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कर्मचारियों ने उपायुक्त कार्यालय पर किया प्रदर्शन
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पलवल। प्रदेश सरकार से लगातार मांग उठा रहे हरियाणा गवर्नमेंट पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन के कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने अपनी मांगों का एक 12 सूत्रीय ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम सौंपा।
राज्य कमेटी के सदस्य राकेश तंवर और योगेश शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार लोक निर्माण विभाग के तीनों विभागों के कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी कर रही है। सरकार पंचायतों व नगर निगम को जलापूर्ति और सिंचाई व भवन एवं सड़क विभाग के सभी कार्य ठेके के माध्यम से कराकर तीनों विभागों को खत्म करने का प्रयास कर रही है। कच्चे कर्मचारियों को न तो सम्मानजनक वेतन दिया जा रहा है और न ही नियमित किया जा रहा है। सिंचाई विभाग में कैनाल गार्ड की उच्च भर्ती योग्यता के बावजूद भी तृतीय श्रेणी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जा रहा है। पंचायती पंप चालकों को 6 महीने से वेतन नहीं मिला है। जिन पदों की भर्ती योग्यता मैट्रिक के साथ आईटीआई है, उन्हें अन्य विभागों की तर्ज पर 2400 रुपये के ग्रेड पे नहीं दिया जा रहा है। इस दौरान मांग उठाई गई कि लिपिक के पद पर पदोन्नति होने पर ग्रुप डी के कर्मचारियों को टाइपिंग टेस्ट में छूट प्रदान की जाए। गेज रीडर और मेट को तृतीय श्रेणी के कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। चेतावनी दी गई कि अगर सरकार मांगों की अनदेखी करेगी, तो मजबूरन 14 मार्च को पूरे प्रदेश का पीडब्ल्यूडी कर्मचारी मुख्यमंत्री आवास पर प्रदर्शन करेगा। प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला प्रधान बीर सिंह सौरोत व मंच संचालन जिला सचिव बिजेंद्र चौहान ने की। इस मौके पर राजेश शर्मा, राजकुमार डागर, हरकेश सौरोत, प्रताप फौजी, रमेश डागर, राजेश शर्मा, सतपाल कराहना, हरिचंद रावत, राजपाल आदि मौजूद रहे।
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राज्य कमेटी के सदस्य राकेश तंवर और योगेश शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार लोक निर्माण विभाग के तीनों विभागों के कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी कर रही है। सरकार पंचायतों व नगर निगम को जलापूर्ति और सिंचाई व भवन एवं सड़क विभाग के सभी कार्य ठेके के माध्यम से कराकर तीनों विभागों को खत्म करने का प्रयास कर रही है। कच्चे कर्मचारियों को न तो सम्मानजनक वेतन दिया जा रहा है और न ही नियमित किया जा रहा है। सिंचाई विभाग में कैनाल गार्ड की उच्च भर्ती योग्यता के बावजूद भी तृतीय श्रेणी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जा रहा है। पंचायती पंप चालकों को 6 महीने से वेतन नहीं मिला है। जिन पदों की भर्ती योग्यता मैट्रिक के साथ आईटीआई है, उन्हें अन्य विभागों की तर्ज पर 2400 रुपये के ग्रेड पे नहीं दिया जा रहा है। इस दौरान मांग उठाई गई कि लिपिक के पद पर पदोन्नति होने पर ग्रुप डी के कर्मचारियों को टाइपिंग टेस्ट में छूट प्रदान की जाए। गेज रीडर और मेट को तृतीय श्रेणी के कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। चेतावनी दी गई कि अगर सरकार मांगों की अनदेखी करेगी, तो मजबूरन 14 मार्च को पूरे प्रदेश का पीडब्ल्यूडी कर्मचारी मुख्यमंत्री आवास पर प्रदर्शन करेगा। प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला प्रधान बीर सिंह सौरोत व मंच संचालन जिला सचिव बिजेंद्र चौहान ने की। इस मौके पर राजेश शर्मा, राजकुमार डागर, हरकेश सौरोत, प्रताप फौजी, रमेश डागर, राजेश शर्मा, सतपाल कराहना, हरिचंद रावत, राजपाल आदि मौजूद रहे।
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