{"_id":"5feb64d98ebc3e3c9037daf5","slug":"dagar-pal-and-muslim-society-supported-the-movement-palwal-news-noi5567638135","type":"story","status":"publish","title_hn":"डागर पाल व मुस्लिम समाज ने दिया आंदोलन को समर्थन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डागर पाल व मुस्लिम समाज ने दिया आंदोलन को समर्थन
विज्ञापन
पलवल में धरना स्थल के पास पौधे रोपते किसान।
- फोटो : Palwal
डागर पाल व मुस्लिम समाज ने दिया आंदोलन को समर्थन
पलवल। नए कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर चल रहा किसानों का धरना 27वें दिन भी जारी रहा। धरने की अध्यक्षता 52 पालों के अध्यक्ष अरुण जेलदार ने की, जबकि संचालन महेंद्र सिंह चौहान ने किया। मंगलवार को डागर पाल व हथीन से मुस्लिम समाज के लोग धरने को समर्थन पर पहुंचे। गांव घोड़ी के 12 किसान भूख हड़ताल पर बैठे। इस दौरान राजनीतिक दलों के पदाधिकारी भी धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों को संबोधित किया।
नए कृषि कानूनों को रद्द करवाने, एमएसपी पर कानून बनवाने के लिए केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर धरने पर बैठे किसानों का मनोबल बढ़ता जा रहा है। ठंड व सर्द हवा भी किसानों के मनोबल को कम नहीं कर पा रही है। धरना स्थल पर नौवें दिन भी 24 घंटे की सांकेतिक भूख हड़ताल जारी रही। गांव घोड़ी के 12 किसान पवन देशवाल, राजपाल, छिद्दी देशवाल, रणवीर सिंह, गजराज, महीपाल, ऋषिपाल, राजेंद्र, दीपचंद, श्रवण, बीर सिंह महाशय भूख हड़ताल पर रहे।
वहीं डागर पाल से जुड़े किसानों ने दर्जनों ट्रैक्टरों के साथ रैली निकालकर धरने को समर्थन दिया। डागर पाल पंच धर्मबीर डागर के नेतृत्व में किसान ताऊ देवीलाल टाउन पार्क पर एकत्रित हुए। वहां से ट्रैक्टर रैली के जरिये अटोहां चौक स्थित धरना स्थल पर पहुंचे। सरपंच जोहरखेड़ा तेज सिंह, करतार डागर, देवी सिंह सरपंच, सतबीर डागर झाड़सैतली, पार्षद जगन डागर आदि मुख्य रूप से शामिल रहे।
विज्ञापन
किसान भाईचारा जिंदाबाद के नारे लगे
मंगलवार को धरने में भाईचारे की मिशाल देखने को मिली। विभिन्न स्थानों से मुस्लिम समाज के लोग धरने को समर्थन देने पहुंचे। इस दौरान किसान भाईचारा जिंदाबाद के नारे लगाए गए। समर्थन देने वालों में मुख्य रूप से हरियाणा, हिमाचल, पंजाब व चंडीगढ़ जमीयत के महासचिव मौलाना शौकत, नसीम अहमद, मौलाना इमाम, मौलाना अजहरुद्दीन हथीन, मौलाना जाहिद घासेड़ा, अजमत मोहदमका, आस मोहम्मद हथीन, अहमद अली, साहब खान मनकाकी मुख्य रूप से शामिल रहे।
आंदोलन के गवाह बनेंगे पौधे
सेवा सिंह ट्रस्ट के तत्वावधान में बाबा खडूर सिंह के नेतृत्व में धरना स्थल पर पीपल के 5 पौधे लगाए गए। किसान नेता बाबा देवेंद्र ने कहा कि यह पौधे इस आंदोलन के गवाह बनेंगे। पौधे लगाने वालों में गांव अटोहां के सरपंच नरवीर, जोगा सिंह, बलविंदर सिंह, गुरुप्रीत सिंह आदि शामिल रहे।
सहयोग देने का सिलसिला जारी
धरना स्थल पर गुरु का ताल गुरुद्वारा आगरा के नेतृत्व में चल रहे लंगर को सहयोग देने का सिलसिला जारी है। जोहरखेड़ा गांव की ओर से एक ट्रॉली भरकर खाद्य सामग्री दी गई। इसमें आटा, चीनी, दाल, चावल, सब्जियां शामिल थीं। नोएडा से आई स्नेहलता गौतम ने भी सहयोग किया। गांव चांदहट निवासी सूरजमल जेलदार ने किसानों के लिए कंबल भेंट किए।
अवतार भड़ाना दूसरे दिन भी पहुंचे
फरीदाबाद से 4 बार सांसद रहे व मीरापुर से विधायक अवतार सिंह भड़ाना लगातार दूसरे दिन किसानों के धरने को समर्थन देने पहुंचे। भड़ाना ने कहा कि वे हर परिस्थिति में किसानों के साथ हैं। यदि किसानों के साथ उन्हें सरकार से टकराना पड़ा तो पीछे नहीं हटेंगे। किसानों ने एकजुट होकर सरकार को अपनी ताकत दिखा दी है। पूरे विश्व में आज किसान आंदोलन की चर्चा है। परमपाल सिंह पंजाब, अंजना कुरेरिया, स्वामी श्रद्धानंद आदि ने भी धरने को संबोधित किया।
विज्ञापन
पलवल। नए कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर चल रहा किसानों का धरना 27वें दिन भी जारी रहा। धरने की अध्यक्षता 52 पालों के अध्यक्ष अरुण जेलदार ने की, जबकि संचालन महेंद्र सिंह चौहान ने किया। मंगलवार को डागर पाल व हथीन से मुस्लिम समाज के लोग धरने को समर्थन पर पहुंचे। गांव घोड़ी के 12 किसान भूख हड़ताल पर बैठे। इस दौरान राजनीतिक दलों के पदाधिकारी भी धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों को संबोधित किया।
नए कृषि कानूनों को रद्द करवाने, एमएसपी पर कानून बनवाने के लिए केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर धरने पर बैठे किसानों का मनोबल बढ़ता जा रहा है। ठंड व सर्द हवा भी किसानों के मनोबल को कम नहीं कर पा रही है। धरना स्थल पर नौवें दिन भी 24 घंटे की सांकेतिक भूख हड़ताल जारी रही। गांव घोड़ी के 12 किसान पवन देशवाल, राजपाल, छिद्दी देशवाल, रणवीर सिंह, गजराज, महीपाल, ऋषिपाल, राजेंद्र, दीपचंद, श्रवण, बीर सिंह महाशय भूख हड़ताल पर रहे।
विज्ञापन
वहीं डागर पाल से जुड़े किसानों ने दर्जनों ट्रैक्टरों के साथ रैली निकालकर धरने को समर्थन दिया। डागर पाल पंच धर्मबीर डागर के नेतृत्व में किसान ताऊ देवीलाल टाउन पार्क पर एकत्रित हुए। वहां से ट्रैक्टर रैली के जरिये अटोहां चौक स्थित धरना स्थल पर पहुंचे। सरपंच जोहरखेड़ा तेज सिंह, करतार डागर, देवी सिंह सरपंच, सतबीर डागर झाड़सैतली, पार्षद जगन डागर आदि मुख्य रूप से शामिल रहे।
विज्ञापन
किसान भाईचारा जिंदाबाद के नारे लगे
मंगलवार को धरने में भाईचारे की मिशाल देखने को मिली। विभिन्न स्थानों से मुस्लिम समाज के लोग धरने को समर्थन देने पहुंचे। इस दौरान किसान भाईचारा जिंदाबाद के नारे लगाए गए। समर्थन देने वालों में मुख्य रूप से हरियाणा, हिमाचल, पंजाब व चंडीगढ़ जमीयत के महासचिव मौलाना शौकत, नसीम अहमद, मौलाना इमाम, मौलाना अजहरुद्दीन हथीन, मौलाना जाहिद घासेड़ा, अजमत मोहदमका, आस मोहम्मद हथीन, अहमद अली, साहब खान मनकाकी मुख्य रूप से शामिल रहे।
आंदोलन के गवाह बनेंगे पौधे
सेवा सिंह ट्रस्ट के तत्वावधान में बाबा खडूर सिंह के नेतृत्व में धरना स्थल पर पीपल के 5 पौधे लगाए गए। किसान नेता बाबा देवेंद्र ने कहा कि यह पौधे इस आंदोलन के गवाह बनेंगे। पौधे लगाने वालों में गांव अटोहां के सरपंच नरवीर, जोगा सिंह, बलविंदर सिंह, गुरुप्रीत सिंह आदि शामिल रहे।
सहयोग देने का सिलसिला जारी
धरना स्थल पर गुरु का ताल गुरुद्वारा आगरा के नेतृत्व में चल रहे लंगर को सहयोग देने का सिलसिला जारी है। जोहरखेड़ा गांव की ओर से एक ट्रॉली भरकर खाद्य सामग्री दी गई। इसमें आटा, चीनी, दाल, चावल, सब्जियां शामिल थीं। नोएडा से आई स्नेहलता गौतम ने भी सहयोग किया। गांव चांदहट निवासी सूरजमल जेलदार ने किसानों के लिए कंबल भेंट किए।
अवतार भड़ाना दूसरे दिन भी पहुंचे
फरीदाबाद से 4 बार सांसद रहे व मीरापुर से विधायक अवतार सिंह भड़ाना लगातार दूसरे दिन किसानों के धरने को समर्थन देने पहुंचे। भड़ाना ने कहा कि वे हर परिस्थिति में किसानों के साथ हैं। यदि किसानों के साथ उन्हें सरकार से टकराना पड़ा तो पीछे नहीं हटेंगे। किसानों ने एकजुट होकर सरकार को अपनी ताकत दिखा दी है। पूरे विश्व में आज किसान आंदोलन की चर्चा है। परमपाल सिंह पंजाब, अंजना कुरेरिया, स्वामी श्रद्धानंद आदि ने भी धरने को संबोधित किया।

पलवल में अनशन पर बैठे किसान।- फोटो : Palwal

पलवल में धरना स्थल पर किसानों को समर्थन देते मुस्लिम समाज के लोग।- फोटो : Palwal

पलवल में किसानों को समर्थन देने जाते डागर पाल के किसान।- फोटो : Palwal