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Palwal News: निजी स्कूलों की मनमानी के चलते, किताब-ड्रेस खरीदने को मजबूर हैं अभिभावक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 14 Apr 2026 12:27 AM IST
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Due to the arbitrariness of private schools, parents are forced to buy books and uniforms.
निजी स्कूलों पर मेहरबान शिक्षा विभाग, किताबों व वर्दी बेचने वाले स्कूलों पर कोई कार्यवाही नहीं
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बच्चों को परेशान करने के डर से झुक रहे अभिभावक
गुरुदत्त भारद्वाज

पुन्हाना। निजी स्कूलों में किताबों, स्टेशनरी और वर्दी की अनिवार्य खरीद को लेकर शिक्षा विभाग के सख्त निर्देश सिर्फ कागजों तक सीमित हैं। विभागीय दावों के बावजूद क्षेत्र के कई स्कूलों में खुलेआम अभिभावकों पर दबाव बनाकर स्कूल से ही सामान खरीदने को मजबूर किया जा रहा है और मनमाने दाम वसूल किए जा रहे है। इससे अभिभावकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। शिक्षा विभाग ने पहले स्पष्ट निर्देश जारी किए थे कि कोई भी निजी स्कूल अभिभावकों को स्कूल या किसी विशेष दुकान से किताबें, स्टेशनरी या वर्दी खरीदने के लिए बाध्य नहीं करेगा। नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई का भी दावा किया गया था। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। शहर सहित गांवों में खुले निजी स्कूल संचालक शिक्षा विभाग के नियमों को दरकिनार करते हुए अपने नियमों को लागू कर अविभावकों को जमकर लूट रहे हैं।

अभिभावकों का आरोप है कि निजी स्कूलों में खुलेआम दुकानें चलाई जा रही है लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारी मूकदर्शक बने हुए है। ऐसे में विभाग की लापरवाही के कारण स्कूल परिसर से किताबें न खरीदने व अन्य जगह से सामान खरीदने पर बच्चों को स्कूल में परेशान किए जाने की आशंका रहती है। कई अभिभावकों ने बताया कि बाजार में वही सामान कम कीमत पर उपलब्ध है, लेकिन मजबूरी में उन्हें महंगे दामों पर खरीदारी करनी पड़ती है। हैरानी की बात यह है कि विभागीय अधिकारियों द्वारा अब तक ऐसे किसी भी स्कूल का निरीक्षण नहीं किया गया है। इससे स्कूल संचालकों के हौसले बुलंद हैं और वे नियमों की खुलेआम अनदेखी कर रहे हैं। शिक्षा विभाग की इस उदासीनता को लेकर लोगों में रोष है। अभिभावकों ने मांग की है कि विभाग जल्द ही ऐसे स्कूलों पर कार्रवाई करे और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें, ताकि अभिभावकों को राहत मिल सके।
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ऐसे स्कूलों की जानकारी हासिल की जा रही है, जल्द ही ऐसे स्कूलों पर कार्यवाही की जाएगी जो विभाग के नियमों के विरूद्ध काम कर रहे है।

विरेन्द्र कुमार खंड शिक्षा अधिकारी
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