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Palwal News: एसीबी के जाल में फंसा बिल्डिंग इंस्पेक्टर...25000 रिश्वत लेते दबोचा
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मकान नहीं तोड़ने के बदले में मांगे थे रुपये, रिश्वत मांगने के आरोप में पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
5 लाख रुपये के साथ पिछले बार पकड़ा गया था
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। नगर परिषद के बिल्डिंग इंस्पेक्टर चिमनलाल को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने मंगलवार को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर कुसलीपुर गांव निवासी किशन चंद के मकान को नहीं तोड़ने और कार्रवाई से बचाने की एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है। शिकायत के आधार पर एसीबी ने रिश्वत की रकम लेते वक्त आरोपी को काबू कर लिया।
जानकारी के अनुसार, किशनचंद की शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले की पुष्टि की और अधिकारी को गिरफ्तार करने के लिए जाल बिछाया। टीम ने शिकायतकर्ता को 25 हजार रुपये की रकम देकर आरोपी के पास भेजा। जैसे ही बिल्डिंग इंस्पेक्टर ने रकम ली, टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई। एसीबी मामले से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्य भी जुटा रही है।
7 मार्च 2022 में चिमनलाल पहले भी रिश्वत के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। पुराने मामले में विजिलेंस विभाग की टीम ने उसे पांच लाख रुपये लेते रंगे हाथ पकड़ा था। उस समय बस स्टैंड मार्केट में शोरूम का नक्शा पास करने की एवज में दस लाख रुपये मांगने का आरोप लगा था। शिकायतकर्ता दिलीप बिंदल ने विजिलेंस को शिकायत दी थी। आरोप के अनुसार, बाद में पांच लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। विजिलेंस ने ट्रैप लगाकर चिमनलाल को पांच लाख रुपये के साथ गिरफ्तार किया था।
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एसीबी कर रही अन्य लोगों की भूमिका की जांच
एसीबी के सब इंस्पेक्टर राजकुमार ने बताया कि बिल्डिंग इंस्पेक्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है। आरोपी पहले भी रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि रिश्वत मांगने और लेने में उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। मामले से संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
पिछले सप्ताह नौ हजार रुपये रिश्वत लेते दो पुलिसकर्मी गिरफ्तार
पिछले सप्ताह बृहस्पतिवार को स्कूटी छोड़ने के बदले नौ हजार रुपये रिश्वत लेते डायल-112 से जुड़े दो पुलिसकर्मियों को राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की पलवल टीम ने गिरफ्तार किया था। आरोपियों की पहचान सिपाही हरीश और सिपाही दीपक के रूप में हुई थी। टीम ने हरीश को नौ हजार रुपये लेते रंगे हाथ पकड़ा था, जबकि मौके पर मौजूद दीपक को भी गिरफ्तार किया गया। मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो फरीदाबाद थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
नक्शा पास कराने के लिए यह है नियम
नगर पालिका की बिल्डिंग शाखा में नक्शा पास कराने के लिए आवेदक को बिल्डिंग बायलॉज के तहत निर्धारित दस्तावेज जमा कराने होते हैं। दस्तावेज जमा होने के बाद विभाग की ओर से साइट का निरीक्षण किया जाता है। साइट पर कोई आपत्ति नहीं मिलने पर सामान्य तौर पर एक माह के भीतर नक्शा पास कर दिया जाता है। यदि निरीक्षण के दौरान कोई आपत्ति मिलती है तो आवेदक को उसे दूर करना होता है। इसके बाद दोबारा साइट का निरीक्षण कर नक्शा पास किया जाता है।
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5 लाख रुपये के साथ पिछले बार पकड़ा गया था
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। नगर परिषद के बिल्डिंग इंस्पेक्टर चिमनलाल को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने मंगलवार को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर कुसलीपुर गांव निवासी किशन चंद के मकान को नहीं तोड़ने और कार्रवाई से बचाने की एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है। शिकायत के आधार पर एसीबी ने रिश्वत की रकम लेते वक्त आरोपी को काबू कर लिया।
जानकारी के अनुसार, किशनचंद की शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले की पुष्टि की और अधिकारी को गिरफ्तार करने के लिए जाल बिछाया। टीम ने शिकायतकर्ता को 25 हजार रुपये की रकम देकर आरोपी के पास भेजा। जैसे ही बिल्डिंग इंस्पेक्टर ने रकम ली, टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई। एसीबी मामले से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्य भी जुटा रही है।
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7 मार्च 2022 में चिमनलाल पहले भी रिश्वत के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। पुराने मामले में विजिलेंस विभाग की टीम ने उसे पांच लाख रुपये लेते रंगे हाथ पकड़ा था। उस समय बस स्टैंड मार्केट में शोरूम का नक्शा पास करने की एवज में दस लाख रुपये मांगने का आरोप लगा था। शिकायतकर्ता दिलीप बिंदल ने विजिलेंस को शिकायत दी थी। आरोप के अनुसार, बाद में पांच लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। विजिलेंस ने ट्रैप लगाकर चिमनलाल को पांच लाख रुपये के साथ गिरफ्तार किया था।
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एसीबी कर रही अन्य लोगों की भूमिका की जांच
एसीबी के सब इंस्पेक्टर राजकुमार ने बताया कि बिल्डिंग इंस्पेक्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है। आरोपी पहले भी रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि रिश्वत मांगने और लेने में उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। मामले से संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
पिछले सप्ताह नौ हजार रुपये रिश्वत लेते दो पुलिसकर्मी गिरफ्तार
पिछले सप्ताह बृहस्पतिवार को स्कूटी छोड़ने के बदले नौ हजार रुपये रिश्वत लेते डायल-112 से जुड़े दो पुलिसकर्मियों को राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की पलवल टीम ने गिरफ्तार किया था। आरोपियों की पहचान सिपाही हरीश और सिपाही दीपक के रूप में हुई थी। टीम ने हरीश को नौ हजार रुपये लेते रंगे हाथ पकड़ा था, जबकि मौके पर मौजूद दीपक को भी गिरफ्तार किया गया। मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो फरीदाबाद थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
नक्शा पास कराने के लिए यह है नियम
नगर पालिका की बिल्डिंग शाखा में नक्शा पास कराने के लिए आवेदक को बिल्डिंग बायलॉज के तहत निर्धारित दस्तावेज जमा कराने होते हैं। दस्तावेज जमा होने के बाद विभाग की ओर से साइट का निरीक्षण किया जाता है। साइट पर कोई आपत्ति नहीं मिलने पर सामान्य तौर पर एक माह के भीतर नक्शा पास कर दिया जाता है। यदि निरीक्षण के दौरान कोई आपत्ति मिलती है तो आवेदक को उसे दूर करना होता है। इसके बाद दोबारा साइट का निरीक्षण कर नक्शा पास किया जाता है।