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आठवें दिन भी जारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल
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पलवल। आंगनबाड़ी वर्कर एंड हैल्पर यूनियन की हड़ताल आठवें दिन भी जारी रही। बुधवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने लघु सचिवालय स्थित पार्क में धरना दिया। धरने की अध्यक्षता उर्मिला रावत व रामरति दलाल ने की, जबकि संचालन जिला सचिव कृष्णा देवी ने किया। धरने में कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। धरने में किसान नेता सोहनपाल चौहान, मास्टर महेंद्र सिंह चौहान, बीधू सिंह समर्थन देने पहुंचे।
धरने को संबोधित करते मास्टर महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार आईसीडीएस और शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लाई है। प्ले स्कूलों के द्वारा आईसीडीएस को निजी हाथों व एनजीओ को सौंपने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिसे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बर्दास्त नहीं करेगी। प्रधान उर्मिला रावत ने कहा कि हरियाणा सरकार ने वर्ष 2018 में आंगनबाड़ी यूनियन से आंदोलन के बाद समझौता किया था, जिसे आज तक लागू नहीं किया है। समझौते में सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को एक जनवरी व एक जुलाई को महंगाई भत्ता देना था, जो एक बार देख कर आज तक दोबारा नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी वर्करों से सुपरवाइजर का 50 प्रतिशत प्रमोशन का कोटा सरकार ने तय करके आज तक उसे लागू नहीं किया है। भारत सरकार ने वर्ष 2019 में कार्यकर्ता के 15 सौ रुपये और सहायक के 750 रुपये की बढ़ोत्तरी की थी, जिसे आज तक लागू नहीं किया है। आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया समय पर नहीं मिल रहा है। वर्दी भत्ते को नहीं दिया जा रहा है और आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया शहर का तीन हजार और बड़े शहरों का पांच हजार है, जिसको सरकार आज तक लागू नहीं कर रही है। न ही कम देने वालों पर कोई कार्रवाई की जा रही है। धरने को कमला देवी, राजवती, ओमवती, बिमलेश, पसंदी, पुष्पा, योगेश व बबली ने भी संबोधित किया।
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धरने को संबोधित करते मास्टर महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार आईसीडीएस और शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लाई है। प्ले स्कूलों के द्वारा आईसीडीएस को निजी हाथों व एनजीओ को सौंपने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिसे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बर्दास्त नहीं करेगी। प्रधान उर्मिला रावत ने कहा कि हरियाणा सरकार ने वर्ष 2018 में आंगनबाड़ी यूनियन से आंदोलन के बाद समझौता किया था, जिसे आज तक लागू नहीं किया है। समझौते में सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को एक जनवरी व एक जुलाई को महंगाई भत्ता देना था, जो एक बार देख कर आज तक दोबारा नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी वर्करों से सुपरवाइजर का 50 प्रतिशत प्रमोशन का कोटा सरकार ने तय करके आज तक उसे लागू नहीं किया है। भारत सरकार ने वर्ष 2019 में कार्यकर्ता के 15 सौ रुपये और सहायक के 750 रुपये की बढ़ोत्तरी की थी, जिसे आज तक लागू नहीं किया है। आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया समय पर नहीं मिल रहा है। वर्दी भत्ते को नहीं दिया जा रहा है और आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया शहर का तीन हजार और बड़े शहरों का पांच हजार है, जिसको सरकार आज तक लागू नहीं कर रही है। न ही कम देने वालों पर कोई कार्रवाई की जा रही है। धरने को कमला देवी, राजवती, ओमवती, बिमलेश, पसंदी, पुष्पा, योगेश व बबली ने भी संबोधित किया।
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