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Palwal News: निजीकरण के विरोध में आज से हड़ताल करेंगे बिजली कर्मचारी
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पुन्हाना बिजली कार्यालय के सामने कर्मचारियों ने निजी कंपनी को लाइसेंस देने के विरोध में जलाईं प्रतियां
मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। हरियाणा में बिजली वितरण व्यवस्था के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारी 22 से 24 अक्टूबर तक तीन दिवसीय हड़ताल करेंगे। मंगलवार को संयुक्त संघर्ष मोर्चा बिजली बोर्ड के बैनर तले पुन्हाना बिजली कार्यालय के सामने कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया और इलेवन पावर लिमिटेड को पैरलल लाइसेंस देने के विरोध में उसकी प्रतियां जलाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि सरकार ने लाइसेंस रद्द कर बातचीत नहीं की तो हड़ताल को अनिश्चितकालीन किया जा सकता है।
कर्मचारी नेताओं ने बताया कि बिजली बोर्ड के निजीकरण और लंबित मांगों को लेकर 11, 12 और 13 अगस्त को प्रस्तावित हड़ताल को बिजली मंत्री अनिल विज के आश्वासन के बाद दो महीने के लिए स्थगित कर दिया गया था। उस समय सरकार की ओर से लिखित पत्र भी जारी किया गया था। कर्मचारियों का आरोप है कि दो महीने बीतने के बावजूद उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके उलट सरकार ने नूंह और गुरुग्राम में बिजली वितरण के लिए निजी कंपनी को लाइसेंस दे दिया। इससे कर्मचारियों में रोष है।
संयुक्त संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि बिजली वितरण व्यवस्था में निजी कंपनियों को प्रवेश देना आम उपभोक्ताओं, किसानों, गरीब परिवारों और कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है। बिजली प्रत्येक घर की बुनियादी जरूरत है। सरकार की जिम्मेदारी है कि लोगों को सस्ती दरों पर निर्बाध बिजली उपलब्ध कराए, लेकिन निजी कंपनियों को मुनाफा कमाने का अवसर देने से भविष्य में बिजली महंगी होने की आशंका है। इसका सीधा असर आम जनता और किसानों पर पड़ेगा।
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कर्मचारी नेताओं ने आम लोगों से भी बिजली विभाग को निजी हाथों में जाने से बचाने के लिए सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि 22 से 24 अक्टूबर तक हड़ताल को सफल बनाने के लिए कर्मचारी एकजुट होकर भाग लेंगे। पुन्हाना सबडिवीजन के कर्मचारियों ने दावा किया कि हड़ताल के दौरान सबडिवीजन का एक-एक कर्मचारी इसमें शामिल रहेगा।
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मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। हरियाणा में बिजली वितरण व्यवस्था के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारी 22 से 24 अक्टूबर तक तीन दिवसीय हड़ताल करेंगे। मंगलवार को संयुक्त संघर्ष मोर्चा बिजली बोर्ड के बैनर तले पुन्हाना बिजली कार्यालय के सामने कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया और इलेवन पावर लिमिटेड को पैरलल लाइसेंस देने के विरोध में उसकी प्रतियां जलाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि सरकार ने लाइसेंस रद्द कर बातचीत नहीं की तो हड़ताल को अनिश्चितकालीन किया जा सकता है।
कर्मचारी नेताओं ने बताया कि बिजली बोर्ड के निजीकरण और लंबित मांगों को लेकर 11, 12 और 13 अगस्त को प्रस्तावित हड़ताल को बिजली मंत्री अनिल विज के आश्वासन के बाद दो महीने के लिए स्थगित कर दिया गया था। उस समय सरकार की ओर से लिखित पत्र भी जारी किया गया था। कर्मचारियों का आरोप है कि दो महीने बीतने के बावजूद उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके उलट सरकार ने नूंह और गुरुग्राम में बिजली वितरण के लिए निजी कंपनी को लाइसेंस दे दिया। इससे कर्मचारियों में रोष है।
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संयुक्त संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि बिजली वितरण व्यवस्था में निजी कंपनियों को प्रवेश देना आम उपभोक्ताओं, किसानों, गरीब परिवारों और कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है। बिजली प्रत्येक घर की बुनियादी जरूरत है। सरकार की जिम्मेदारी है कि लोगों को सस्ती दरों पर निर्बाध बिजली उपलब्ध कराए, लेकिन निजी कंपनियों को मुनाफा कमाने का अवसर देने से भविष्य में बिजली महंगी होने की आशंका है। इसका सीधा असर आम जनता और किसानों पर पड़ेगा।
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कर्मचारी नेताओं ने आम लोगों से भी बिजली विभाग को निजी हाथों में जाने से बचाने के लिए सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि 22 से 24 अक्टूबर तक हड़ताल को सफल बनाने के लिए कर्मचारी एकजुट होकर भाग लेंगे। पुन्हाना सबडिवीजन के कर्मचारियों ने दावा किया कि हड़ताल के दौरान सबडिवीजन का एक-एक कर्मचारी इसमें शामिल रहेगा।