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शादियों में हो रही आतिशबाजी से प्रदूषित हो रहा वातावरण

Sun, 12 Dec 2021 11:03 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 12 Dec 2021 11:03 PM IST
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Environment getting polluted due to fireworks happening in weddings
पलवल। जिले में लोग कूड़ा, पराली जलाने और सड़कों पर उड़ती धूल से परेशान हैं। अब शादियों में होने वाली आतिशबाजी के धुएं से भी दिक्कतें हो रही हैं। आतिशबाजी का धुआं लोगों के लिए काफी खतरनाक है। इससे सांस के रोगियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शादियों में चलाई जा रही आतिशबाजी से इतना जहरीला धुआं निकलता है कि वहां से निकलने वाले लोगों का हाल बेहाल हो जाता है। प्रशासन व प्रदूषण नियंत्रण विभाग का इस तरफ बिल्कुल ध्यान नहीं है।
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दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में एनजीटी और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आतिशबाजी करने पर पूर्णतया रोक लगी हुई है, लेकिन इसके बावजूद जिले में आतिशबाजी हो रही है। कहीं शादी हो या फिर कोई मांगलिक कार्यक्रम लोग आतिशबाजी अवश्य करते हैं। ऐसे में आतिशबाजी करने के बाद इतना अधिक धुआं निकलता है कि वह आसपास के माहौल को बेहद प्रदूषित कर देता है। जहां आतिशबाजी होती है, वहां मौजूद लोगों का तो बुरा हाल होता ही है आसपास का वातावरण भी बेहद प्रभावित होता है।
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रोक के बाद भी बेखबर प्रशासन
शादियों और अन्य मांगलिक कार्यक्रमों में की जा रही आतिशबाजी कहां पर हो रही है, इसकी जानकारी प्रशासन, पुलिस व प्रदूषण नियंत्रण विभाग को नहीं है। शादी में आतिशबाजी जमकर हो रही है, जबकि दिल्ली-एनसीआर में पटाखे बेचने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है और पलवल एनसीआर क्षेत्र में ही आता है। इन सबके बावजूद अब तक पुलिस व प्रशासन द्वारा इस तरफ ध्यान नहीं दिया गया है।
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सुबह होते ही आसमान में दिखाई देता है धुआं ही धुआं
रात को शादियों में होने वाली आतिशबाजी के कारण सुबह से ही आसमान में धुआं ही धुआं दिखाई देता है। चारों तरफ धुएं की चादर सी बिछी नजर आती है। इससे सांस के मरीजों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। उन्हें सांस लेने में मुश्किल होने लगती है। इसके साथ ही आंखों में एलर्जी की समस्या हो जाती है।
आतिशबाजी पर रोक लगनी चाहिए। इससे पर्यावरण तो प्रदूषित होता ही है। साथ ही पशु-पक्षियों को भी नुकसान होता है। पेड़-पौधों को भी आतिशबाजी से नुकसान होता है।

- राम कुमार बघेल, संयोजक पर्यावरण सचेतक समिति
आतिशबाजी का धुआं सांस व दिल के मरीजों के लिए बेहद खतरनाक होता है। इससे बचना चाहिए। आतिशबाजी कर वातावरण को और प्रदूषित नहीं करना चाहिए।
- डॉ. राजीव अग्रवाल, हृदय रोग विशेषज्ञ
प्रदूषण नियंत्रण विभाग को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी कि पटाखे बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों को भी जागरूक किया जाएगा कि शादियों में पटाखे न चलाएं।
- कृष्ण कुमार, उपायुक्त पलवल
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