{"_id":"65143c474518151dc6038565","slug":"dozens-of-vehicles-stopped-in-the-name-of-checking-overload-released-after-12-hours-on-the-instructions-of-sdm-palwal-news-c-24-1-snoi1004-2431-2023-09-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Palwal News: ओवरलोड की जांच के नाम पर दर्जनों वाहनों को रोका, एसडीएम के निर्देश पर 12 घंटे बाद छोड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Palwal News: ओवरलोड की जांच के नाम पर दर्जनों वाहनों को रोका, एसडीएम के निर्देश पर 12 घंटे बाद छोड़ा
विज्ञापन
- एसडीएम ने चौकी प्रभारी को लगाई फटकार, कहा बिना आरटीए नहीं कर सकते जांच
- घंटों तक नूंह सड़क मार्ग पर खड़े रहे दर्जनों वाहन
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। आरटीओ की गैर मौजूदगी में लघु सचिवालय पुलिस द्वारा ओवरलोड की जांच के नाम पर भारी वाहनों को रोकने का मामला सामने आया है। चौकी प्रभारी ने मंगलवार देर सायं लघु सचिवालय के सामने नाकाबंदी कर दर्जनों डंपरों को रोक लिया और दूसरे दिन सुबह तक भी ना तो उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की गई और न ही उन्हें छोड़ा गया। पुलिस द्वारा बगैर कारण के डंपर रोके जाने की जानकारी चालकों ने वाहन मालिकों को दी। जिस पर दिल्ली, नोएडा, हथीन, पलवल व अन्य जगहों से पहुंचे वाहन मालिकों ने अवैध रूप से अंडर लोड वाहनों को रोकने और पुलिस के इस रवैये की लिखित शिकायत एसडीएम रणवीर सिंह को दी। एसडीएम के निर्देश के बाद ही पुलिस ने पकड़े गए वाहनों के दस्तावेज की जांच कर कार्रवाई की और उन्हेंं छोड़ा।
डंपर मालिकों ने एसडीएम रणवीर सिंह को बताया कि वह अपने अपने डंपर में अंडर लोड क्रेसर और रोड़ी भरकर विभिन्न दुकानों और प्रतिष्ठनों पर पहुंचाते हैं। मंगलवार सायं के समय लघु सचिवालय पुलिस चौकी के निकट नाकाबंदी कर दर्जनों वाहनों को जांच के नाम पर रोक लिया गया। इसी दौरान पुलिस ने चौराहे के निकट ही धर्म कांटे पर वाहनों का वजन भी कराया तथा तीन ओवर लोड वाहनों के चालान काटे, लेकिन अंड लोड वाहनों को बगैर कार्रवाई के ही पूरी रात नूंह सड़क मार्ग पर खड़ा रखा। जिसके कारण जहां अन्य वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा, वहीं डंपर चालकों को भी दिक्कतें उठानी पड़ीं। दूसरे दिन बुधवार को दर्जनों वाहन मालिकों ने एसडीएम से मुलाकात की और पुलिस कर्मचारियों की इस तानाशाही की शिकायत की। वाहन मालिकों ने बताया कि उक्त वाहनों में भरे माल को खाली करने का निर्धारित समय रहता है, लेकिन पिछले कई घंटों से पुलिस द्वारा राेके जाने के कारण आगे की कागजी कार्रवाई समाप्त हो जाएगी, जिससे काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। एसडीएम के निर्देश के बाद ही डंपरों के दस्तावेज की जांच के बाद ही छोड़ा गया। कुछ वाहन चालकों ने पुलिसकर्मियों पर सुविधा शुल्क लेकर छोड़े जाने के आरोप भी लगाए।
एसडीएम रणवीर सिंह ने चौकी प्रभारी द्वारा अवैध रूप से रोके गए डंपरों के मामले में जमकर लताड़ लगाई। उन्होंने कहा कि बगैर आरटीए अधिकारी के पुलिस कर्मचारी ओवरलोड व अंडर लोड वाहनों की जांच नहीं कर सकते। पुलिस केवल वाहनों के आवश्यक दस्तावेज की जांच कर सकती है। उन्होंने पुलिस की इस प्रकार संदिग्ध कार्रवाई पर चिंता व्यक्त की। बाद में एसडीएम के निर्देश पर चौकी प्रभारी ने वाहनों के दस्तावेज की जांच की और उनके खिलाफ कार्रवाई कर छोड़ दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
- घंटों तक नूंह सड़क मार्ग पर खड़े रहे दर्जनों वाहन
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। आरटीओ की गैर मौजूदगी में लघु सचिवालय पुलिस द्वारा ओवरलोड की जांच के नाम पर भारी वाहनों को रोकने का मामला सामने आया है। चौकी प्रभारी ने मंगलवार देर सायं लघु सचिवालय के सामने नाकाबंदी कर दर्जनों डंपरों को रोक लिया और दूसरे दिन सुबह तक भी ना तो उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की गई और न ही उन्हें छोड़ा गया। पुलिस द्वारा बगैर कारण के डंपर रोके जाने की जानकारी चालकों ने वाहन मालिकों को दी। जिस पर दिल्ली, नोएडा, हथीन, पलवल व अन्य जगहों से पहुंचे वाहन मालिकों ने अवैध रूप से अंडर लोड वाहनों को रोकने और पुलिस के इस रवैये की लिखित शिकायत एसडीएम रणवीर सिंह को दी। एसडीएम के निर्देश के बाद ही पुलिस ने पकड़े गए वाहनों के दस्तावेज की जांच कर कार्रवाई की और उन्हेंं छोड़ा।
डंपर मालिकों ने एसडीएम रणवीर सिंह को बताया कि वह अपने अपने डंपर में अंडर लोड क्रेसर और रोड़ी भरकर विभिन्न दुकानों और प्रतिष्ठनों पर पहुंचाते हैं। मंगलवार सायं के समय लघु सचिवालय पुलिस चौकी के निकट नाकाबंदी कर दर्जनों वाहनों को जांच के नाम पर रोक लिया गया। इसी दौरान पुलिस ने चौराहे के निकट ही धर्म कांटे पर वाहनों का वजन भी कराया तथा तीन ओवर लोड वाहनों के चालान काटे, लेकिन अंड लोड वाहनों को बगैर कार्रवाई के ही पूरी रात नूंह सड़क मार्ग पर खड़ा रखा। जिसके कारण जहां अन्य वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा, वहीं डंपर चालकों को भी दिक्कतें उठानी पड़ीं। दूसरे दिन बुधवार को दर्जनों वाहन मालिकों ने एसडीएम से मुलाकात की और पुलिस कर्मचारियों की इस तानाशाही की शिकायत की। वाहन मालिकों ने बताया कि उक्त वाहनों में भरे माल को खाली करने का निर्धारित समय रहता है, लेकिन पिछले कई घंटों से पुलिस द्वारा राेके जाने के कारण आगे की कागजी कार्रवाई समाप्त हो जाएगी, जिससे काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। एसडीएम के निर्देश के बाद ही डंपरों के दस्तावेज की जांच के बाद ही छोड़ा गया। कुछ वाहन चालकों ने पुलिसकर्मियों पर सुविधा शुल्क लेकर छोड़े जाने के आरोप भी लगाए।
विज्ञापन
एसडीएम रणवीर सिंह ने चौकी प्रभारी द्वारा अवैध रूप से रोके गए डंपरों के मामले में जमकर लताड़ लगाई। उन्होंने कहा कि बगैर आरटीए अधिकारी के पुलिस कर्मचारी ओवरलोड व अंडर लोड वाहनों की जांच नहीं कर सकते। पुलिस केवल वाहनों के आवश्यक दस्तावेज की जांच कर सकती है। उन्होंने पुलिस की इस प्रकार संदिग्ध कार्रवाई पर चिंता व्यक्त की। बाद में एसडीएम के निर्देश पर चौकी प्रभारी ने वाहनों के दस्तावेज की जांच की और उनके खिलाफ कार्रवाई कर छोड़ दिया।
विज्ञापन