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Palwal News: गो तस्करी के आरोप में पिटाई...10 दिन बाद नहर में मिला परिचालक का शव
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- घायल चालक ने सुनाई आपबीती, कहा-भाग न सके इसलिए दोनों के तोड़ दिए थे हाथ-पैर
- फरसा से सिर पर वार कर नहर में फेंका, 10 दिन बाद मंडकौला के समीप मिला परिचालक का शव
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। गो तस्करी के आरोप में चालक व परिचालक की पिटाई कर नहर में फेंकने के दस दिन बाद परिचालक का शव मंडकौला के समीप गुरुग्राम नहर में मिला। हालांकि, चालक बालकिशन किसी तरह बचकर बाहर निकल गया था। सोमवार को पोस्टमार्टम की कार्रवाई के दौरान मृतक के साथी चालक बालकिशन ने आपबीती बताई। चालक ने बताया कि 15 से 20 की संख्या में तथाकथित गो रक्षकों ने किसी खंडहर में ले जाकर कई घंटों तक हथौड़ा, फरसा, तलवार व रॉड से बेरहमी से पिटाई की। चालक-परिचालक भाग न सके, इसलिए दोनों के एक साइड के हाथ व पैर तोड़ दिए गए। बेहोशी की हालत में दोनों को गुरुग्राम कैनाल पर ले गए, जहां दोनों के सिर पर फरसा से वार कर नहर में फेंक दिया।
रास्ता पूछने के लिए रोकी थी पिकअप
घायल चालक बालकिशन ने बताया कि वह पिकअप गाड़ी को किराये पर चलाने का काम करते हैं। बीती 22 फरवरी को उन्हें राजस्थान के श्रीगंगानगर से लखनऊ के लिए दो गोवंश पहुंचाने का भाड़ा मिला। उन्होंने अपने साथी श्रीगंगानगर स्थित केसरी सिंहपुर निवासी संदीप (27) को भी साथ ले लिया। डेयरी से गायों को चढ़ाकर सुबह करीब साढ़े नौ बजे दोनों लखनऊ के लिए चल दिए। रात में नींद आने पर उन्होंने गाड़ी चलाने के लिए संदीप को दे दी। उन्हें अलीगढ़ रोड पर पेलक इंटरचेंज से उतरना था। उन्होंने बताया कि करीब साढे 12 बजे संदीप को जानकारी न होने पर उसने केएमपी से राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर गाड़ी को उतार दिया। रास्ता भटकने पर उन्होंने केएमपी के उतरते ही पुलिस बूथ पर खड़े पुलिस कर्मियों से रास्ता पूछा।
पुलिस ने गो रक्षकों को सौंपी पिकअप की चाबी
चालक बालकिशन ने बताया कि आधी रात होने की वजह से उन्होंने राह चलते लोगों की बजाय बूथ पर मौजूद पुलिस कर्मियों से रास्ता पूछा। सोचा था कि रात के समय लूटपाट का डर रहता है, परंतु उन्हें क्या पता था कि कानून के रक्षक ही भक्षक बन जाएंगे। पुलिस कर्मियों ने उनकी गाड़ी की चाबी निकाल ली और गाड़ी की तलाशी ली। दो गोवंश मिलने पर उन्होंने फोन कर तीन लोगों को बुला लिया और गाड़ी की चाबी हमलावरों को सौंप दी और 1100 रुपये लेने की बात कहते हुए पुलिस कर्मी चले गए। इसी दौरान तीन गो रक्षकों ने चार अन्य युवकों को बुला लिया, जिन्होंने उनके साथ वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों में से एक को पंडित नाम से पुकार रहे थे, जिसने अपने हाथ में लिए फरसा से पहले संदीप के सिर पर वार कर नहर में फेंका, उसके बाद उनके (बालकिशन) सिर पर वार कर नहर में फेंक दिया। इसके बाद उन्हें कुछ याद नहीं। हालांकि, जिला पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन ने मामले में शामिल दो पुलिस कर्मियों को बर्खास्त कर दिया, जबकि सब इंस्पेक्टर की विभागीय जांच की जा रही है।
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एक माह बाद होनी थी परिचालक संदीप की शादी
सोमवार को अस्पताल में पहुंचे परिचालक संदीप के पिता भंवरलाल का रो-रोकर बुरा हाल था। भंवरलाल ने बताया कि मंझले बेटे संदीप उर्फ प्रवीण कुमार का रिश्ता तय किया हुआ था। एक माह बाद संदीप की शादी होनी थी। परिवार शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था। उन्हें क्या पता था कि शादी की खुशियां मातम में बदल जाएंगी।
पांच आरोपी हैं रिमांड पर
पुलिस प्रवक्ता संजय कादियान ने बताया कि मामले में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर पांच दिन की रिमांड पर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में सोहना के गांव सांचौली निवासी पवन, नूंह जिला के गांव कलियाका निवासी नरेश, पातली गेट निवासी पकंज और जैंदीपुर मौहल्ला निवासी निखिल व देवराज शामिल है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
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- फरसा से सिर पर वार कर नहर में फेंका, 10 दिन बाद मंडकौला के समीप मिला परिचालक का शव
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। गो तस्करी के आरोप में चालक व परिचालक की पिटाई कर नहर में फेंकने के दस दिन बाद परिचालक का शव मंडकौला के समीप गुरुग्राम नहर में मिला। हालांकि, चालक बालकिशन किसी तरह बचकर बाहर निकल गया था। सोमवार को पोस्टमार्टम की कार्रवाई के दौरान मृतक के साथी चालक बालकिशन ने आपबीती बताई। चालक ने बताया कि 15 से 20 की संख्या में तथाकथित गो रक्षकों ने किसी खंडहर में ले जाकर कई घंटों तक हथौड़ा, फरसा, तलवार व रॉड से बेरहमी से पिटाई की। चालक-परिचालक भाग न सके, इसलिए दोनों के एक साइड के हाथ व पैर तोड़ दिए गए। बेहोशी की हालत में दोनों को गुरुग्राम कैनाल पर ले गए, जहां दोनों के सिर पर फरसा से वार कर नहर में फेंक दिया।
रास्ता पूछने के लिए रोकी थी पिकअप
घायल चालक बालकिशन ने बताया कि वह पिकअप गाड़ी को किराये पर चलाने का काम करते हैं। बीती 22 फरवरी को उन्हें राजस्थान के श्रीगंगानगर से लखनऊ के लिए दो गोवंश पहुंचाने का भाड़ा मिला। उन्होंने अपने साथी श्रीगंगानगर स्थित केसरी सिंहपुर निवासी संदीप (27) को भी साथ ले लिया। डेयरी से गायों को चढ़ाकर सुबह करीब साढ़े नौ बजे दोनों लखनऊ के लिए चल दिए। रात में नींद आने पर उन्होंने गाड़ी चलाने के लिए संदीप को दे दी। उन्हें अलीगढ़ रोड पर पेलक इंटरचेंज से उतरना था। उन्होंने बताया कि करीब साढे 12 बजे संदीप को जानकारी न होने पर उसने केएमपी से राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर गाड़ी को उतार दिया। रास्ता भटकने पर उन्होंने केएमपी के उतरते ही पुलिस बूथ पर खड़े पुलिस कर्मियों से रास्ता पूछा।
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पुलिस ने गो रक्षकों को सौंपी पिकअप की चाबी
चालक बालकिशन ने बताया कि आधी रात होने की वजह से उन्होंने राह चलते लोगों की बजाय बूथ पर मौजूद पुलिस कर्मियों से रास्ता पूछा। सोचा था कि रात के समय लूटपाट का डर रहता है, परंतु उन्हें क्या पता था कि कानून के रक्षक ही भक्षक बन जाएंगे। पुलिस कर्मियों ने उनकी गाड़ी की चाबी निकाल ली और गाड़ी की तलाशी ली। दो गोवंश मिलने पर उन्होंने फोन कर तीन लोगों को बुला लिया और गाड़ी की चाबी हमलावरों को सौंप दी और 1100 रुपये लेने की बात कहते हुए पुलिस कर्मी चले गए। इसी दौरान तीन गो रक्षकों ने चार अन्य युवकों को बुला लिया, जिन्होंने उनके साथ वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों में से एक को पंडित नाम से पुकार रहे थे, जिसने अपने हाथ में लिए फरसा से पहले संदीप के सिर पर वार कर नहर में फेंका, उसके बाद उनके (बालकिशन) सिर पर वार कर नहर में फेंक दिया। इसके बाद उन्हें कुछ याद नहीं। हालांकि, जिला पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन ने मामले में शामिल दो पुलिस कर्मियों को बर्खास्त कर दिया, जबकि सब इंस्पेक्टर की विभागीय जांच की जा रही है।
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एक माह बाद होनी थी परिचालक संदीप की शादी
सोमवार को अस्पताल में पहुंचे परिचालक संदीप के पिता भंवरलाल का रो-रोकर बुरा हाल था। भंवरलाल ने बताया कि मंझले बेटे संदीप उर्फ प्रवीण कुमार का रिश्ता तय किया हुआ था। एक माह बाद संदीप की शादी होनी थी। परिवार शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था। उन्हें क्या पता था कि शादी की खुशियां मातम में बदल जाएंगी।
पांच आरोपी हैं रिमांड पर
पुलिस प्रवक्ता संजय कादियान ने बताया कि मामले में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर पांच दिन की रिमांड पर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में सोहना के गांव सांचौली निवासी पवन, नूंह जिला के गांव कलियाका निवासी नरेश, पातली गेट निवासी पकंज और जैंदीपुर मौहल्ला निवासी निखिल व देवराज शामिल है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।