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आंदोलन का विरोध करने वाले नेताओं और पार्टियों का करें बहिष्कार
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पलवल। नए कृषि कानूनों के विरोध में केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर चल रहा किसानों का धरना रविवार को भी जारी रहा। धरने में ‘खेती बचाओ-लोकतंत्र बचाओ’ कार्यक्रम में भारी संख्या में पहुंचने पर किसानों का आभार जताया गया। नेताओं ने कहा कि आंदोलन का विरोध करने वाले नेताओं और पार्टियों का बहिष्कार करें। किसानों की एकता की बदौलत ही संयुक्त किसान मोर्चा के सभी आह्वान सफल हो पाए हैं। पिछले सात माह के दौरान सड़क से लेकर रेल मार्ग जाम कर विरोध जताया गया।
राष्ट्रवादी विचार मंच के अध्यक्ष स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों, मजदूरों और व्यापारियों को न्याय देने में शत-प्रतिशत विफल रही है। आंदोलनकारी किसान और मजदूरों के साथ सरकार जो व्यवहार कर रही है, ऐसा व्यवहार तो अंग्रेजी हुकूमत भी नहीं करती थी। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि जो भी पार्टी और नेता आंदोलन के विरोध में हैं, उनका बहिष्कार करें। आंदोलन को सात माह हो गए है, लेकिन सरकार किसानों से बात करने की बजाय उन्हें अपमानित और प्रताड़ित कर रही है। मास्टर महेंद्र चौहान ने कहा कि देश में लोकतंत्र समाप्त हो चुका है। अघोषित आपातकाल चल रहा है। ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग किया जा रहा है। भ्रष्टाचार चरमसीमा पर है। डीजल, पेट्रोल, और खाने के तेलों की कीमतें प्रतिदिन बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि सरकार का नेतृत्व ऐसे लोगों के हाथ में है, जो किसान, किसानी और ग्रामीणों की समस्याओं से अनभिज्ञ हैं। धरने को उदय सिंह सरपंच, धर्मचंद घुघेरा, ताराचंद, महाशय श्रीचंद, ठाकुरलाल आर्य, रूपराम तेवतिया, इंद्रदेव आर्य, चंद्रमुनी वानप्रस्थी, राजकुमार आर्य, छिद्दी सरपंच ने संबोधित किया।
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राष्ट्रवादी विचार मंच के अध्यक्ष स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों, मजदूरों और व्यापारियों को न्याय देने में शत-प्रतिशत विफल रही है। आंदोलनकारी किसान और मजदूरों के साथ सरकार जो व्यवहार कर रही है, ऐसा व्यवहार तो अंग्रेजी हुकूमत भी नहीं करती थी। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि जो भी पार्टी और नेता आंदोलन के विरोध में हैं, उनका बहिष्कार करें। आंदोलन को सात माह हो गए है, लेकिन सरकार किसानों से बात करने की बजाय उन्हें अपमानित और प्रताड़ित कर रही है। मास्टर महेंद्र चौहान ने कहा कि देश में लोकतंत्र समाप्त हो चुका है। अघोषित आपातकाल चल रहा है। ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग किया जा रहा है। भ्रष्टाचार चरमसीमा पर है। डीजल, पेट्रोल, और खाने के तेलों की कीमतें प्रतिदिन बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि सरकार का नेतृत्व ऐसे लोगों के हाथ में है, जो किसान, किसानी और ग्रामीणों की समस्याओं से अनभिज्ञ हैं। धरने को उदय सिंह सरपंच, धर्मचंद घुघेरा, ताराचंद, महाशय श्रीचंद, ठाकुरलाल आर्य, रूपराम तेवतिया, इंद्रदेव आर्य, चंद्रमुनी वानप्रस्थी, राजकुमार आर्य, छिद्दी सरपंच ने संबोधित किया।
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