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पहले लगवा नहीं रहे थे, अब टीके के लिए मचा रहे अफरा-तफरी

Tue, 18 May 2021 11:28 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 18 May 2021 11:28 PM IST
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Earlier, I was not getting engaged, now there is chaos for vaccines
प्रवीण बैंसला
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पलवल। कोरोना महामारी की दूसरी लहर में बढ़ते मौत के आंकड़े से लोगों में डर साफ दिखाई दे रहा है। बेहतर इलाज के अभाव में कोरोना से बचाव के लिए लोग टीके को ही एकमात्र विकल्प मान रहे हैं। हालात यह हैं कि जिला नागरिक अस्पताल में वैक्सीन लगवाने के लिए अफरा-तफरी मची हुई है। इससे भी बुरा हाल स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से संस्थाओं द्वारा लगाए जा रहे वैक्सीनेशन शिविरों का है। शिविर में 100 डोज का इंतजाम किया जाता है, परंतु वैक्सीन लगवाने के लिए 250 से 300 लोग पहुंच जाते हैं, जिससे अफरातफरी मच जाती है।
दरअसल, सरकार ने कुछ माह पूर्व टीकाकरण का काम शुरू किया है। वैक्सीन के प्रति तरह-तरह की गलत सूचनाओं के चलते शुरुआत में लोगों ने रुचि नहीं दिखाई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा तरह-तरह के अभियान चलाकर लोगों से वैक्सीनेशन करवाने की अपील की, इसके फायदों के प्रति भी जागरूक किया, परंतु उसके बावजूद बेहद कम लोग वैक्सीन करवाने के लिए आगे आए। गांवों में टीकाकरण का आंकड़ा बेहद कम रहा है। स्वास्थ्य विभाग का वैक्सीन लगाने का लक्ष्य भी पूरा नहीं हो पा रहा था, परंतु जैसे ही कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप बढ़ा तो लोगों में वैक्सीन लगवाने की होड़ मच गई।
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शिविरों में रहती है अव्यवस्था, नहीं होता कोरोना प्रोटोकोल का पालन
कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए लोग हर संभव प्रयास कर रहे है। तरह-तरह से सिफारिशें लगवाकर जुगाड़ कर रहे हैं। अस्पताल के वैक्सीनेशन केंद्र पर भारी भीड़ जमा रहती है। अस्पताल में केवल ऐप पर रजिस्टर्ड करने वाले लोगों के मैसेज देखकर ही वैक्सीन लगाई जा रही है। यहां पर शारीरिक दूरी का पालन नजर नहीं आता। वहीं संस्थाओं द्वारा लगाए गए शिविरों में लोग अपेक्षा से ज्यादा पहुंच जाते हैं, क्योंकि यहां पर अभी भी पुराने तरीके से ही आधार नंबर लेकर वैक्सीन लगाई जा रही है। ज्यादा लोगों के पहुंचने से अव्यवस्था का माहौल बन जाता है। हालात यह हैं कि शिविर लगवाने वाले अपने जानकारों व रिश्तेदारों को प्राथमिकता के तौर पर वैक्सीन लगवाते हैं। आम लोगों का नंबर शिविरों में भी नहीं आ रहा है।
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दूसरी डोज के लिए भटक रहे बुजुर्ग
सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों को हो रही है। उनकी दूसरी डोज का समय आ गया है और उन्हें वैक्सीन नहीं लगाई जा रही है। वैक्सीन लगवाने के लिए बुजुर्ग भटकते फिर रहे हैं। बुजुर्गों का कहना है कि सरकार पर वैक्सीन की पूर्ति नहीं कर पा रही है, इसलिए दूसरी डोज का समय बढ़ा दिया गया है।
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सत्तापक्ष के नेताओं द्वारा ही वैक्सीनेशन कैंप लगवाए जाने के आरोप
जिले में लगवाए जा रहे कोरोना वैक्सीनेशन कैंप भी विवादों में आ गए हैं। आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग केवल सत्तापक्ष के नेताओं के अनुसार ही वैक्सीनेशन शिविर लगा रहा है, जिससे आम लोगों को इसका फायदा नहीं मिला। मंगलवार को पूर्व मंत्री व वरिष्ठ कांग्रेसी नेता करण सिंह दलाल ने कहा कि सत्तापक्ष के इशारे पर वैक्सीनेशन कैंप लगाना बेहद शर्म की बात है।

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प्रतिदिन लगाई जा रही एक हजार डोज
वैक्सीनेशन अभियान के प्रभारी डॉ. योगेश मलिक ने बताया कि जिले में प्रतिदिन करीब एक हजार लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है। विभाग का प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाई जाए, ताकि कोरोना से लड़ाई में जीत हासिल की जा सके।
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