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डेंगू वार्ड पर ताला, कैसे हो मरीजों का इलाज
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पलवल। एक तरफ स्वास्थ्य विभाग जिले में डेंगू और मलेरिया के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का दावा कर रहा है और दूसरी तरफ सुविधाओं के अभाव के चलते जिला नागरिक अस्पताल में बनाए हुए डेंगू, मलेरिया वार्ड पर ताला लटका हुआ है। ऐसे में मरीजों को कितनी अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है।
वहीं सरकारी ब्लड बैंक में रक्त नहीं है। सरकारी अस्पताल में हालात आज इतने खराब है कि अस्पताल में भर्ती बुखार के मरीजों को रक्त की जरूरत पड़ने पर निजी ब्लड बैंकों का सहारा लेना पड़ रहा है। इस तरफ न तो स्वास्थ्य विभाग का ध्यान है और न ही प्रशासन का। बृहस्पतिवार को जब फोटोग्राफर कपिल शर्मा ने जिला नागरिक अस्पताल का जायजा लिया तो कई असुविधाएं मिली। खास बात यह है कि जिले में डेंगू के 10 मरीज एक्टिव हैं, उसके बावजूद डेंगू वार्ड बंद पड़ा है। संवाद
समय: सुबह 11 बजे
स्थान: डेंगू वार्ड, जिला नागरिक अस्पताल
सुबह 11 बजे जिला नागरिक अस्पताल का जायजा लेने पर पाया कि अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग द्वारा बनाया हुआ डेंगू और मलेरिया वार्ड पर ताला लटका हुआ है। जिले में बुखार का ज्यादा प्रकोप बढ़ने के बाद भी खोला नहीं गया है। यहां तक कि उसमें सफाई तक नहीं कराई गई है। ऐसे में डेंगू व मलेरिया के मरीजों का उपचार कैसे होगा।
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समय: 11.15
स्थान: ब्लड बैंक, जिला नागरिक अस्पताल
जिला नागरिक अस्पताल के ब्लड बैंक का जायजा लिया गया। वहां जाकर जब रक्त के बारे में जानकारी ली गई तो वहां तैनात स्टाफ ने बोर्ड दिखाते हुए बताया कि एक भी यूनिट रक्त नहीं है। यह समस्या पिछले कई दिन से चल रही है। ऐसा रक्तदाताओं द्वारा रक्तदान के प्रति रुचि न दिखाना बताया गया। हालांकि एक कर्मी ने नाम न बताने पर बताया कि सरकारी ब्लड बैंक के अधिकारी इस ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहे हैं।
समय: 11.30 बजे
स्थान: बच्चों का वार्ड, जिला नागरिक अस्पताल
जिला नागरिक अस्पताल के बच्चा वार्ड में कई बच्चे भर्ती हैं। उनमें कई बच्चे ऐसे भी बताए गए, जिनकी प्लेट्लेट्स कम हो रही है। लेकिन सरकारी अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्त न होने पर उन्हें बाहर से इंतजाम करने को भी बोला गया है। अस्पताल में बुखार के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। लेकिन उसके बाद भी कोई सुविधा नजर नहीं आ रही है।
हाल ही में कुछ जरूरतमंदों को रक्त की जरूरत पड़ी तो सरकारी अस्पताल के ब्लड बैंक में संपर्क किया गया, लेकिन वहां से जवाब मिला कि यहां इंतजाम नहीं है। मजबूरी में मैंने ही उस जरूरतमंद की बाहर से रक्त का इंतजाम कराया। स्वास्थ्य विभाग को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
-हाजी युनूस अहमद
डेंगू के 10 मरीज एक्टिव हैं, उसके बावजूद आज तक सरकारी अस्पताल में बनाया हुआ डेंगू वार्ड नहीं खोला गया है। ऐसे में यदि डेंगू के मरीजों की संख्या और बढ़ जाए तो स्वास्थ्य विभाग कैसे उपचार करेगा, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग बिल्कुल भी गंभीर नहीं है।
-जितेंद्र तेवतिया, पलवल
जिले में डेंगू के मरीज नहीं है। 9 मरीज जांच में मिले थे, वे भी अब पूरी तरह से ठीक हैं। फिर भी मैंने आदेश दे दिए हैं कि डेंगू वार्ड को पूरी तरह से स्वच्छ व सुविधाओं से युक्त रखा जाए। यदि जरूरत पड़ी तो वहां सारी सुविधाएं मरीजों को मिलेंगी। ब्लड बैंक में रक्त की कमी को दूर कराने के लिए सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर रक्तदान शिविर आयोजित कराए जाएंगे।
-डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, जिला सिविल सर्जन पलवल
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वहीं सरकारी ब्लड बैंक में रक्त नहीं है। सरकारी अस्पताल में हालात आज इतने खराब है कि अस्पताल में भर्ती बुखार के मरीजों को रक्त की जरूरत पड़ने पर निजी ब्लड बैंकों का सहारा लेना पड़ रहा है। इस तरफ न तो स्वास्थ्य विभाग का ध्यान है और न ही प्रशासन का। बृहस्पतिवार को जब फोटोग्राफर कपिल शर्मा ने जिला नागरिक अस्पताल का जायजा लिया तो कई असुविधाएं मिली। खास बात यह है कि जिले में डेंगू के 10 मरीज एक्टिव हैं, उसके बावजूद डेंगू वार्ड बंद पड़ा है। संवाद
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समय: सुबह 11 बजे
स्थान: डेंगू वार्ड, जिला नागरिक अस्पताल
सुबह 11 बजे जिला नागरिक अस्पताल का जायजा लेने पर पाया कि अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग द्वारा बनाया हुआ डेंगू और मलेरिया वार्ड पर ताला लटका हुआ है। जिले में बुखार का ज्यादा प्रकोप बढ़ने के बाद भी खोला नहीं गया है। यहां तक कि उसमें सफाई तक नहीं कराई गई है। ऐसे में डेंगू व मलेरिया के मरीजों का उपचार कैसे होगा।
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समय: 11.15
स्थान: ब्लड बैंक, जिला नागरिक अस्पताल
जिला नागरिक अस्पताल के ब्लड बैंक का जायजा लिया गया। वहां जाकर जब रक्त के बारे में जानकारी ली गई तो वहां तैनात स्टाफ ने बोर्ड दिखाते हुए बताया कि एक भी यूनिट रक्त नहीं है। यह समस्या पिछले कई दिन से चल रही है। ऐसा रक्तदाताओं द्वारा रक्तदान के प्रति रुचि न दिखाना बताया गया। हालांकि एक कर्मी ने नाम न बताने पर बताया कि सरकारी ब्लड बैंक के अधिकारी इस ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहे हैं।
समय: 11.30 बजे
स्थान: बच्चों का वार्ड, जिला नागरिक अस्पताल
जिला नागरिक अस्पताल के बच्चा वार्ड में कई बच्चे भर्ती हैं। उनमें कई बच्चे ऐसे भी बताए गए, जिनकी प्लेट्लेट्स कम हो रही है। लेकिन सरकारी अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्त न होने पर उन्हें बाहर से इंतजाम करने को भी बोला गया है। अस्पताल में बुखार के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। लेकिन उसके बाद भी कोई सुविधा नजर नहीं आ रही है।
हाल ही में कुछ जरूरतमंदों को रक्त की जरूरत पड़ी तो सरकारी अस्पताल के ब्लड बैंक में संपर्क किया गया, लेकिन वहां से जवाब मिला कि यहां इंतजाम नहीं है। मजबूरी में मैंने ही उस जरूरतमंद की बाहर से रक्त का इंतजाम कराया। स्वास्थ्य विभाग को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
-हाजी युनूस अहमद
डेंगू के 10 मरीज एक्टिव हैं, उसके बावजूद आज तक सरकारी अस्पताल में बनाया हुआ डेंगू वार्ड नहीं खोला गया है। ऐसे में यदि डेंगू के मरीजों की संख्या और बढ़ जाए तो स्वास्थ्य विभाग कैसे उपचार करेगा, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग बिल्कुल भी गंभीर नहीं है।
-जितेंद्र तेवतिया, पलवल
जिले में डेंगू के मरीज नहीं है। 9 मरीज जांच में मिले थे, वे भी अब पूरी तरह से ठीक हैं। फिर भी मैंने आदेश दे दिए हैं कि डेंगू वार्ड को पूरी तरह से स्वच्छ व सुविधाओं से युक्त रखा जाए। यदि जरूरत पड़ी तो वहां सारी सुविधाएं मरीजों को मिलेंगी। ब्लड बैंक में रक्त की कमी को दूर कराने के लिए सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर रक्तदान शिविर आयोजित कराए जाएंगे।
-डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, जिला सिविल सर्जन पलवल