{"_id":"621fa53396789223524b66f8","slug":"anaganbadi-worker-protest-palwal-news-noi6351934147","type":"story","status":"publish","title_hn":"आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के समर्थन में कर्मचारी संगठनों ने निकाला जुलूस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के समर्थन में कर्मचारी संगठनों ने निकाला जुलूस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पलवल। पिछले 85 दिनों से हड़ताल कर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के समर्थन में बुधवार को सर्व कर्मचारी संघ, सीआईटीयू, रिटायर्ड कर्मचारी संघ, आशा वर्कर यूनियन व मिड-डे मील यूनियन ने शहर में जुलूस निकाला। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जुलूस के बाद प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री की घोषणा को लागू कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के आंदोलन को खत्म करवाने के बारे में तहसीलदार दिनेश कुमार को ज्ञापन सौंपा गया। कर्मचारी ताऊ देवीलाल टाउन पार्क में एकत्रित हुए, जहां से जुलूस की शुरुआत की गई। इस दौरान सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान राजेश शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित सभा का संचालन सचिव योगेश शर्मा ने किया।
इस दौरान किसान सभा के जिला सचिव रूपराम तेवतिया, डॉ. रघुवीर सिंह, उर्मिला रावत, शशि देवी, बिमलेश, संतोष व कमला देवी ने कहा कि सरकार ने आंगनबाड़ी वर्कर यूनियन के आंदोलन को लाठी व गोली से दबाने की कोशिश न करें। सर्व कर्मचारी हरियाणा के जिला प्रधान राजेश शर्मा ने कहा कि आंगनबाड़ी की हड़ताल को 85 दिन हो गए हैं, लेकिन सरकार तरह-तरह के बहाने बनाकर हड़ताल को लंबा खींचना चाहती है। प्रदेश सरकार अपनी घोषणाओं को लागू करने की बजाय दमन पर उतर आई है। सैकड़ों कार्यकर्ताओं की सेवाएं समाप्त कर उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। कर्मचारी संगठनों ने हरियाणा सरकार की दमन की कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए मांग की कि दमन की कार्यवाहियों को तुरंत प्रभाव से बंद करके प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री की घोषणाओं को लागू किया जाए।
सीटू के जिला प्रधान श्रीपाल सिंह भाटी ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारी व मजदूर अपनी मांगों व सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ होने वाली 28-29मार्च की राष्ट्रव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए बैठक करेंगे। 11 मार्च को उपायुक्त कार्यालय पर एकत्रित होकर हड़ताल का नोटिस उपायुक्त के मार्फत हरियाणा सरकार के नाम सौंपा जाएगा। प्रदर्शन को आल हरियाणा पावर कारपोरेशन वर्कर यूनियन के उप महासचिव जितेंद्र तेवतिया, किसान सभा के जिला प्रधान धर्मचंद, भागीरथ बेनीवाल, रमेश चंद, राकेश तंवर, दरियाब सिंह, कृष्णा, माया देवी, परसंदी, विमलेश, मकीना, सीमा, रेखा, गीता देवी, रमेश डागर, समरजीत, प्रहलाद, देवी सिंह सेजवाल, नरेंद्र सौरोत, वेदपाल तेवतिया, बनवारी लाल, ओमप्रकाश जाखड़, राजेश भारद्वाज, महेश शर्मा, हरकेश सौरोत ने भी संबोधित किया।
विज्ञापन
इन मांगों पर चल रही हड़ताल
जिला प्रधान उर्मिला रावत ने बताया कि सितंबर 2018 में प्रधानमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के मानदेय में 1500 रुपये और सहायक को 750 रुपये बढ़ोतरी की घोषणा की थी, जो हरियाणा सरकार ने आज तक लागू नहीं की है। राज्य के मुख्यमंत्री ने छह मार्च 2018 को विधानसभा में घोषणा की थी कि कार्यकर्ताओं को सरकार की आउटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत ठेका कर्मचारी की तरह कुशल और अर्ध कुशल की श्रेणी की मान्यता देकर उनके बराबर मानदेय मिलेगा तथा इसे महंगाई भत्ते के साथ जोड़ा जाएगा। केवल एक बार महंगाई के साथ जोड़कर महंगाई भत्ता दिया गया है। उसके बाद हरियाणा सरकार ने महंगाई भत्ता बंद कर दिया। कर्मचारी संगठन मांग कर रहे हैं कि हरियाणा सरकार अपनी मानी हुई मांगों को लागू करें और यदि सरकार ने छटनी की और मुकदमे दर्ज करने के आदेश दिए तो सर्व कर्मचारी संघ इसका पूरा सहयोग व समर्थन करेगा।
विज्ञापन
इस दौरान किसान सभा के जिला सचिव रूपराम तेवतिया, डॉ. रघुवीर सिंह, उर्मिला रावत, शशि देवी, बिमलेश, संतोष व कमला देवी ने कहा कि सरकार ने आंगनबाड़ी वर्कर यूनियन के आंदोलन को लाठी व गोली से दबाने की कोशिश न करें। सर्व कर्मचारी हरियाणा के जिला प्रधान राजेश शर्मा ने कहा कि आंगनबाड़ी की हड़ताल को 85 दिन हो गए हैं, लेकिन सरकार तरह-तरह के बहाने बनाकर हड़ताल को लंबा खींचना चाहती है। प्रदेश सरकार अपनी घोषणाओं को लागू करने की बजाय दमन पर उतर आई है। सैकड़ों कार्यकर्ताओं की सेवाएं समाप्त कर उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। कर्मचारी संगठनों ने हरियाणा सरकार की दमन की कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए मांग की कि दमन की कार्यवाहियों को तुरंत प्रभाव से बंद करके प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री की घोषणाओं को लागू किया जाए।
विज्ञापन
सीटू के जिला प्रधान श्रीपाल सिंह भाटी ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारी व मजदूर अपनी मांगों व सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ होने वाली 28-29मार्च की राष्ट्रव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए बैठक करेंगे। 11 मार्च को उपायुक्त कार्यालय पर एकत्रित होकर हड़ताल का नोटिस उपायुक्त के मार्फत हरियाणा सरकार के नाम सौंपा जाएगा। प्रदर्शन को आल हरियाणा पावर कारपोरेशन वर्कर यूनियन के उप महासचिव जितेंद्र तेवतिया, किसान सभा के जिला प्रधान धर्मचंद, भागीरथ बेनीवाल, रमेश चंद, राकेश तंवर, दरियाब सिंह, कृष्णा, माया देवी, परसंदी, विमलेश, मकीना, सीमा, रेखा, गीता देवी, रमेश डागर, समरजीत, प्रहलाद, देवी सिंह सेजवाल, नरेंद्र सौरोत, वेदपाल तेवतिया, बनवारी लाल, ओमप्रकाश जाखड़, राजेश भारद्वाज, महेश शर्मा, हरकेश सौरोत ने भी संबोधित किया।
विज्ञापन
इन मांगों पर चल रही हड़ताल
जिला प्रधान उर्मिला रावत ने बताया कि सितंबर 2018 में प्रधानमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के मानदेय में 1500 रुपये और सहायक को 750 रुपये बढ़ोतरी की घोषणा की थी, जो हरियाणा सरकार ने आज तक लागू नहीं की है। राज्य के मुख्यमंत्री ने छह मार्च 2018 को विधानसभा में घोषणा की थी कि कार्यकर्ताओं को सरकार की आउटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत ठेका कर्मचारी की तरह कुशल और अर्ध कुशल की श्रेणी की मान्यता देकर उनके बराबर मानदेय मिलेगा तथा इसे महंगाई भत्ते के साथ जोड़ा जाएगा। केवल एक बार महंगाई के साथ जोड़कर महंगाई भत्ता दिया गया है। उसके बाद हरियाणा सरकार ने महंगाई भत्ता बंद कर दिया। कर्मचारी संगठन मांग कर रहे हैं कि हरियाणा सरकार अपनी मानी हुई मांगों को लागू करें और यदि सरकार ने छटनी की और मुकदमे दर्ज करने के आदेश दिए तो सर्व कर्मचारी संघ इसका पूरा सहयोग व समर्थन करेगा।