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Palwal News: दस्तावेज पूरे, फिर भी नहीं हो रहा सत्यापन
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दस्तावेज पूरे होने के बावजूद नहीं हो रहा सत्यापन, रोजाना 200 से ज्यादा लोग काट रहे सरकारी कार्यालयों के चक्कर
रिजवान खान
नूंह। परिवार पहचान पत्र में जन्मतिथि सत्यापन का अभियान जिले में अब हजारों लोगों के लिए सिरदर्द बन गया है। सरकार की ओर से भेजे गए 30 दिन के सत्यापन वाले मैसेज ने खासकर पेंशनधारकों और गरीब परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी योजनाओं का लाभ बंद होने के डर से लोग लगातार सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन दस्तावेज पूरे होने के बावजूद उनकी फाइलें आगे नहीं बढ़ रही हैं। सबसे अधिक परेशानी अशिक्षित, बुजुर्ग और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को झेलनी पड़ रही है।
विभागीय जानकारी के अनुसार, जिले में 10 हजार से अधिक लोगों को जन्मतिथि सत्यापन कराने के लिए मोबाइल पर मैसेज भेजे गए हैं। मैसेज में निर्धारित समय सीमा के भीतर सत्यापन कराने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किया, लेकिन अधिकांश फाइलें अब भी लंबित हैं।
रोजाना 200 लोग पहुंच रहे कार्यालय
जन्मतिथि सत्यापन के लिए रोजाना करीब 200 से अधिक लोग कार्यालय पहुंच रहे हैं। सुबह से ही लंबी कतारें लग जाती हैं। कोई तीसरी बार तो कोई चौथी बार अपनी फाइल का स्टेटस जानने के लिए दफ्तर पहुंच रहा है, लेकिन अधिकांश लोगों को केवल इंतजार करने की सलाह देकर वापस भेज दिया जाता है।
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कई लोगों ने दसवीं की मार्कशीट, वोटर आईडी, जन्म प्रमाण पत्र और 2019 से पहले के पहचान दस्तावेज जमा कर दिए हैं। इसके बावजूद जन्मतिथि सत्यापित नहीं हो रही। लोगों का आरोप है कि आवेदन बिना स्पष्ट कारण के लंबित रखे जा रहे हैं, जिससे उन्हें बार-बार कार्यालय आना पड़ रहा है।
तीन स्तर की प्रक्रिया में अटक रहीं फाइल
जन्मतिथि सत्यापन की प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होती है। पहले स्तर पर दस्तावेजों की जांच होती है। इसके बाद फाइल स्वीकृति के लिए एडीसी कार्यालय भेजी जाती है। अंतिम मंजूरी के बाद ही जन्मतिथि अपडेट होती है। इसी प्रक्रिया में हजारों आवेदन फंसे हुए बताए जा रहे हैं। एक बुजुर्ग का कहना है कि मैसेज आने के बाद सबसे बड़ा डर यही है कि कहीं पेंशन बंद न हो जाए। उम्र के इस पड़ाव में बार-बार दफ्तर आना बेहद मुश्किल है।
जन्मतिथि सत्यापन के लिए पांच मान्य दस्तावेज
वोटर आईडी कार्ड
वैध पासपोर्ट
दसवीं की मार्कशीट
स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट
जन्म प्रमाण पत्र
कोट
परिवार पहचान पत्र में जन्मतिथि सत्यापन के लिए टीम लगी हुई हैं। लोगों को किसी भी तरह की परेशानी न हो इसके लिए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। दस्तावेजों को वेरीफाई करने में थोडा समय जरूर लगता है, लेकिन किसी को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। लोगों से अपील है कि घबराए नहीं सही दस्तावेज लगाएं और अपनी वेरिफिकेशन कराएं।
-ज्योति, अतिरिक्त उपायुक्त नूंह
20 दिन पहले दसवीं की मार्कशीट और पुराने दस्तावेज जमा करा दिए थे। कई बार कार्यालय आ चुका हूं, लेकिन अभी तक जन्मतिथि सत्यापित नहीं हुई। - हकीमुद्दीन, जेहटाना
पत्नी की मार्कशीट को कर्मचारी फर्जी बताकर रिजेक्ट कर रहे हैं। यदि संदेह है तो ऑनलाइन पोर्टल से जांच करें। बार-बार परेशान न करें। -संजय झांकड़ा, मोहम्मदपुर तेड
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रिजवान खान
नूंह। परिवार पहचान पत्र में जन्मतिथि सत्यापन का अभियान जिले में अब हजारों लोगों के लिए सिरदर्द बन गया है। सरकार की ओर से भेजे गए 30 दिन के सत्यापन वाले मैसेज ने खासकर पेंशनधारकों और गरीब परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी योजनाओं का लाभ बंद होने के डर से लोग लगातार सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन दस्तावेज पूरे होने के बावजूद उनकी फाइलें आगे नहीं बढ़ रही हैं। सबसे अधिक परेशानी अशिक्षित, बुजुर्ग और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को झेलनी पड़ रही है।
विभागीय जानकारी के अनुसार, जिले में 10 हजार से अधिक लोगों को जन्मतिथि सत्यापन कराने के लिए मोबाइल पर मैसेज भेजे गए हैं। मैसेज में निर्धारित समय सीमा के भीतर सत्यापन कराने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किया, लेकिन अधिकांश फाइलें अब भी लंबित हैं।
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रोजाना 200 लोग पहुंच रहे कार्यालय
जन्मतिथि सत्यापन के लिए रोजाना करीब 200 से अधिक लोग कार्यालय पहुंच रहे हैं। सुबह से ही लंबी कतारें लग जाती हैं। कोई तीसरी बार तो कोई चौथी बार अपनी फाइल का स्टेटस जानने के लिए दफ्तर पहुंच रहा है, लेकिन अधिकांश लोगों को केवल इंतजार करने की सलाह देकर वापस भेज दिया जाता है।
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कई लोगों ने दसवीं की मार्कशीट, वोटर आईडी, जन्म प्रमाण पत्र और 2019 से पहले के पहचान दस्तावेज जमा कर दिए हैं। इसके बावजूद जन्मतिथि सत्यापित नहीं हो रही। लोगों का आरोप है कि आवेदन बिना स्पष्ट कारण के लंबित रखे जा रहे हैं, जिससे उन्हें बार-बार कार्यालय आना पड़ रहा है।
तीन स्तर की प्रक्रिया में अटक रहीं फाइल
जन्मतिथि सत्यापन की प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होती है। पहले स्तर पर दस्तावेजों की जांच होती है। इसके बाद फाइल स्वीकृति के लिए एडीसी कार्यालय भेजी जाती है। अंतिम मंजूरी के बाद ही जन्मतिथि अपडेट होती है। इसी प्रक्रिया में हजारों आवेदन फंसे हुए बताए जा रहे हैं। एक बुजुर्ग का कहना है कि मैसेज आने के बाद सबसे बड़ा डर यही है कि कहीं पेंशन बंद न हो जाए। उम्र के इस पड़ाव में बार-बार दफ्तर आना बेहद मुश्किल है।
जन्मतिथि सत्यापन के लिए पांच मान्य दस्तावेज
वोटर आईडी कार्ड
वैध पासपोर्ट
दसवीं की मार्कशीट
स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट
जन्म प्रमाण पत्र
कोट
परिवार पहचान पत्र में जन्मतिथि सत्यापन के लिए टीम लगी हुई हैं। लोगों को किसी भी तरह की परेशानी न हो इसके लिए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। दस्तावेजों को वेरीफाई करने में थोडा समय जरूर लगता है, लेकिन किसी को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। लोगों से अपील है कि घबराए नहीं सही दस्तावेज लगाएं और अपनी वेरिफिकेशन कराएं।
-ज्योति, अतिरिक्त उपायुक्त नूंह
20 दिन पहले दसवीं की मार्कशीट और पुराने दस्तावेज जमा करा दिए थे। कई बार कार्यालय आ चुका हूं, लेकिन अभी तक जन्मतिथि सत्यापित नहीं हुई। - हकीमुद्दीन, जेहटाना
पत्नी की मार्कशीट को कर्मचारी फर्जी बताकर रिजेक्ट कर रहे हैं। यदि संदेह है तो ऑनलाइन पोर्टल से जांच करें। बार-बार परेशान न करें। -संजय झांकड़ा, मोहम्मदपुर तेड