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Palwal News: 45 लाख प्रति एकड़ मुआवजा मंजूर नहीं, बाजार के अनुरूप मिले कीमत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jul 2026 11:53 PM IST
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Compensation of 45 lakh per acre is unacceptable
एनएच-334 चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध तेज, किसानों ने मांगे 10 करोड़ रुपये प्रति एकड़
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संवाद न्यूज एजेंसी






पलवल। किसानों ने
पलवल-अलीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-334) के चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध करते हुए उचित मुआवजे की मांग की है। मीसा, खेडला, पेलक,चांदहट और रहीमपुर गांवों के किसानों ने सरकार से बाजार भाव के अनुरूप मुआवजा देने की मांग की। किसानों का कहना है कि सरकार 45 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से भूमि अधिग्रहित कर रही है, जबकि क्षेत्र में जमीन का वास्तविक बाजार मूल्य करीब 10 करोड़ रुपये प्रति एकड़ है। ऐसे में घोषित मुआवजा किसानों के साथ अन्याय है।


किसानों ने आरोप लगाया कि जिला राजस्व अधिकारियों ने सर्किल रेट वास्तविक बाजार कीमत के अनुरूप तय नहीं किए। इसी कारण अधिग्रहण की दर बाजार मूल्य से काफी कम रह गई है। उनका कहना है कि यदि इसी दर पर जमीन ली गई तो किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा और भविष्य में उनके पास आजीविका का कोई स्थायी साधन नहीं बचेगा।
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प्रभावित किसानों ने बताया कि वे अपनी मांग को लेकर कई बार स्थानीय विधायक एवं खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम, जिला उपायुक्त डॉ. जयेन्द्र सिंह छिल्लर और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से मिल चुके हैं। उन्होंने मांगपत्र भी सौंपे, लेकिन अब तक मुआवजा दरों में संशोधन को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।
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किसानों से बातचीत


यदि हमारी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। -महेंद्र सिंह चौहान, किसान नेता





जब आसपास की जमीन करोड़ों में बिक रही है तो हम लाखों रुपये में अपनी जमीन क्यों दें। -बबली जाखड़, किसान





कई बार विधायक, मंत्री और अधिकारियों से मिलकर बात रखी है, लेकिन समाधान नहीं निकला। -मनोज कुमार, किसान





विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं। किसानों को आजीविका की आधार जमीन का उचित मूल्य मिलने। -हरबंश सरदाना, किसान







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