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मुंबई-दादरी फ्रेट रेलवे कॉरिडोर : लाभार्थियों की नहीं हो पा रही पहचान
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Case of rigging in Mumbai Railway Freight Corridor : Beneficiaries are not able to identify
पलवल। मुंबई रेलवे फ्रेट कॉरिडोर में हुई जमीन अधिग्रहण धांधली में मंगलवार को भी जांच चलती रही। अधिकारियों के साथ संबंधित गांवों के पटवारी रजिस्ट्रियों को खंगालते रहे। जांच प्रक्रिया के दौरान नए तथ्य सामने आए हैं। गांव पृथला और मैदापुर में जिन लोगों के अवार्ड घोषित किए गए हैं, उनसे में ज्यादातर की पहचान ही नहीं हो पा रही है। रेलवे की पॉलिसी के अनुसार करीब 493 लाभार्थियों को सरकारी नौकरी या रोजगार के पांच लाख रुपये दिए जाने थे, जोकि अधिगृहीत जमीन की राशि से काफी ज्यादा थी।
मामले की जांच शुरू हुई तो 493 लाभार्थियों में ज्यादातर ऐसे थे, जिनकी अधिगृहीत जमीन का रकबा एक गज से भी कम था। अब इनमें से करीब 400 लोगों की पहचान नहीं हो पा रही है। गांव मैदापुर में करीब एक एकड़ जमीन के लिए 136 लोगों के अवार्ड हुए हैं, जिनमें से जमाबंदी में दर्ज 27 लोग और 109 लोग रजिस्ट्री से बने नए मालिक शामिल हैं। 109 नए मालिकों में से करीब 100 की पहचान नहीं हो पा रही है। इसी प्रकार पृथला में करीब चार एकड़ जमीन के लिए 219 लोगों का अवार्ड हुआ है। इनमें 140 लोग रजिस्ट्री से मालिक बने हैं। इनमें करीब 125 की पहचान नहीं हो पा रही है। वहीं, गांव असावटी और जटौला में भी 150 से ज्यादा लोगों के नामों की पहचान नहीं हो पाई है। रजिस्ट्री में मालिक और उसके पिता या पति निवासी फरीदाबाद लिखा गया है। वहीं, एक रजिस्ट्री में दर्जनों खरीदार दर्शाये गए हैं। पूरा पता न होने के कारण परेशानी आ रही है।
डीआरओ रामफल कटारिया ने बताया कि रजिस्ट्री में नाम व पता पूरा दर्ज किया जाना चाहिए। नाम व पते की तस्दीक स्थानीय नंबरदार द्वारा किया जाना जरूरी है। जांच में नाम व पतों की पहचान नहीं होने पर नंबरदार और खरीददार को नोटिस जारी कर बुलाकर खरीददारों की पहचान करने का प्रयास किया जाएगा।
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मामले की जांच शुरू हुई तो 493 लाभार्थियों में ज्यादातर ऐसे थे, जिनकी अधिगृहीत जमीन का रकबा एक गज से भी कम था। अब इनमें से करीब 400 लोगों की पहचान नहीं हो पा रही है। गांव मैदापुर में करीब एक एकड़ जमीन के लिए 136 लोगों के अवार्ड हुए हैं, जिनमें से जमाबंदी में दर्ज 27 लोग और 109 लोग रजिस्ट्री से बने नए मालिक शामिल हैं। 109 नए मालिकों में से करीब 100 की पहचान नहीं हो पा रही है। इसी प्रकार पृथला में करीब चार एकड़ जमीन के लिए 219 लोगों का अवार्ड हुआ है। इनमें 140 लोग रजिस्ट्री से मालिक बने हैं। इनमें करीब 125 की पहचान नहीं हो पा रही है। वहीं, गांव असावटी और जटौला में भी 150 से ज्यादा लोगों के नामों की पहचान नहीं हो पाई है। रजिस्ट्री में मालिक और उसके पिता या पति निवासी फरीदाबाद लिखा गया है। वहीं, एक रजिस्ट्री में दर्जनों खरीदार दर्शाये गए हैं। पूरा पता न होने के कारण परेशानी आ रही है।
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डीआरओ रामफल कटारिया ने बताया कि रजिस्ट्री में नाम व पता पूरा दर्ज किया जाना चाहिए। नाम व पते की तस्दीक स्थानीय नंबरदार द्वारा किया जाना जरूरी है। जांच में नाम व पतों की पहचान नहीं होने पर नंबरदार और खरीददार को नोटिस जारी कर बुलाकर खरीददारों की पहचान करने का प्रयास किया जाएगा।
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