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प्ले स्कूलों के कैंपस की दीवारों पर बनाए जाएंगे कार्टून
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हथीन। 29 स्कूलों में बनाए गए प्री प्राइमरी स्कूलों, प्ले स्कूल की दीवारों को कलरफुल किया जाएगा। यहां की दीवारों पर कार्टून बनाए जाएंगे। इसके साथ ही हिंदी, इंग्लिश की वर्णमाला लिखी जाएगी। खेल-खेल में यहां नौनिहालों को अक्षर ज्ञान दिया जाएगा।
मस्ती की पाठशाला को खूबसूरत बनाने को लेकर हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से आठ लाख, 70 हजार रुपये का बजट जारी किया गया है। जिला परियोजना समन्वयक गौतम कुमार का कहना है कि प्री प्राइमरी यानी प्ले स्कूल बनाए जाने हैं। इसके लिए बजट जारी हुआ। जरूरत अनुसार इसे खर्च किया जाना है। प्ले स्कूल की दीवारों को खूबसूरत और ज्ञानवर्धक तरीके से सेटिंग कर सजाया जाएगा। पेंटिंग से सजाई गई दीवारों को देखकर नौनिहाल खेलकूद के साथ स्कूली शिक्षा भी प्राप्त करेंगे। प्ले स्कूलों में इनडोर और आउटडोर गेम्स भी होंगे। बच्चों को आकर्षित करने के लिए कलरफुल वॉल, शौचालय, कक्षा, रसोईघर, खेल उपकरण, खिलौने व डिस्प्ले बोर्ड की सुविधा दी जाएगी।
प्ले स्कूल आंगनबाड़ी के तहत चलेंगे
प्राइमरी स्कूल से पहले अधिकतर अभिभावक बच्चों को निजी प्ले स्कूल में भेजना पसंद करते हैं, इसलिए प्ले स्कूल बनाए जा रहे हैं। इनको आंगनबाड़ी केंद्रों के तहत चलाया जाएगा जिसमें बच्चा आसानी और मनोरंजक तरीके से पढ़-लिख सकेगा। हिंदी, अंग्रेजी वर्णमाला के अक्षर, कार्टून चरित्र, पक्षी, फल, सब्जी, जानवरों के नाम के साथ उनके चित्र छापे जाएंगे। उनको रंगीन और सकारात्मक वातावरण मिल सके। यहां इस तरह से पढ़ाई कराई जाएगी, जिससे बच्चे बोरियत महसूस न करें। प्ले स्कूलों को चलाने के लिए चुनी गई आंगनबाड़ी वर्कर्स को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है जोकि 28 जनवरी तक जारी रहेगा।
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मस्ती की पाठशाला को खूबसूरत बनाने को लेकर हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से आठ लाख, 70 हजार रुपये का बजट जारी किया गया है। जिला परियोजना समन्वयक गौतम कुमार का कहना है कि प्री प्राइमरी यानी प्ले स्कूल बनाए जाने हैं। इसके लिए बजट जारी हुआ। जरूरत अनुसार इसे खर्च किया जाना है। प्ले स्कूल की दीवारों को खूबसूरत और ज्ञानवर्धक तरीके से सेटिंग कर सजाया जाएगा। पेंटिंग से सजाई गई दीवारों को देखकर नौनिहाल खेलकूद के साथ स्कूली शिक्षा भी प्राप्त करेंगे। प्ले स्कूलों में इनडोर और आउटडोर गेम्स भी होंगे। बच्चों को आकर्षित करने के लिए कलरफुल वॉल, शौचालय, कक्षा, रसोईघर, खेल उपकरण, खिलौने व डिस्प्ले बोर्ड की सुविधा दी जाएगी।
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प्ले स्कूल आंगनबाड़ी के तहत चलेंगे
प्राइमरी स्कूल से पहले अधिकतर अभिभावक बच्चों को निजी प्ले स्कूल में भेजना पसंद करते हैं, इसलिए प्ले स्कूल बनाए जा रहे हैं। इनको आंगनबाड़ी केंद्रों के तहत चलाया जाएगा जिसमें बच्चा आसानी और मनोरंजक तरीके से पढ़-लिख सकेगा। हिंदी, अंग्रेजी वर्णमाला के अक्षर, कार्टून चरित्र, पक्षी, फल, सब्जी, जानवरों के नाम के साथ उनके चित्र छापे जाएंगे। उनको रंगीन और सकारात्मक वातावरण मिल सके। यहां इस तरह से पढ़ाई कराई जाएगी, जिससे बच्चे बोरियत महसूस न करें। प्ले स्कूलों को चलाने के लिए चुनी गई आंगनबाड़ी वर्कर्स को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है जोकि 28 जनवरी तक जारी रहेगा।
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