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Palwal News: आदेश मुरझाया, एक्सप्रेसवे पर अतिक्रमण-अवैध कट गुलजार
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एनएच-44, केएमपी और केजीपी के आसपास अतिक्रमण, अवैध निर्माण, अनधिकृत पार्किंग के खिलाफ गठित की गई थी टीम
तीन दिन में मांगी थी कार्रवाई रिपोर्ट, हालात जस के तस
1 सितंबर को केएमपी हुए हादसे में छह लोगों की हुई थी मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। राष्ट्रीय राजमार्गों को अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों से मुक्त कराने का जिला प्रशासन का आदेश फिलहाल कागजों तक ही सीमित नजर आ रहे हैं। केएमपी एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में छह लोगों की मौत के 13 दिन बाद भी सड़क किनारे अनधिकृत पार्किंग और अवैध कट की समस्या बरकरार है। केएमपी पर पहले की तरह ही शराब के ठेके के सामने भारी वाहन खड़े दिखाई दे रहे हैं। इससे एक्सप्रेसवे पर हादसों का खतरा बना हुआ है।
उपायुक्त डॉ. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने एनएच-44, केएमपी और केजीपी के आसपास अतिक्रमण, अवैध निर्माण, अनधिकृत पार्किंग और डिवाइडर को अवैध रूप से काटे जाने के खिलाफ कार्रवाई के लिए संयुक्त कार्यबल गठित किया था। टीम को निरीक्षण कर तीन दिन में कार्रवाई रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद केएमपी पर ये समस्याएं दिखाई दे रही हैं।
पार्किंग की व्यवस्था नहीं होना समस्या
हाईवे के आसपास कई शराब के ठेके और ढाबे संचालित हैं। पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण वाहन चालक एक्सप्रेसवे या उसके किनारे वाहन खड़ा कर शराब खरीदने और ढाबों पर खाने चले जाते हैं। सड़क पर खड़े भारी वाहनों में पीछे से आने वाले वाहनों के टकराने की आशंका रहती है। पड़ताल के दौरान एनएच-44 और केएमपी के आसपास कई स्थानों पर डिवाइडर की ग्रिल काटकर अवैध कट बने मिले। इसके साथ ही शराब ठेका मालिकों और ढाबा संचालकों ने अपनी निजी जमीन पर ढाबे और शराब के ठेके खोले हुए हैं और उनके सामने कच्चा रास्ता भी बनाया हुआ है, ताकी वाहन चालक सीधे उनके ढाबों व ठेकों पर पहुंच सके।
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दो सप्ताह बाद भी रिपोर्ट नहीं
एक सितंबर को केएमपी पर हुए भीषण हादसे में छह लोगों की मौत और 15 लोग घायल हुए थे। हादसे के बाद प्रशासन ने हाईवे पर अनधिकृत पार्किंग, अवैध कट और अन्य खामियों को दूर करने के लिए संबंधित विभागों से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन करीब दो सप्ताह बाद भी कई स्थानों पर स्थिति में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आ रहा।
निगरानी में लगी हैं कई विभागों की टीम
कार्रवाई के लिए एसडीएम की निगरानी में पुलिस, जिला नगर योजनाकार, परिवहन, आबकारी, बिजली, खाद्य एवं आपूर्ति, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राजस्व विभाग और संबंधित हाईवे एजेंसियों के अधिकारियों को शामिल किया गया है। आदेश में अवैध निर्माण हटाने, प्रतिष्ठानों को सील करने, अवैध बिजली-पानी कनेक्शन काटने और हाईवे पर खड़े वाहनों के चालान कर हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
वर्जन
एनएच-44, केएमपी और केजीपी पर अतिक्रमण, अनधिकृत पार्किंग, अवैध कट और अन्य गतिविधियां किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। संयुक्त कार्यबल को निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई और निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट देने के निर्देश हैं। जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में लापरवाही मिलने पर संबंधित विभाग की जिम्मेदारी तय की जाएगी। - डॉ. जयेन्द्र सिंह छिल्लर, उपायुक्त
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तीन दिन में मांगी थी कार्रवाई रिपोर्ट, हालात जस के तस
1 सितंबर को केएमपी हुए हादसे में छह लोगों की हुई थी मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। राष्ट्रीय राजमार्गों को अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों से मुक्त कराने का जिला प्रशासन का आदेश फिलहाल कागजों तक ही सीमित नजर आ रहे हैं। केएमपी एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में छह लोगों की मौत के 13 दिन बाद भी सड़क किनारे अनधिकृत पार्किंग और अवैध कट की समस्या बरकरार है। केएमपी पर पहले की तरह ही शराब के ठेके के सामने भारी वाहन खड़े दिखाई दे रहे हैं। इससे एक्सप्रेसवे पर हादसों का खतरा बना हुआ है।
उपायुक्त डॉ. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने एनएच-44, केएमपी और केजीपी के आसपास अतिक्रमण, अवैध निर्माण, अनधिकृत पार्किंग और डिवाइडर को अवैध रूप से काटे जाने के खिलाफ कार्रवाई के लिए संयुक्त कार्यबल गठित किया था। टीम को निरीक्षण कर तीन दिन में कार्रवाई रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद केएमपी पर ये समस्याएं दिखाई दे रही हैं।
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पार्किंग की व्यवस्था नहीं होना समस्या
हाईवे के आसपास कई शराब के ठेके और ढाबे संचालित हैं। पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण वाहन चालक एक्सप्रेसवे या उसके किनारे वाहन खड़ा कर शराब खरीदने और ढाबों पर खाने चले जाते हैं। सड़क पर खड़े भारी वाहनों में पीछे से आने वाले वाहनों के टकराने की आशंका रहती है। पड़ताल के दौरान एनएच-44 और केएमपी के आसपास कई स्थानों पर डिवाइडर की ग्रिल काटकर अवैध कट बने मिले। इसके साथ ही शराब ठेका मालिकों और ढाबा संचालकों ने अपनी निजी जमीन पर ढाबे और शराब के ठेके खोले हुए हैं और उनके सामने कच्चा रास्ता भी बनाया हुआ है, ताकी वाहन चालक सीधे उनके ढाबों व ठेकों पर पहुंच सके।
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दो सप्ताह बाद भी रिपोर्ट नहीं
एक सितंबर को केएमपी पर हुए भीषण हादसे में छह लोगों की मौत और 15 लोग घायल हुए थे। हादसे के बाद प्रशासन ने हाईवे पर अनधिकृत पार्किंग, अवैध कट और अन्य खामियों को दूर करने के लिए संबंधित विभागों से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन करीब दो सप्ताह बाद भी कई स्थानों पर स्थिति में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आ रहा।
निगरानी में लगी हैं कई विभागों की टीम
कार्रवाई के लिए एसडीएम की निगरानी में पुलिस, जिला नगर योजनाकार, परिवहन, आबकारी, बिजली, खाद्य एवं आपूर्ति, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राजस्व विभाग और संबंधित हाईवे एजेंसियों के अधिकारियों को शामिल किया गया है। आदेश में अवैध निर्माण हटाने, प्रतिष्ठानों को सील करने, अवैध बिजली-पानी कनेक्शन काटने और हाईवे पर खड़े वाहनों के चालान कर हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
वर्जन
एनएच-44, केएमपी और केजीपी पर अतिक्रमण, अनधिकृत पार्किंग, अवैध कट और अन्य गतिविधियां किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। संयुक्त कार्यबल को निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई और निर्धारित समय में अनुपालन रिपोर्ट देने के निर्देश हैं। जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में लापरवाही मिलने पर संबंधित विभाग की जिम्मेदारी तय की जाएगी। - डॉ. जयेन्द्र सिंह छिल्लर, उपायुक्त