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Palwal News: चार माह की गर्भवती का ऑपरेशन के बाद मौत
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शहर थाना क्षेत्र के हुड्डा सेक्टर-2 स्थित अस्पताल में महिला को कराया गया था भर्ती
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल।
शहर थाना क्षेत्र के हुड्डा सेक्टर-2 स्थित निधि अस्पताल में चार माह की गर्भवती की ऑपरेशन के बाद मौत हो गई। उसके के पति ने डॉक्टर और कर्मचारियों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दी है। पति ने डॉक्टरों का बोर्ड गठित कर पोस्टमार्टम कराने, वैज्ञानिक तरीके से जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
भवनकुंड चौकी प्रभारी उप निरीक्षक संजय कुमार के अनुसार, गांव छज्जूनगर निवासी नरेंद्र ने पुलिस को बताया कि पत्नी फूलवती (31) का सोमवार को एक निजी सेंटर पर अल्ट्रासाउंड कराया था। शिकायत के अनुसार, इसमें गर्भस्थ बच्चा स्वस्थ बताया गया था। इसके बाद मंगलवार को वह पत्नी को निधि अस्पताल लेकर गया। डॉक्टर ने दोबारा अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहा। बुधवार को कराए गए अल्ट्रासाउंड में गर्भस्थ बच्चे की मौत होने की जानकारी मिली। इसके बाद फूलवती को निधि अस्पताल में भर्ती कराया गया।
नरेंद्र का आरोप है कि डॉक्टर ने पहले बिना ऑपरेशन के बच्चे को बाहर निकालने की बात कही थी। बृहस्पतिवार की शाम डॉक्टर ने ऑपरेशन करने की बात कही, जिसके बाद परिजनों की सहमति से रात में ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद फूलवती को जनरल वार्ड में शिफ्ट किया गया। उस समय वह ठीक थी और परिजनों से बातचीत कर रही थी।
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बच्चेदानी निकालने के लिए एक और ऑपरेशन
शिकायत के अनुसार, ऑपरेशन से पहले एक यूनिट और बाद में एक यूनिट रक्त मंगवाया गया। कुछ देर बाद डॉक्टर और कर्मचारियों ने परिजनों को बाहर कर दिया। इसके बाद महिला की बच्चेदानी निकालने के लिए एक और ऑपरेशन करने और रक्त की व्यवस्था करने को कहा गया। परिजनों का आरोप है कि पहले दो यूनिट और करीब आधे घंटे बाद तीन यूनिट रक्त और मंगवाया गया। परिजनों ने मरीज को बड़े अस्पताल ले जाने की बात कही तो डॉक्टर ने हालत ठीक बताते हुए घबराने से मना किया। बाद में डॉक्टर ने महिला के हार्ट फेल होने की जानकारी देते हुए उसकी मौत की बात कही।
जान से मारने की धमकी देने का आरोप
नरेंद्र का आरोप है कि मौत के बाद डॉक्टर और कर्मचारियों ने कानूनी कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद शुक्रवार की रात करीब 12:12 बजे डायल-112 पर सूचना दी गई। मृतका की शादी करीब 11 साल पहले हुई थी। उसके आठ साल का बेटा, पांच साल की बेटी और दो साल का बेटा है। पुलिस ने जिला नागरिक अस्पताल में बोर्ड से शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने मृतका के पति की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में अस्पताल प्रशासन से संपर्क करने का प्रयास किया गया, संपर्क नही हो सका
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल।
शहर थाना क्षेत्र के हुड्डा सेक्टर-2 स्थित निधि अस्पताल में चार माह की गर्भवती की ऑपरेशन के बाद मौत हो गई। उसके के पति ने डॉक्टर और कर्मचारियों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दी है। पति ने डॉक्टरों का बोर्ड गठित कर पोस्टमार्टम कराने, वैज्ञानिक तरीके से जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
भवनकुंड चौकी प्रभारी उप निरीक्षक संजय कुमार के अनुसार, गांव छज्जूनगर निवासी नरेंद्र ने पुलिस को बताया कि पत्नी फूलवती (31) का सोमवार को एक निजी सेंटर पर अल्ट्रासाउंड कराया था। शिकायत के अनुसार, इसमें गर्भस्थ बच्चा स्वस्थ बताया गया था। इसके बाद मंगलवार को वह पत्नी को निधि अस्पताल लेकर गया। डॉक्टर ने दोबारा अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहा। बुधवार को कराए गए अल्ट्रासाउंड में गर्भस्थ बच्चे की मौत होने की जानकारी मिली। इसके बाद फूलवती को निधि अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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नरेंद्र का आरोप है कि डॉक्टर ने पहले बिना ऑपरेशन के बच्चे को बाहर निकालने की बात कही थी। बृहस्पतिवार की शाम डॉक्टर ने ऑपरेशन करने की बात कही, जिसके बाद परिजनों की सहमति से रात में ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद फूलवती को जनरल वार्ड में शिफ्ट किया गया। उस समय वह ठीक थी और परिजनों से बातचीत कर रही थी।
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बच्चेदानी निकालने के लिए एक और ऑपरेशन
शिकायत के अनुसार, ऑपरेशन से पहले एक यूनिट और बाद में एक यूनिट रक्त मंगवाया गया। कुछ देर बाद डॉक्टर और कर्मचारियों ने परिजनों को बाहर कर दिया। इसके बाद महिला की बच्चेदानी निकालने के लिए एक और ऑपरेशन करने और रक्त की व्यवस्था करने को कहा गया। परिजनों का आरोप है कि पहले दो यूनिट और करीब आधे घंटे बाद तीन यूनिट रक्त और मंगवाया गया। परिजनों ने मरीज को बड़े अस्पताल ले जाने की बात कही तो डॉक्टर ने हालत ठीक बताते हुए घबराने से मना किया। बाद में डॉक्टर ने महिला के हार्ट फेल होने की जानकारी देते हुए उसकी मौत की बात कही।
जान से मारने की धमकी देने का आरोप
नरेंद्र का आरोप है कि मौत के बाद डॉक्टर और कर्मचारियों ने कानूनी कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद शुक्रवार की रात करीब 12:12 बजे डायल-112 पर सूचना दी गई। मृतका की शादी करीब 11 साल पहले हुई थी। उसके आठ साल का बेटा, पांच साल की बेटी और दो साल का बेटा है। पुलिस ने जिला नागरिक अस्पताल में बोर्ड से शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने मृतका के पति की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में अस्पताल प्रशासन से संपर्क करने का प्रयास किया गया, संपर्क नही हो सका