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सड़कों पर भरा गंदा पानी, कैसे सुधरेगी स्वच्छता रैंकिंग
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पलवल। एक तरफ जिला नगर आयुक्त लगातार समाजसेवी संस्थाओं के साथ बैठकें कर स्वच्छता सर्वेक्षण में मिलने वाली रैंकिंग को सुधारने का प्रयास कर रही हैं, वहीं शहर में नालियों व नालों की सफाई न होने के कारण सड़कों पर पानी भरा हुआ है। नगर परिषद की अनदेखी के चलते पुराने जीटी रोड पर जलभराव की तस्वीरों को लोगों ने सोशल मीडिया पर वायरल कर पलवल को झील नगरी का दिया है। वहीं स्थानीय लोगों में इसको लेकर खासा रोष है।
शहर का सबसे प्रमुख मार्ग होने के बावजूद पुराने जीटी रोड पर गंदा पानी भरा रहता है। हालात यह है कि यहां से लोगों का पैदल निकलना तक मुश्किल है। साथ ही दुकानदारों का धंधा चौपट हो गया है। खास बात तो यह है कि सरकार द्वारा हाल में बनाए गए मॉडल संस्कृति स्कूल के मुख्य द्वार पर भी इतना पानी भरा है कि वहां से गुजरना भी मुश्किल है। लोग इन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर डालकर नगर परिषद, प्रशासन व सरकार के दावों की पोल खोल रहे हैं, बल्कि शहर के लोगों को भी स्वच्छता सर्वेक्षण के नाम पर बैठकें करने वाले अधिकारियों की कार्यप्रणाली दिखा रहे हैं। लोगों का कहना है कि नगर परिषद इस छोटी सी समस्या को दूर नहीं कर पा रहा है तो फिर स्वच्छता सर्वेक्षण में पलवल की रैंकिंग में सुधार कैसे कर पाएगा।
अधिकारियों और विधायक से भी मिल चुके हैं लोग
इस समस्या को लेकर स्थानीय लोग और दुकानदार कई बार नगर आयुक्त, उपायुक्त व विधायक से मिल चुके हैं, लेकिन समस्या दूर नहीं हो पाई है। विधायक दीपक मंगला कई बार नगर परिषद के अधिकारियों को फटकार भी लगा चुके हैं, फिर भी अधिकारियों को यह समस्या दिखाई नहीं देती।
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वर्जन-
पुराने जीटी रोड पर ही नहीं बल्कि कमेटी चौक से बाईपास तक अलावलपुर रोड, मोहन नगर, इस्लामाबाद, शमशाबाद सहित कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां हर समय जलभराव रहता है। उन स्थानों की हालत इतनी बदतर है कि निकलना तक दूभर है। ऐसे में शहर को स्वच्छता सर्वेक्षण में रैंकिंग दिलाने की बात अधिकारी कैसे कर सकते हैं। - मनीष जैन, समाजसेवी पलवल
शहर के मुख्य रास्तों पर इतना जलभराव है कि लोग वहां से निकलने में भी घबराते हैं। न तो नगर परिषद के अधिकारियों और न ही जिला उपायुक्त को समस्या दिखती है। विधायक भी इसे दूर नहीं करा पा रहे हैं। अब तो अधिकारियों का घेराव किया जाएगा। जल्द इस समस्या को लेकर शहर में जुलूस भी निकाला जाएगा। - दीपक गोयल, समाजसेवी पलवल
शहर में जहां भी जलभराव की समस्या है, उसे दूर कराने के लिए अधिकारियों को आदेश दे दिए गए हैं। समस्या किन कारणों से है, यह देखकर उसका स्थायी समाधान कराया जाएगा। स्वच्छता सर्वेक्षण में जिले को बेहतर रैंकिंग दिलाने के लिए अधिकारियों व समाजसेवी संस्थाओं के साथ बैठकें कर इन्हें दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। - मोनिका गुप्ता, जिला नगर आयुक्त पलवल
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शहर का सबसे प्रमुख मार्ग होने के बावजूद पुराने जीटी रोड पर गंदा पानी भरा रहता है। हालात यह है कि यहां से लोगों का पैदल निकलना तक मुश्किल है। साथ ही दुकानदारों का धंधा चौपट हो गया है। खास बात तो यह है कि सरकार द्वारा हाल में बनाए गए मॉडल संस्कृति स्कूल के मुख्य द्वार पर भी इतना पानी भरा है कि वहां से गुजरना भी मुश्किल है। लोग इन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर डालकर नगर परिषद, प्रशासन व सरकार के दावों की पोल खोल रहे हैं, बल्कि शहर के लोगों को भी स्वच्छता सर्वेक्षण के नाम पर बैठकें करने वाले अधिकारियों की कार्यप्रणाली दिखा रहे हैं। लोगों का कहना है कि नगर परिषद इस छोटी सी समस्या को दूर नहीं कर पा रहा है तो फिर स्वच्छता सर्वेक्षण में पलवल की रैंकिंग में सुधार कैसे कर पाएगा।
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अधिकारियों और विधायक से भी मिल चुके हैं लोग
इस समस्या को लेकर स्थानीय लोग और दुकानदार कई बार नगर आयुक्त, उपायुक्त व विधायक से मिल चुके हैं, लेकिन समस्या दूर नहीं हो पाई है। विधायक दीपक मंगला कई बार नगर परिषद के अधिकारियों को फटकार भी लगा चुके हैं, फिर भी अधिकारियों को यह समस्या दिखाई नहीं देती।
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वर्जन-
पुराने जीटी रोड पर ही नहीं बल्कि कमेटी चौक से बाईपास तक अलावलपुर रोड, मोहन नगर, इस्लामाबाद, शमशाबाद सहित कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां हर समय जलभराव रहता है। उन स्थानों की हालत इतनी बदतर है कि निकलना तक दूभर है। ऐसे में शहर को स्वच्छता सर्वेक्षण में रैंकिंग दिलाने की बात अधिकारी कैसे कर सकते हैं। - मनीष जैन, समाजसेवी पलवल
शहर के मुख्य रास्तों पर इतना जलभराव है कि लोग वहां से निकलने में भी घबराते हैं। न तो नगर परिषद के अधिकारियों और न ही जिला उपायुक्त को समस्या दिखती है। विधायक भी इसे दूर नहीं करा पा रहे हैं। अब तो अधिकारियों का घेराव किया जाएगा। जल्द इस समस्या को लेकर शहर में जुलूस भी निकाला जाएगा। - दीपक गोयल, समाजसेवी पलवल
शहर में जहां भी जलभराव की समस्या है, उसे दूर कराने के लिए अधिकारियों को आदेश दे दिए गए हैं। समस्या किन कारणों से है, यह देखकर उसका स्थायी समाधान कराया जाएगा। स्वच्छता सर्वेक्षण में जिले को बेहतर रैंकिंग दिलाने के लिए अधिकारियों व समाजसेवी संस्थाओं के साथ बैठकें कर इन्हें दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। - मोनिका गुप्ता, जिला नगर आयुक्त पलवल