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सरकार की घोषणा के बाद भी जिले में नहीं बनी ई-पंचायत

Thu, 29 Oct 2020 11:45 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 29 Oct 2020 11:45 PM IST
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E-Panchayat not formed in the district even after the government's announcement
पलवल (अनूप पाराशर)। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायतों को ई-पंचायत बनाने की घोषणा तो कर दी, लेकिन आज तक न तो सरपंचों को इसके लिए प्रशिक्षण दिया गया और न ही इसके लिए सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। ई-पंचायत बनाने के लिए पंचायतों में आज तक न तो कंप्यूटर लगाए गए हैं और न ही इंटरनेट सेवा उपलब्ध है। अब बिना कंप्यूटर व इंटरनेट सेवा के ई-पंचायत लागू नहीं हो पा रही है। स्थिति यह है कि अधिकांश सरपंचों को तो ई-पंचायत प्रणाली के बारे में कोई भी जानकारी नहीं है।
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प्रदेश सरकार ने गांवों के विकास के लिए आने वाली राशि का दुरुपयोग रोकने व भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए सभी ग्राम पंचायतों को ई-पंचायत बनाने की घोषणा की थी। इसके लिए पंच परमेश्वर योजना, परफार्मेंस गारंटी, स्व कराधान योजना, एकीकृत विकास कार्यक्रम, बीआरजीएफ और आरजीएफ योजनाओं में ई-पंचायत कक्ष का निर्माण किया जाना है। इसमें अति लघु बैंक (अल्ट्रा स्माल बैंक) भी स्थापित किए जाने हैं। इसमें ग्रामीणों के लिए जाति एवं आय प्रमाण पत्र, खसरा, नक्शा आदि जन सुविधाओं के साथ-साथ लघु बैंक के माध्यम से मनरेगा मजदूरी, सामाजिक पेंशन, बच्चों को मिलने वाली पेंशन राशि का भुगतान किया जाना है। (संवाद)
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ये होंगे फायदे
पंचायतों में पारदर्शिता लाने के लिए ई-पंचायत के बनने से गांव में विकास के लिए आने वाली राशि, खर्च की गई राशि, किस मद में कितनी राशि खर्च की गई व कब किस के लिए टेंडर छोड़ा गया। यह सब ई-पंचायत कक्षा में उपलब्ध कंप्यूटर पर ई-पोर्टल पर डाला जाना है, ताकि कोई भी गांव का व्यक्ति वहां आकर एक क्लिक पर कामकाज व विकास के लिए खर्च राशि, सरकार से आई ग्रांटों का हिसाब देख सकता है।
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लगाए जाने हैं उपकरण
ई-पंचायत के लिए सरकार की तरफ से ग्राम पंचायतों को कंप्यूटर, प्रिंटर व इंटरनेट सेवा उपलब्ध करानी है। कंप्यूटर में एमएस विंडोज 7, बेसिक आपरेटिंग सिस्टम, एमएस आफिस 2013, इडिक्ट प्रोडक्टविटी व सॉफ्टवेयर अपलोड करके देना है। इसके अलावा स्कैनर, लेजर प्रिंटर, यूपीएस, एलीडी 40 इंच, 8 पोर्टलेन स्विच, थ्री-पेच कार्ड व 8 जीबी पेन ड्राइव उपलब्ध करानी है।
वर्जन-
सरकार की तरफ से घोषणा तो की गई थी, लेकिन ई-पंचायत क्या है, इस बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है और न ही पंचायत विभाग द्वारा कोई जानकारी दी गई है। न ही सरकार से कोई सामान मिला है। - सुंदर, सरपंच गांव बाता
ई-पंचायत बनाने की घोषणा तो की गई थी, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया है। मैंने गांव में सरकार की घोषणा से पहले ही विकास कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए काम शुरू कर दिया था। अपने स्तर पर ही कंप्यूटर आदि की सुविधा उपलब्ध कराई हुई है। पंचायत विभाग को चाहिए कि वह सरकार की इस योजना को सिरे चढ़ाए। - सत्यदेव गौतम, सरपंच गांव भिडूकी

सरकार ने ई-पंचायत बनाने की घोषणा की थी, लेकिन अभी जिले में लागू नहीं हो पाई है। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। पहले सरपंचों ने विरोध कर दिया था। प्रयास है कि हर गांव को ई-पंचायत बनाया जाए। इसके लिए सरकार की घोषणा के अनुसार जो पंचायतों में काम कराने हैं, उन्हें जल्द पूरा कराया जाए। - शमशेर सिंह नेहरा, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी
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