैं। इन सभी कारणों को दर्शाते हुए पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल की याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा गठित कमीशन ने भी अपनी मुहर लगाते हुए सिक्सलेन निर्माण की शर्तों को पूरा किए बिना तथा पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही है। कमीशन की रिपोर्ट के बाद गदपुरी में लगाया गया टोल फिर से चर्चाओं में आ गया है। लोगों का मानना है कि कमीशन की रिपोर्ट के बाद टोल बंद होने के भी आसार बन गए हैं।
विज्ञापन
दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर बल्लभगढ़ से लेकर करमन सीमा तक सड़क की हालत बेहद खराब है। जगह-जगह से सड़कें टूटी पड़ी हैं। सड़कों में कई जगह तो ऐसे गड्ढे औेर कटाव हैं कि दुपहिया वाहन चालक उनके कारण गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। जब इन गड्ढों की शिकायत प्रशासन से की जाती है तो उन्हें मामूली सा भर दिया जाता है, जो एक-दो दिन बाद फिर से टूट जाती हैं। इन टूटी सड़कों के कारण हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
विज्ञापन
इतना ही नहीं, राजमार्ग पर जगह-जगह गंदगी के ढेर भी पड़े नजर आते हैं। ये गंदगी के ढेर लोगों को राजमार्ग की सुविधाओं को लेकर मुंह चिढ़ाते हैं। गंदगी के पड़े ये ढेर जिले की भी गंदी तस्वीर पर्यटकों के आगे पेश करते हैं। राजमार्ग पर बेसहारा पशुओं का भी जमघट रहता है। ऐसे में ये पशु सड़कों के बीचों-बीच बैठकर दुर्घटनाओं को निमंत्रण देते हैं। लोगों का कहना है कि इतना मोटा टोल वसूलने के बाद भी प्रशासन तथा राजमार्ग प्राधिकरण का इन समस्याओं की तरफ कोई ध्यान नहीं है। टोल वसूलने से पहले इन समस्याओं का समाधान होना चाहिए।
उम्मीद है कि उच्च न्यायालय इस टोल को बंद कराएगा : दलाल
पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल का कहना है कि राजमार्ग पर सुविधाओं का अभाव तथा सिक्सलेन की शर्तों को पूरा किए बिना गदपुरी में शुरू किए गए टोल के खिलाफ उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। जिस पर न्यायालय ने दो सदस्यीय कमीशन गठित किया तथा कमीशन ने दिल्ली से लेकर आगरा तक राजमार्ग का निरीक्षण करने के बाद अपनी रिपोर्ट न्यायालय को सौंप दी है। दलाल ने कहा कि कमीशन द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट में भी सिक्सलेन के निर्माण में अनियमितताएं दर्शाई गई हैं। कमीशन ने भी रिपोर्ट में कहा है कि बल्लभगढ़़, पलवल में सिक्सलेन के बजाय चार लेन का पुल बना दिया। जगह-जगह सड़कें टूटी हैं, जलभराव है तथा गंदगी के ढेर हैं। सुविधाएं पूरी नहीं है। दलाल का कहना है कि उन्हें न्यायालय से उम्मीद है कि कमीशन द्वारा प्रस्तुत की गई रिपोर्ट को देख उच्च न्यायालय इस टोल को बंद कराएगा।