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प्रधानाचार्य ने खुदवा दिया बच्चों के खेल का मैदान
palwal
Updated Mon, 30 May 2016 04:32 PM IST
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खुदा पड़ा मैदान
- फोटो : अमर उजाला
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गांव घोड़ी के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के मैदान में बने खेल के मैदान को स्कूल के प्रधानाचार्य ने खुदवा दिया है। प्रधानाचार्य ने ट्रैक्टर चलवाकर मैदान की जुताई करा दी। इससे स्कूल प्रशासन और ग्राम पंचायत के बीच तनाव पैदा हो गया है।
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गांव के युवा और स्कूली छात्र उक्त मैदान में ही खेलों का अभ्यास करते हैं। ट्रैक की जुताई करवाने के बाद पंचायत ने एक बैठक की, जिसमें प्रधानाचार्य को भी बुलाया गया, लेकिन प्रधानाचार्य ने बैठक में आने से मना कर दिया।
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इस पर पंचायत ने जिला उपायुक्त, जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी व जिला शिक्षा अधिकारी सहित अन्य आला अधिकारियों को प्रधानाचार्य की शिकायत भेजी है।
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गांव सरपंच राजेंद्र सिंह व अन्य पंचों ने अधिकारियों को भेजी शिकायत में कहा है कि गांव घोड़ी में खेलने के लिए केवल राजकीय विद्यालय का ही मैदान है। इसमें कई खेलों के ट्रैक और मैदान बने हुए हैं। मैदान पर कई बार खंड स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताएं भी हो चुकी हैं।
गांव के युवाओं में खेलों के प्रति काफी रुचि है। गांव में प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर के करीब आधा दर्जन से अधिक खिलाड़ी हैं। कई तो राष्ट्रीय स्तर पर पदक भी जीत चुके हैं। पाइका और स्पीड में गांव के खिलाड़ियों का जलवा कायम हमेशा रहा है। उसके बावजूद प्रधानाचार्य जान बूझकर युवाओं को हतोत्साहित कर रहे हैं।
शिकायत में कहा गया है कि अगले माह राष्ट्रीय स्तर के ट्रायल होने वाले हैं और खिलाड़ी अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं। इससे खिलाड़ियों में रोष बना हुआ है। शिकायत में मांग की गई है कि प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की जाए और उनका तबादला किसी अन्य विद्यालय में कर दिया जाए।
- राजेंद्र सिंह, सरपंच, गांव घोड़ी।
पहले भी प्रधानाचार्या के साथ ट्रैक के बीच में एक कमरा बनाने को लेकर विवाद हो गया था। अब 25 मई को पूरे मैदान को ट्रैक्टर-हैरो से जुतवा दिया। खिलाड़ियों ने इसकी शिकायत की तो ग्राम पंचायत की बैठक बुलाई गई। बैठक में प्रधानाचार्य को भी बुलाया गया, परंतु उन्होंने बैठक में आने से इंकार कर दिया। पंचायत ने आला अधिकारियों से प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
ग्राम पंचायत की तरफ से मुझे भी शिकायत मिली है। प्रधानाचार्य से भी इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा गया है। जांच के बाद जो सच्चाई सामने आएगी, उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। - सुरेश धनखड़, जिला शिक्षा अधिकारी।