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Palwal News: 50 करोड़ की दस एकड़ जमीन पर कब्जे का आरोप, ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत
Sat, 06 Sep 2025 09:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
Updated Sat, 06 Sep 2025 09:48 PM IST
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होडल। नगर परिषद क्षेत्र के गांव गढ़ी पट्टी में करोड़ों रुपये की जमीन पर कब्जा करवाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि नगर परिषद के अधिकारी रिहायशी क्षेत्र सहित परिषद की लगभग दस एकड़ जमीन पर कब्जा करवा रहे हैं। इस संबंध में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री नायब सैनी को शिकायत भेजकर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने शिकायत में जमीन की कीमत करीब 50 करोड़ रुपये बताई है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2014 में प्रदेश सरकार ने गांव बेढ़ा पट्टी और गढ़ी पट्टी की ग्राम पंचायतों को खत्म कर उन्हें नगर परिषद होडल में शामिल कर दिया। वर्ष 2016 में यहां नगर परिषद के चुनाव भी हुए और गांव से पार्षद चुने गए। पिछले वर्ष मुख्यमंत्री नायब सैनी ने प्रदेश हित में फैसला लेते हुए ग्राम पंचायत की उस जमीन पर बैठे कब्जाधारकों को राहत दी, जिन पर वे बीते 20 वर्षों से रह रहे थे। सरकार के इस फैसले के बाद उनसे राशि जमा करवाई गई और उन्हें मालिकाना हक दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि इसी फैसले का फायदा उठाते हुए नगर परिषद अधिकारियों ने सांठ-गांठ कर गढ़ी पट्टी में रिहायशी क्षेत्र के अलावा परिषद की दस एकड़ जमीन पर भी कब्जा करवा दिया। अब इस जमीन पर मकान बनाए जा रहे हैं।
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गढ़ी पट्टी के लालचंद, हरिचंद, चेतन सिकंदर, विधवा महिला सुरेश और देवीचरण ने मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत में आरोप लगाया है कि नगर परिषद अधिकारियों की मिलीभगत से जमीन पर कब्जा कराया गया है। ग्रामीणों ने इस पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि शिकायत के बावजूद अधिकारी कोई कदम नहीं उठा रहे। इससे पहले भी वे एसडीएम को शिकायत दे चुके हैं, लेकिन अब तक किसी स्तर पर कार्रवाई नहीं हो पाई।
की जाएगी विभागीय कार्रवाई
गांव गढ़ी पट्टी में नगर परिषद की जमीन पर कब्जा करवाने में यदि किसी नगर परिषद अधिकारी का हाथ पाया गया तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यदि पैसे लेकर कब्जा और भ्रष्टाचार करवाने का मामला सामने आया तो जांच के बाद दोषी अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा। -मनीषा शर्मा, जिला नगर आयुक्त, पलवल
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जानकारी के अनुसार, वर्ष 2014 में प्रदेश सरकार ने गांव बेढ़ा पट्टी और गढ़ी पट्टी की ग्राम पंचायतों को खत्म कर उन्हें नगर परिषद होडल में शामिल कर दिया। वर्ष 2016 में यहां नगर परिषद के चुनाव भी हुए और गांव से पार्षद चुने गए। पिछले वर्ष मुख्यमंत्री नायब सैनी ने प्रदेश हित में फैसला लेते हुए ग्राम पंचायत की उस जमीन पर बैठे कब्जाधारकों को राहत दी, जिन पर वे बीते 20 वर्षों से रह रहे थे। सरकार के इस फैसले के बाद उनसे राशि जमा करवाई गई और उन्हें मालिकाना हक दिया गया।
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ग्रामीणों का कहना है कि इसी फैसले का फायदा उठाते हुए नगर परिषद अधिकारियों ने सांठ-गांठ कर गढ़ी पट्टी में रिहायशी क्षेत्र के अलावा परिषद की दस एकड़ जमीन पर भी कब्जा करवा दिया। अब इस जमीन पर मकान बनाए जा रहे हैं।
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गढ़ी पट्टी के लालचंद, हरिचंद, चेतन सिकंदर, विधवा महिला सुरेश और देवीचरण ने मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत में आरोप लगाया है कि नगर परिषद अधिकारियों की मिलीभगत से जमीन पर कब्जा कराया गया है। ग्रामीणों ने इस पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि शिकायत के बावजूद अधिकारी कोई कदम नहीं उठा रहे। इससे पहले भी वे एसडीएम को शिकायत दे चुके हैं, लेकिन अब तक किसी स्तर पर कार्रवाई नहीं हो पाई।
की जाएगी विभागीय कार्रवाई
गांव गढ़ी पट्टी में नगर परिषद की जमीन पर कब्जा करवाने में यदि किसी नगर परिषद अधिकारी का हाथ पाया गया तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यदि पैसे लेकर कब्जा और भ्रष्टाचार करवाने का मामला सामने आया तो जांच के बाद दोषी अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा। -मनीषा शर्मा, जिला नगर आयुक्त, पलवल