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निलंबन के विरोध में बिजली कर्मचारियों का प्रदर्शन
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निलंबन के विरोध में बिजली कर्मचारियों का प्रदर्शन
पलवल। ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन की जिला इकाई ने बुधवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर आक्रोश प्रदर्शन किया। प्रदर्शन अनुबंध कर्मचारियों की बर्खास्तगी, पांच कर्मचारियों के निलंबन और बिजली अधिकारियों की तानाशाही को लेकर किया गया। इसमें होडल, नूंह और पलवल के करीब चार सौ कर्मचारियों ने भाग लिया। यूनियन के सर्कल सचिव राजेश शर्मा की अध्यक्षता में निर्णय लिया गया कि जब तक समस्याओं एवं लंबित मांगों का समाधान नहीं होगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन का संचालन यूनियन के वरिष्ठ नेता जितेंद्र तेवतिया ने किया।
वहीं अधीक्षण अभियंता पूरे दिन कार्यालय से नदारद रहे। जिसके खिलाफ कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की। सकसं के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष लांबा व यूनियन के उप महासचिव रमेश चंद ने कहा कि बिजली निगम के अधिकारी अपनी व ठेकेदारों की कमियों को छुपाने के लिए छोटे कर्मचारियों को बलि का बकरा बना रहे हैं। कच्चे कर्मचारियों के शैक्षणिक दस्तावेज जमा करने के बावजूद नौकरी से निकालने की धमकी दी जा रही है। इस प्रकरण में ठेकेदार दोषी है। प्रदर्शन में यूनियन नेता सामुन खां, नरेंद्र सौरोत, राजकुमार डागर, योगराज दीक्षित, शाहिद हुसैन, वेदपाल तेवतिया, सरजीत सौरोत, अशोक तेवतिया, मेवाराम, सतबीर चौहान, उदयबीर सौरोत, लक्ष्मण सिंह, प्रेमसिंह सहरावत, अनिल कुमार, योगेश शर्मा, लख्मी रावत, रण सिंह, लियाकत अली, असलम खां, भीम सिंह, रमेश तेवतिया, किसान नेता धर्मचंद आदि मुख्य रूप से मौजूद थे।
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पलवल। ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन की जिला इकाई ने बुधवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर आक्रोश प्रदर्शन किया। प्रदर्शन अनुबंध कर्मचारियों की बर्खास्तगी, पांच कर्मचारियों के निलंबन और बिजली अधिकारियों की तानाशाही को लेकर किया गया। इसमें होडल, नूंह और पलवल के करीब चार सौ कर्मचारियों ने भाग लिया। यूनियन के सर्कल सचिव राजेश शर्मा की अध्यक्षता में निर्णय लिया गया कि जब तक समस्याओं एवं लंबित मांगों का समाधान नहीं होगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन का संचालन यूनियन के वरिष्ठ नेता जितेंद्र तेवतिया ने किया।
वहीं अधीक्षण अभियंता पूरे दिन कार्यालय से नदारद रहे। जिसके खिलाफ कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की। सकसं के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष लांबा व यूनियन के उप महासचिव रमेश चंद ने कहा कि बिजली निगम के अधिकारी अपनी व ठेकेदारों की कमियों को छुपाने के लिए छोटे कर्मचारियों को बलि का बकरा बना रहे हैं। कच्चे कर्मचारियों के शैक्षणिक दस्तावेज जमा करने के बावजूद नौकरी से निकालने की धमकी दी जा रही है। इस प्रकरण में ठेकेदार दोषी है। प्रदर्शन में यूनियन नेता सामुन खां, नरेंद्र सौरोत, राजकुमार डागर, योगराज दीक्षित, शाहिद हुसैन, वेदपाल तेवतिया, सरजीत सौरोत, अशोक तेवतिया, मेवाराम, सतबीर चौहान, उदयबीर सौरोत, लक्ष्मण सिंह, प्रेमसिंह सहरावत, अनिल कुमार, योगेश शर्मा, लख्मी रावत, रण सिंह, लियाकत अली, असलम खां, भीम सिंह, रमेश तेवतिया, किसान नेता धर्मचंद आदि मुख्य रूप से मौजूद थे।
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