{"_id":"67003597ba2fbe4ab104e1fa","slug":"compensation-of-rs-315-lakh-for-the-car-burnt-in-fire-palwal-news-c-24-1-fb11002-108962-2024-10-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Palwal News: बीमा कंपनी को उपभोक्ता आयोग का झटका, आग में जलने वाली कार के लिए 3.15 लाख का मुआवजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Palwal News: बीमा कंपनी को उपभोक्ता आयोग का झटका, आग में जलने वाली कार के लिए 3.15 लाख का मुआवजा
Sat, 05 Oct 2024 12:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
Updated Sat, 05 Oct 2024 12:06 AM IST
विज्ञापन
- चार साल पहले कार में आग लगने के मामले में उपभोक्ता को मिलेगी राहत, मानसिक तनाव और कानूनी खर्च का भी मिलेगा मुआवजा
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। उपभोक्ता आयोग ने चार साल पहले एक हादसे में कार में आग लगने के मामले में बीमा कंपनी को आदेश दिया है कि वह एक ग्राहक को 3.15 लाख रुपये का मुआवजा दे। यह मामला उस समय शुरू हुआ जब शिकायतकर्ता जितेंद्र कुमार ने अपनी गाड़ी के लिए बीमा क्लेम के सिलसिले में बीमा कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष फूल सिंह ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपने आदेश में कहा कि शिकायतकर्ता ने बीमा कंपनी को इस संबंध में सभी आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत किए थे। आयोग ने कहा कि बीमा कंपनी ने गलत तरीके से दावे को अस्वीकार किया और बीमा की शर्तों का उल्लंघन किया। बीमा कंपनी को निर्देश दिया कि वह जितेंद्र कुमार को 3,15,500 रुपये का मुआवजा छह फीसदी ब्याज दर समेत दे। इसके साथ ही बीमा कंपनी शिकायतकर्ता को मानसिक तनाव के पांच हजार और कानूनी खर्च के तीन हजार रुपये की अतिरिक्त राशि भी दी जाए। यह मामला उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत दिया गया है।
गांव दुर्गापुर के रहने वाले जितेंद्र कुमार ने बीमा कंपनी यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के खिलाफ उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में याचिका दायर की थी। याचिका के अनुसार जितेंद्र कुमार का कहना था कि उनकी गाड़ी 18 जनवरी 2020 को एक दुर्घटना का शिकार हुई और उसमें आग लग गई थी। इस घटना के बाद उन्होंने तुरंत आग बुझाने वाली सेवा और पुलिस को सूचित किया था। हालांकि, जब उन्होंने बीमा क्लेम का दावा किया, तो बीमा कंपनी ने उनके दावे को यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि जितेंद्र कुमार ने गाड़ी के पंजीकरण नंबर का परिवर्तन बिना सूचित किए किया था और यह कि उनके पास उस समय की बीमा पॉलिसी मान्य नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि गाड़ी का पंजीकरण नंबर और मॉडल बीमा पॉलिसी में दर्ज जानकारी से मेल नहीं खाता।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। उपभोक्ता आयोग ने चार साल पहले एक हादसे में कार में आग लगने के मामले में बीमा कंपनी को आदेश दिया है कि वह एक ग्राहक को 3.15 लाख रुपये का मुआवजा दे। यह मामला उस समय शुरू हुआ जब शिकायतकर्ता जितेंद्र कुमार ने अपनी गाड़ी के लिए बीमा क्लेम के सिलसिले में बीमा कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष फूल सिंह ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपने आदेश में कहा कि शिकायतकर्ता ने बीमा कंपनी को इस संबंध में सभी आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत किए थे। आयोग ने कहा कि बीमा कंपनी ने गलत तरीके से दावे को अस्वीकार किया और बीमा की शर्तों का उल्लंघन किया। बीमा कंपनी को निर्देश दिया कि वह जितेंद्र कुमार को 3,15,500 रुपये का मुआवजा छह फीसदी ब्याज दर समेत दे। इसके साथ ही बीमा कंपनी शिकायतकर्ता को मानसिक तनाव के पांच हजार और कानूनी खर्च के तीन हजार रुपये की अतिरिक्त राशि भी दी जाए। यह मामला उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत दिया गया है।
विज्ञापन
गांव दुर्गापुर के रहने वाले जितेंद्र कुमार ने बीमा कंपनी यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के खिलाफ उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में याचिका दायर की थी। याचिका के अनुसार जितेंद्र कुमार का कहना था कि उनकी गाड़ी 18 जनवरी 2020 को एक दुर्घटना का शिकार हुई और उसमें आग लग गई थी। इस घटना के बाद उन्होंने तुरंत आग बुझाने वाली सेवा और पुलिस को सूचित किया था। हालांकि, जब उन्होंने बीमा क्लेम का दावा किया, तो बीमा कंपनी ने उनके दावे को यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि जितेंद्र कुमार ने गाड़ी के पंजीकरण नंबर का परिवर्तन बिना सूचित किए किया था और यह कि उनके पास उस समय की बीमा पॉलिसी मान्य नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि गाड़ी का पंजीकरण नंबर और मॉडल बीमा पॉलिसी में दर्ज जानकारी से मेल नहीं खाता।
विज्ञापन