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Palwal News: मौसम में बदलाव के बाद अस्पताल में दो से तीन गुना बढ़ी मरीजों की संख्या
Wed, 03 Sep 2025 10:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
Updated Wed, 03 Sep 2025 10:49 PM IST
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होडल। क्षेत्र में बारिश के बाद मौसम में बदलाव आने से उपमंडल नागरिक अस्पताल व निजी अस्पतालों में मरीजों की ओपीडी प्रतिदिन के हिसाब से दो गुना से तीन गुना तक बढ़ गई है। अस्पताल में अधिकतर मरीज खांसी, जुकाम, बुखार, उल्टी-दस्त के आ रहे हैं।
कुछ सप्ताह पहले करीब 150 मरीजों की ओपीडी होती थी लेकिन अब यह बढ़कर करीब पांच सौ तक पहुंच गई है। अस्पताल के डॉक्टर बारिश में बदलते मौसम को मरीजों की संख्या बढ़ने का प्रमुख कारण मान रहे हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही अस्पताल प्रशासन सतर्क हो गया है, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है।
दरअसल, क्षेत्र में भारी बारिश के कारण मौसम में बदलाव आया है। इससे दिन और रात के तापमान में असंतुलन पैदा होने पर लोग विभिन्न प्रकार के रोगों की चपेट में आ रहे हैं। खांसी, जुकाम, बुखार और उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ी है। इस समय शहर के उपमंडल नागरिक और निजी अस्पतालों में वायरल, मलेरिया और उल्टी-दस्त के मरीज ज्यादा आ रहे हैं।
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सुबह ओपीडी के समय ही खिड़की पर पर्ची बनवाने के लिए मरीजों की लंबी लाइन लग जाती है। वायरल के रोगी ज्यादा आ रहे हैं। अस्पताल में मरीजों की रोजाना की ओपीडी अब तीन गुना तक बढ़ गई है।
जांच लैब में भी मरीज बढ़े
वायरल बुखार से पीड़ित लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। अस्पताल की ओपीडी पिछले एक माह में जहां दो गुना बढ़ी है, वहीं लैब में खून की जांच कराने वाले मरीजों की संख्या पांच गुना बढ़ गई है। जुलाई के मध्य तक लैब में 50 से 60 रोगियों के खून की जांच की जाती थी, यह आंकड़ा अब बढ़कर 150 के पार जा पहुंचा है। शहर के विभिन्न भागों में स्थित निजी लैबों में भी मरीज विभिन्न प्रकार के टेस्ट करवाने पहुंच रहे हैं।
क्या कहते हैं डॉक्टर
भारी बारिश के कारण लगातार मौसम में आए परिवर्तन की वजह से रोग ज्यादा बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया रोगों पर काबू पाने के लिए टीमें गठित कर रखी हैं जो प्रतिदिन लोगों से संपर्क कर बीमारी के प्रति जागरूकता कार्यक्रम चला रही हैं। अस्पताल में आने वाले मरीजों को दवाइयां वितरित की जा रही हैं। आम लोगों को किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी। -डॉ. संजीव तंवर, वरिष्ठ चिकित्सक, नागरिक अस्पताल, होडल
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कुछ सप्ताह पहले करीब 150 मरीजों की ओपीडी होती थी लेकिन अब यह बढ़कर करीब पांच सौ तक पहुंच गई है। अस्पताल के डॉक्टर बारिश में बदलते मौसम को मरीजों की संख्या बढ़ने का प्रमुख कारण मान रहे हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही अस्पताल प्रशासन सतर्क हो गया है, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है।
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दरअसल, क्षेत्र में भारी बारिश के कारण मौसम में बदलाव आया है। इससे दिन और रात के तापमान में असंतुलन पैदा होने पर लोग विभिन्न प्रकार के रोगों की चपेट में आ रहे हैं। खांसी, जुकाम, बुखार और उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ी है। इस समय शहर के उपमंडल नागरिक और निजी अस्पतालों में वायरल, मलेरिया और उल्टी-दस्त के मरीज ज्यादा आ रहे हैं।
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सुबह ओपीडी के समय ही खिड़की पर पर्ची बनवाने के लिए मरीजों की लंबी लाइन लग जाती है। वायरल के रोगी ज्यादा आ रहे हैं। अस्पताल में मरीजों की रोजाना की ओपीडी अब तीन गुना तक बढ़ गई है।
जांच लैब में भी मरीज बढ़े
वायरल बुखार से पीड़ित लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। अस्पताल की ओपीडी पिछले एक माह में जहां दो गुना बढ़ी है, वहीं लैब में खून की जांच कराने वाले मरीजों की संख्या पांच गुना बढ़ गई है। जुलाई के मध्य तक लैब में 50 से 60 रोगियों के खून की जांच की जाती थी, यह आंकड़ा अब बढ़कर 150 के पार जा पहुंचा है। शहर के विभिन्न भागों में स्थित निजी लैबों में भी मरीज विभिन्न प्रकार के टेस्ट करवाने पहुंच रहे हैं।
क्या कहते हैं डॉक्टर
भारी बारिश के कारण लगातार मौसम में आए परिवर्तन की वजह से रोग ज्यादा बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया रोगों पर काबू पाने के लिए टीमें गठित कर रखी हैं जो प्रतिदिन लोगों से संपर्क कर बीमारी के प्रति जागरूकता कार्यक्रम चला रही हैं। अस्पताल में आने वाले मरीजों को दवाइयां वितरित की जा रही हैं। आम लोगों को किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी। -डॉ. संजीव तंवर, वरिष्ठ चिकित्सक, नागरिक अस्पताल, होडल