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Palwal News: पटवारियों की हड़ताल के चलते नहीं हो रहे जमीन जायदाद संबंधित कार्य

Sat, 03 Feb 2024 10:47 PM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल Updated Sat, 03 Feb 2024 10:47 PM IST
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Due to strike of Patwaris, work related to real estate is not being done.
- करीब दो करोड़ रुपये के राजस्व का हो रहा नुकसान
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संवाद न्यूज एजेंसी

होडल। एक माह पहले तीन जनवरी को शुरू हुई पटवारियों की हड़ताल निरंतर जारी है। इस बीच राजस्व पटवार एवं कानूनगो यूनियन की सरकार के साथ बैठक भी हो चुकी हैं, लेकिन सभी बैठकें अभी तक बेनतीजा रहीं हैं। सूत्रों के अनुसार अब हड़ताल आगामी एक सप्ताह तक और जारी रहेगी। पटवारी और कानूनगो के हड़ताल पर होने के बाद प्रशासन द्वारा आमजन के गिरदावरी, जमीन-जायदाद के पंजीकरण व बैंक संबंधित कार्यों को करने की कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई है। इस कारण पटवार घर में आने वाले उपभोक्ताओं को बगैर कार्य कराए ही वापस लौटने को मजबूर होना पड़ रह है।
बता दें कि वेतन विसंगतियों को दूर करने, राजस्व विभाग में पटवारियों की भर्ती करने व अतिरिक्त कार्य का बोझ कम करने के मामले को लेकर पटवारी और कानूनगो तीन जनवरी से हड़ताल कर कार्यों का बहिष्कार कर धरने पर बैठे हुए हैं। पिछले एक महीने से पटवारियों की हड़ताल का असर अब लघु सचिवालय में बैठने वाले स्टांप विक्रेता, टाइपिस्ट एवं अर्जीनवीस के अलावा जमीन जायदाद की खरीद-फरोख्त करने वाले पर पड़ने लगा है। हड़ताल के कारण न तो लोगों के जमीन-जायदाद और बैंक संबंधित कार्य हो पा रहे हैं और न ही जमीन के मुटेशन दर्ज हो रहे हैं। हड़ताल के चलते से पटवार घरों पर ताले लटके हुए हैं, जिसके कारण उपभोक्ता पटवारियों के यहां बार बार चक्कर लगाने को मजबूर हो रहे हैं। बता दें कि अपने वेतनमान की बढ़ोतरी की मांग को लेकर पटवारियों ने पिछले साल भी हड़ताल की थी, लेकिन सरकार द्वारा उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया जाने के कारण पटवारी दोबारा से हड़ताल पर चले गए हैं।
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तहसील में पहुंचे रामसिंह, मनोज, कुमार, रमेशचंद, उदयभान, रमनलाल, गंगाराम, भगवतदयाल का कहना था कि जब पटवारियों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल की है तो प्रशासन को कोई अन्य व्यवस्था करनी चाहिए। वह अपने आवश्यक दस्तावेजों को लेकर कड़ाके की सर्दी में पटवार घर पहुंचते हैं, लेकिन यहां पटवार में ताले लटके मिलते हैं। जिन्हें देखकर लौटने को मजबूर होना पड़ता है। पहले भी पटवारियों की हड़ताल हुई थी, लेकिन उस समय उनके सहायक कार्यालय में बैठे मिल जाते थे, लेकिन अबकी बार यहां पटवार घर के गेट पर ताले लटके हुए हैं और यह भी पता नहीं कि हड़ताल कब तक चलेगी।
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रोजाना दो करोड़ रुपये के राजस्व का हो रहा नुकसान
पलवल जिले के अंतर्गत आने वाली पलवल, होडल व हथीन तहसील में प्रतिदिन औसतन 250 रजिस्ट्रियां होती हैं, इसके सरकार को तकरीबन दो करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। इसके अलावा दाखिल-खारिज, दस्तावेज सत्यापन, जमीन की नपत व फसल गिरदावरी का कार्य भी ठप पड़ा हुआ है। प्रशासन द्वारा इन कार्यों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की है।

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पटवारियों के हड़ताल पर होन के कारण राजस्व संबंधित कार्य रुके पड़े हैं। कुछ कार्यों को वह अपने स्तर पर कराने का प्रयास करते हैं। जमीन की मुटेशन आदि के कार्य पटवारी के माध्यम से होते हैं। उन्होंने बताया कि पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन की राजस्व सचिव के साथ मीटिंग होनी है, जिसमें कोई समाधान निकलेगा।

- संजीव नागर, तहसीलदार
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