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डेंगू से बंचारी में दो की मौत
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होडल। डेंगू से होडल उपमंडल के गांव बंचारी में एक नाबालिग युवक सहित दो लोगों की मौत हो गई। इन दो मौत के बाद अब होडल उपंडल में दो महीने में 20 लोगों की मौत हो चुकी है। अब भी कई लोग बुखार से ग्रस्त हैं। इनमें से अधिकांश का निजी अस्पतालों में डेंगूू का इलाज किया जा रहा है। निजी अस्पतालों में हालात ये हैं कि मरीजों को बिस्तर तक नहीं मिल रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में जांच के लिए तो काफी मरीज आ रहे हैं, लेकिन उपचार से वे संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं।
गांव बंचारी में डेंगू से जो मौत हुईं हैं उनमें 67 वर्षीय समय सिंह तथा 16 वर्षीय तरुण शामिल हैं। ये दोनों लोग पिछले कई दिनों से बुखार से ग्रस्त थे। परिजनों का कहना है कि मृतकों का निजी अस्पतालों में डेंगू की पुष्टि होने के बाद डेंगू से उपचार किया जा रहा था। खून की जांच में डेंगू की पुष्टि हुई थी। जबकि स्वास्थ्य विभाग अभी भी इन मरीजों की मौत को डेंगू से न मानकर सामान्य बुखार से मान रहा है।
सरकारी अस्पतालों में आएं इलाज के लिए
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे उपचार के लिए निजी अस्पतालों में न भटकें। सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त बिस्तर व सुविधाएं हैं। इसलिए निजी अस्पतालों में उपचार के लिए न जाएं। खून की जांच भी सरकारी अस्पताल की प्रयोगशाला में कराएं। क्योंकि निजी अस्पतालों में मरीजों की जांच एलाइजा किट से नहीं की जा रही हैं। सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह का कहना है कि डेंगू का जिस तरह से निजी अस्पताल वाले शोर मचा रहे हैं, उतना पलवल में नहीं है। सरकारी अस्पताल में पर्याप्त सुविधाएं हैं।
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बंचारी गांव निवासी मुकेश सौरोत, उदयवीर प्रधान, गिर्राज व बच्चू सिंह प्रधान का कहना है कि गांव में कोरोना महामारी पहली व दूसरी लहर में आम आदमी को इतनी क्षति नहीं हुई जितनी इस डेंगू और वायरल बुखार से गांव व क्षेत्र में मौतें हो रही है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग में प्रशासन पर गांव में अनदेखी का आरोप लगाया है उन्होंने कहा कि आज तक कोई भी प्रशासनिक अधिकारी या स्वास्थ्य विभाग का अधिकारी गांव में दौरा करने नहीं आया लगातार मौतें होने से क्षेत्र आम लोगों में है बना हुआ है।
लगातार स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों और अधिकारियों से मीटिंग होती है, दवाओं व उपकरणों की कमी नहीं है। फिर भी कोई जानकारी मिलती है तो उसे पूरा किया जाएगा।
- वकील अहमद, एसडीएम
दो गांवों में मिले बुखार के 11 मरीज
हथीन। बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दो गांवों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए। गांव छाँयसा में 11 मरीज आए, इसमें से नौ मरीज बुखार के मिले। प्रवर चिकित्सा अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि गांव चिल्ली में कुल 10 मरीज आए, इसमें से दो को बुखार मिला। स्वास्थ्य विभाग ने गांव बहीन एवं रनियला खुर्द में भी घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच की। प्रवर चिकित्सा अधिकारी के मुताबिक भारी संख्या में मलेरिया जांच के लिए ब्लड स्लाइड बनाई गईं जिन्हें जांच के लिए लैब में भेजा जा रहा है। संवाद
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गांव बंचारी में डेंगू से जो मौत हुईं हैं उनमें 67 वर्षीय समय सिंह तथा 16 वर्षीय तरुण शामिल हैं। ये दोनों लोग पिछले कई दिनों से बुखार से ग्रस्त थे। परिजनों का कहना है कि मृतकों का निजी अस्पतालों में डेंगू की पुष्टि होने के बाद डेंगू से उपचार किया जा रहा था। खून की जांच में डेंगू की पुष्टि हुई थी। जबकि स्वास्थ्य विभाग अभी भी इन मरीजों की मौत को डेंगू से न मानकर सामान्य बुखार से मान रहा है।
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सरकारी अस्पतालों में आएं इलाज के लिए
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे उपचार के लिए निजी अस्पतालों में न भटकें। सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त बिस्तर व सुविधाएं हैं। इसलिए निजी अस्पतालों में उपचार के लिए न जाएं। खून की जांच भी सरकारी अस्पताल की प्रयोगशाला में कराएं। क्योंकि निजी अस्पतालों में मरीजों की जांच एलाइजा किट से नहीं की जा रही हैं। सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह का कहना है कि डेंगू का जिस तरह से निजी अस्पताल वाले शोर मचा रहे हैं, उतना पलवल में नहीं है। सरकारी अस्पताल में पर्याप्त सुविधाएं हैं।
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बंचारी गांव निवासी मुकेश सौरोत, उदयवीर प्रधान, गिर्राज व बच्चू सिंह प्रधान का कहना है कि गांव में कोरोना महामारी पहली व दूसरी लहर में आम आदमी को इतनी क्षति नहीं हुई जितनी इस डेंगू और वायरल बुखार से गांव व क्षेत्र में मौतें हो रही है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग में प्रशासन पर गांव में अनदेखी का आरोप लगाया है उन्होंने कहा कि आज तक कोई भी प्रशासनिक अधिकारी या स्वास्थ्य विभाग का अधिकारी गांव में दौरा करने नहीं आया लगातार मौतें होने से क्षेत्र आम लोगों में है बना हुआ है।
लगातार स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों और अधिकारियों से मीटिंग होती है, दवाओं व उपकरणों की कमी नहीं है। फिर भी कोई जानकारी मिलती है तो उसे पूरा किया जाएगा।
- वकील अहमद, एसडीएम
दो गांवों में मिले बुखार के 11 मरीज
हथीन। बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दो गांवों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए। गांव छाँयसा में 11 मरीज आए, इसमें से नौ मरीज बुखार के मिले। प्रवर चिकित्सा अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि गांव चिल्ली में कुल 10 मरीज आए, इसमें से दो को बुखार मिला। स्वास्थ्य विभाग ने गांव बहीन एवं रनियला खुर्द में भी घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच की। प्रवर चिकित्सा अधिकारी के मुताबिक भारी संख्या में मलेरिया जांच के लिए ब्लड स्लाइड बनाई गईं जिन्हें जांच के लिए लैब में भेजा जा रहा है। संवाद