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Palwal News: छठ घाट पर पूजा की सारी तैयारियां हुई पूरी
Thu, 16 Nov 2023 11:25 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
Updated Thu, 16 Nov 2023 11:25 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। जिले में पूर्वांचल के लोगों की संख्या में हर वर्ष वृद्धि हो रही है। अनेक लोगों ने अपने स्थायी निवास भी यहां बना लिए हैं। पूर्वांचल जनकल्याण समिति के पदाधिकारियों की मानें तो जिले में करीब 10 हजार की जनसंंख्या पूर्वांचल के लोगों की हो चुकी है, विभिन्न विभागों में उच्च पदों पर पूर्वांचल समाज के लोग कार्यरत हैं। दो दशक से भी अधिक समय से यहां छठ पूजा की जाती है, लेकिन आस्था के इस पर्व के लिए यहां आज तक कोई बाजार विकसित नहीं हो पाया है। जिसे देखते हुए पूर्वांचल जनकल्याण समिति द्वारा अलावलपुर रोड पर एफसीआई गोदाम पर अस्थायी बाजार लगवाया है, ताकि छठ महोत्सव का सामान पलवल में ही उपलब्ध हो सके और पूर्वांचल के लोगों को फरीदाबाद न भागना पड़े।
पूर्वांचल के लोगों की माने तो अब तक जिले में कोई एक बाजार नहीं होने के चलते छठ मनाने वालों को पूजा व व्रत की सामग्री के लिए बल्लभगढ़, फरीदाबाद या दिल्ली के बाजारों पर निर्भर रहना पड़ता है या फिर कई-कई दुकानों पर घूमकर पूजा सामग्री एकत्र करनी पड़ती है। लोक आस्था के चार दिवसीय महापर्व का शुभारंभ नहाय-खाय के व्रत से शुरू होता है तथा सप्तमी को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न होता है। इस दौरान खरना व अस्तांचल होते सूर्य को भी अर्घ्य दिया जाता है। इनकी पूजा के लिए भी सामान आमतौर पर बाहर के शहरों से ही मंगवाया जाता था। अब पलवल में ही सामान उपलब्ध होने से उन्हें काफी राहत मिली है।
नहाय खाय के व्रत आज से शुरू होगा
छठ महापर्व का शुभारंभ 17 नवंबर शुक्रवार से नहाय-खाय से शुरू होगा। 18 नवंबर को खरना और 19 नवंबर को सूर्यास्त को अर्घ्य दिया जाएगा। समिति के प्रधान विजय कुमार पटेल ने बताया कि महोत्सव के लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है। इस बार पूर्वांचल के लोगों की समस्या को देखते हुए एफसीआई गोदाम में पूजा सामान उपलब्ध कराया गया है। ताकि लोगों को फरीदाबाद व दिल्ली जाना न पड़े। उन्होंने बताया कि बाजार में सारा सामान उपलब्ध है। बृहस्पतिवार को नहाय खाय व्रत की तैयारियाें को अंतिम रूप दिया गया तथा छठ घाट को पानी से भरा गया।
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पलवल में ही उपलब्ध होगा पूजा का यह सामान
पूर्वांचल जनकल्याण समिति द्वारा एफसीआई पर लगवाए गए, अस्थायी बाजार में नहाय-खाय के प्रसाद के लिए कद्दू, चना दाल, हरी मिर्च, हल्दी व सेंधा नमक तथा खरना के लिए गुड़, चावल, आटा, घी, मिट्टी का दीपक, सरपोस, कढ़ाई व दूध उपलब्ध रहेगा। इसके अलावा छठ पर्व के लिए व्रतियों व गैर व्रतियों द्वारा विभिन्न फल, नारियल पानी, आंवला, हल्दी, शकरकंदी, पान, अलता पत्ता, गेहूं, गन्ना, गुड़, सब्जियां, टोकरा, सूप, गागल, सुपारी, सिदूर, सुथनी, दउरा, सूप, धागा, आरती का पत्ता, चूल्हा, आम की लकड़ी, मखाना, सूर्य देव की प्रतिमाएं, सूती साड़ी, धोती, तौलिया, गंजी व हौजरी का सामान भी उपलब्ध है। पूर्वांचल के लोगों को अब यहीं सारा सामान मिल जाएगा।
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पलवल। जिले में पूर्वांचल के लोगों की संख्या में हर वर्ष वृद्धि हो रही है। अनेक लोगों ने अपने स्थायी निवास भी यहां बना लिए हैं। पूर्वांचल जनकल्याण समिति के पदाधिकारियों की मानें तो जिले में करीब 10 हजार की जनसंंख्या पूर्वांचल के लोगों की हो चुकी है, विभिन्न विभागों में उच्च पदों पर पूर्वांचल समाज के लोग कार्यरत हैं। दो दशक से भी अधिक समय से यहां छठ पूजा की जाती है, लेकिन आस्था के इस पर्व के लिए यहां आज तक कोई बाजार विकसित नहीं हो पाया है। जिसे देखते हुए पूर्वांचल जनकल्याण समिति द्वारा अलावलपुर रोड पर एफसीआई गोदाम पर अस्थायी बाजार लगवाया है, ताकि छठ महोत्सव का सामान पलवल में ही उपलब्ध हो सके और पूर्वांचल के लोगों को फरीदाबाद न भागना पड़े।
पूर्वांचल के लोगों की माने तो अब तक जिले में कोई एक बाजार नहीं होने के चलते छठ मनाने वालों को पूजा व व्रत की सामग्री के लिए बल्लभगढ़, फरीदाबाद या दिल्ली के बाजारों पर निर्भर रहना पड़ता है या फिर कई-कई दुकानों पर घूमकर पूजा सामग्री एकत्र करनी पड़ती है। लोक आस्था के चार दिवसीय महापर्व का शुभारंभ नहाय-खाय के व्रत से शुरू होता है तथा सप्तमी को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न होता है। इस दौरान खरना व अस्तांचल होते सूर्य को भी अर्घ्य दिया जाता है। इनकी पूजा के लिए भी सामान आमतौर पर बाहर के शहरों से ही मंगवाया जाता था। अब पलवल में ही सामान उपलब्ध होने से उन्हें काफी राहत मिली है।
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नहाय खाय के व्रत आज से शुरू होगा
छठ महापर्व का शुभारंभ 17 नवंबर शुक्रवार से नहाय-खाय से शुरू होगा। 18 नवंबर को खरना और 19 नवंबर को सूर्यास्त को अर्घ्य दिया जाएगा। समिति के प्रधान विजय कुमार पटेल ने बताया कि महोत्सव के लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है। इस बार पूर्वांचल के लोगों की समस्या को देखते हुए एफसीआई गोदाम में पूजा सामान उपलब्ध कराया गया है। ताकि लोगों को फरीदाबाद व दिल्ली जाना न पड़े। उन्होंने बताया कि बाजार में सारा सामान उपलब्ध है। बृहस्पतिवार को नहाय खाय व्रत की तैयारियाें को अंतिम रूप दिया गया तथा छठ घाट को पानी से भरा गया।
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पलवल में ही उपलब्ध होगा पूजा का यह सामान
पूर्वांचल जनकल्याण समिति द्वारा एफसीआई पर लगवाए गए, अस्थायी बाजार में नहाय-खाय के प्रसाद के लिए कद्दू, चना दाल, हरी मिर्च, हल्दी व सेंधा नमक तथा खरना के लिए गुड़, चावल, आटा, घी, मिट्टी का दीपक, सरपोस, कढ़ाई व दूध उपलब्ध रहेगा। इसके अलावा छठ पर्व के लिए व्रतियों व गैर व्रतियों द्वारा विभिन्न फल, नारियल पानी, आंवला, हल्दी, शकरकंदी, पान, अलता पत्ता, गेहूं, गन्ना, गुड़, सब्जियां, टोकरा, सूप, गागल, सुपारी, सिदूर, सुथनी, दउरा, सूप, धागा, आरती का पत्ता, चूल्हा, आम की लकड़ी, मखाना, सूर्य देव की प्रतिमाएं, सूती साड़ी, धोती, तौलिया, गंजी व हौजरी का सामान भी उपलब्ध है। पूर्वांचल के लोगों को अब यहीं सारा सामान मिल जाएगा।