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निजीकरण के विरोध में बैंकों की हड़ताल
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पलवल। सरकारी बैंकों के कर्मचारी निजीकरण के विरोध में दो दिवसीय हड़ताल पर चले गए। हड़ताल के चलते अपने कार्यों के लिए आए ग्राहक बैंकों के बाहर भटकते देखे गए। सभी सरकारी बैंकों पर पूरी तरह से ताले लटके रहे। ग्राहकों का कहना था कि बैंकों के बंद रहने से उन्हें काफी नुकसान हुआ है। उनके सारे लेनदेन प्रभावित हो गए। बैंकों पर पहुंचे ग्राहकों को बैंकों के बाहर ताले लगे देख मायूस होकर लौटना पड़ा। हड़ताल से व्यापारियों को काफी नुकसान हुआ तो वहीं बैंकों में भी राजस्व का काफी नुकसान हुआ। हालांकि निजी बैंक खुले रहे तथा उनमें कामकाज सुचारू रूप से जारी रहा।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर आयोजित हड़ताल के कारण कर्मचारियों ने सुबह से ही बैंक बंद रखे। कोई भी कर्मचारी बैंक नहीं पहुंचा तथा बैंक कर्मचारी यूनियन से जुड़े कर्मचारी दिल्ली प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए रवाना हो गए। उधर, बैंकों की हड़ताल की जानकारी न होने पर ग्राहक सुबह 10 बजे बैंकों में पहुंचे तो वहां ताले लटके हुए थे। लोग आसपास के लोगों से बैंकों के बंद होने का करण जानते रहे तथा हड़ताल होने के कारण दो दिन तक बैैंकों के बंद रहने की जानकारी मिलने पर मायूस होकर लौट गए। हरियाणा बैंक एंप्लायज फेडरेशन के जिलाध्यक्ष भगवान शाह शर्मा ने कहा कि निजीकरण के विरोध में यह हड़ताल की गई है। दो दिन तक हड़ताल रहेगी तथा निजीकरण के विरोध में यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। सरकार ने उनकी मांगों को नहीं माना तो अनिश्चितकाल के लिए भी बैंकों की हड़ताल की जाएगी।
वहीं, जिले में करीब चैक क्लीयरिंग का 500 करोड़ रुपये का व करीब 20 करोड़ रुपये नकद का लेन-देन प्रभावित हुआ। वहीं, व्यापारियों और नियमित कामकाजी लोगों को जिनका रोजाना बैंक से लेन-देन होता है, उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ी। बैंक बंद होने पर व्यापारी राजेश्वर, प्रवीण गर्ग, दीपक गुलाटी, अनिल गर्ग, जितेंद्र तेवतिया का कहना था कि बैंक बंद रहने से वे अपनी पेमेंट जो आगे सप्लायर को भेजनी थी प नहीं भेज पाए। दीपक गुलाटी ने बताया कि उनका फलों का व्यापार है। फलों की अदायगी समय पर न होने पर फल समय पर नहीं पहुंच पाएंगे।
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यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर आयोजित हड़ताल के कारण कर्मचारियों ने सुबह से ही बैंक बंद रखे। कोई भी कर्मचारी बैंक नहीं पहुंचा तथा बैंक कर्मचारी यूनियन से जुड़े कर्मचारी दिल्ली प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए रवाना हो गए। उधर, बैंकों की हड़ताल की जानकारी न होने पर ग्राहक सुबह 10 बजे बैंकों में पहुंचे तो वहां ताले लटके हुए थे। लोग आसपास के लोगों से बैंकों के बंद होने का करण जानते रहे तथा हड़ताल होने के कारण दो दिन तक बैैंकों के बंद रहने की जानकारी मिलने पर मायूस होकर लौट गए। हरियाणा बैंक एंप्लायज फेडरेशन के जिलाध्यक्ष भगवान शाह शर्मा ने कहा कि निजीकरण के विरोध में यह हड़ताल की गई है। दो दिन तक हड़ताल रहेगी तथा निजीकरण के विरोध में यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। सरकार ने उनकी मांगों को नहीं माना तो अनिश्चितकाल के लिए भी बैंकों की हड़ताल की जाएगी।
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वहीं, जिले में करीब चैक क्लीयरिंग का 500 करोड़ रुपये का व करीब 20 करोड़ रुपये नकद का लेन-देन प्रभावित हुआ। वहीं, व्यापारियों और नियमित कामकाजी लोगों को जिनका रोजाना बैंक से लेन-देन होता है, उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ी। बैंक बंद होने पर व्यापारी राजेश्वर, प्रवीण गर्ग, दीपक गुलाटी, अनिल गर्ग, जितेंद्र तेवतिया का कहना था कि बैंक बंद रहने से वे अपनी पेमेंट जो आगे सप्लायर को भेजनी थी प नहीं भेज पाए। दीपक गुलाटी ने बताया कि उनका फलों का व्यापार है। फलों की अदायगी समय पर न होने पर फल समय पर नहीं पहुंच पाएंगे।
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