{"_id":"601972958ebc3e2fd8161940","slug":"central-government-has-broken-the-limits-of-politics-palwal-news-noi5633600114","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजनीति की मर्यादाओं को तोड़ चुकी है सरकार: करण दलाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजनीति की मर्यादाओं को तोड़ चुकी है सरकार: करण दलाल
विज्ञापन
धरने को संबोधित करते पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल।
- फोटो : Palwal
पलवल। संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वावधान में केएमपी-केजीपी इंटरचेंज के समीप धरने में भीड़ जुटनी शुरू हो गई। गांवों से किसान ट्रैक्टरों पर सवार होकर धरने को समर्थन देने पहुंचे। इस दौरान किसान नेताओं ने संबोधन से किसानों का उत्साह बढ़ाया। पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल ने कहा कि राजनीति भी मर्यादा में रहकर की जाती है, लेकिन केंद्र सरकार सभी मर्यादाएं तोड़ चुकी है। सरकार विकास को छोड़कर धर्म और जाति के नाम पर देश को बांट रही है। नफरत फैलाने के लिए अफवाहें फैलाई जा रही हैं। किसान ऐसी अफवाहों से बचें और सभी जातियों व धर्म के लोगों को साथ लेकर चलें। उन्होंने कहा कि 52 पालों में शामिल मथुरा जिले के सभी गांवों में जाकर लोगों को जागरूक करें। सभी गांवों में अभियान चलाकर आंदोलन में शामिल होने की अपील करें।
वहीं, स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती ने कहा कि दोबारा से पूरी मजबूती के साथ धरना शुरू करना किसानों की जीत है। धरने को शांतिपूर्ण तरीके से चलाया जा रहा है। राजेश बहीन ने कहा कि किसानों को सरकार की मंशा साफ दिखाई दे रही है। किसान जाति और धर्म से ऊपर उठकर संगठित हुए हैं और अब पूरी जीत के साथ वापस लौटेंगे। मंगलवार को धरने की अध्यक्षता गांव अलावलपुर निवासी हेतलाल पहलवान ने की, जबकि संचालन रूपराम तेवतिया ने किया। 52 पालों के अध्यक्ष अरुण जेलदार ने धरने का नेतृत्व किया। इस मौके पर डागर पाल पंच धर्मबीर डागर, रतन सिंह सौरोत, धर्मचंद, ताराचंद, सोहन पाल चौहान, ज्ञान सिंह चौहान, बीर सिंह, सुरेंद्र मान प्याला आदि ने भी किसानों को संबोधित किया।
-----
किसानों की संख्या बढ़ी, छोटा पड़ा पंडाल
केएमपी-केजीपी इंटरचेंच के बीच सर्विस रोड पर लगा पंडाल छोटा पड़ने लगा है। धरने के दूसरे दिन किसानों की संख्या इतनी ज्यादा हो गई कि बैठने तक के लिए जगह नहीं मिली। किसानों ने खड़े रहकर ही किसान नेताओं का संबोधन सुना। किसान नेताओं का कहना है कि किसानों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है। इसके लिए पांडाल को और ज्यादा बढ़ाया जाएगा।
विज्ञापन
------
राष्ट्रीय किसान मजदूर यूनियन ने दिया समर्थन
राष्ट्रीय किसान मजदूर यूनियन अराजनैतिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश कुमार अत्री टीम के साथ धरने को समर्थन देने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कृषि कानूनों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रमेश अत्री ने कहा कि आज पूरे देश में सरकार के प्रति रोष है। सरकार ने साजिश के तहत तिरंगे का अपमान किया है। किसानों को बदनाम करने की साजिश जनता के सामने आ गई है। किसान अब पूरी मजबूती के साथ इस लड़ाई को लड़ेंगे। इनके अलावा नूंह से हाजी नईम इकबाल और आसिफ अली ने भी समर्थन दिया।
-----
प्रशासन ने नहीं दी बिजली-पानी की सुविधा
किसानों ने प्रशासन की सहमति से शांतिपूर्ण धरना शुरू कर दिया, लेकिन 24 घंटे बीत जाने के बाद भी प्रशासन ने किसानों को बिजली और पानी देने का वायदा पूरा नहीं किया। इससे किसानों में रोष है। किसान जनरेटर के माध्यम से बिजली का उपयोग कर रहे हैं।
----
गीतों के माध्यम से भरा जोश
धरने पर मंगलवार को कवि और गायकों ने गीतों के माध्यम से किसानों में जोश भरा। गांव औरंगाबाद निवासी महाशय गजराज ने ‘आज हमारे देश में चौतरफा मची तबाही, देख लई सरकार आज यू करती नहीं सुनाई...’ गीत गाया। इसके अलावा रणजीत सिंह आर्य और अन्य ने भी रचनाएं प्रस्तुत कर किसानों की वाहवाही लूटी।
विज्ञापन
वहीं, स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती ने कहा कि दोबारा से पूरी मजबूती के साथ धरना शुरू करना किसानों की जीत है। धरने को शांतिपूर्ण तरीके से चलाया जा रहा है। राजेश बहीन ने कहा कि किसानों को सरकार की मंशा साफ दिखाई दे रही है। किसान जाति और धर्म से ऊपर उठकर संगठित हुए हैं और अब पूरी जीत के साथ वापस लौटेंगे। मंगलवार को धरने की अध्यक्षता गांव अलावलपुर निवासी हेतलाल पहलवान ने की, जबकि संचालन रूपराम तेवतिया ने किया। 52 पालों के अध्यक्ष अरुण जेलदार ने धरने का नेतृत्व किया। इस मौके पर डागर पाल पंच धर्मबीर डागर, रतन सिंह सौरोत, धर्मचंद, ताराचंद, सोहन पाल चौहान, ज्ञान सिंह चौहान, बीर सिंह, सुरेंद्र मान प्याला आदि ने भी किसानों को संबोधित किया।
विज्ञापन
-----
किसानों की संख्या बढ़ी, छोटा पड़ा पंडाल
केएमपी-केजीपी इंटरचेंच के बीच सर्विस रोड पर लगा पंडाल छोटा पड़ने लगा है। धरने के दूसरे दिन किसानों की संख्या इतनी ज्यादा हो गई कि बैठने तक के लिए जगह नहीं मिली। किसानों ने खड़े रहकर ही किसान नेताओं का संबोधन सुना। किसान नेताओं का कहना है कि किसानों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है। इसके लिए पांडाल को और ज्यादा बढ़ाया जाएगा।
विज्ञापन
------
राष्ट्रीय किसान मजदूर यूनियन ने दिया समर्थन
राष्ट्रीय किसान मजदूर यूनियन अराजनैतिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश कुमार अत्री टीम के साथ धरने को समर्थन देने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कृषि कानूनों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रमेश अत्री ने कहा कि आज पूरे देश में सरकार के प्रति रोष है। सरकार ने साजिश के तहत तिरंगे का अपमान किया है। किसानों को बदनाम करने की साजिश जनता के सामने आ गई है। किसान अब पूरी मजबूती के साथ इस लड़ाई को लड़ेंगे। इनके अलावा नूंह से हाजी नईम इकबाल और आसिफ अली ने भी समर्थन दिया।
-----
प्रशासन ने नहीं दी बिजली-पानी की सुविधा
किसानों ने प्रशासन की सहमति से शांतिपूर्ण धरना शुरू कर दिया, लेकिन 24 घंटे बीत जाने के बाद भी प्रशासन ने किसानों को बिजली और पानी देने का वायदा पूरा नहीं किया। इससे किसानों में रोष है। किसान जनरेटर के माध्यम से बिजली का उपयोग कर रहे हैं।
----
गीतों के माध्यम से भरा जोश
धरने पर मंगलवार को कवि और गायकों ने गीतों के माध्यम से किसानों में जोश भरा। गांव औरंगाबाद निवासी महाशय गजराज ने ‘आज हमारे देश में चौतरफा मची तबाही, देख लई सरकार आज यू करती नहीं सुनाई...’ गीत गाया। इसके अलावा रणजीत सिंह आर्य और अन्य ने भी रचनाएं प्रस्तुत कर किसानों की वाहवाही लूटी।