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शिक्षक विरोधी नीतियों के खिलाफ होगी रैली
Palwal
Updated Sun, 18 Nov 2012 12:00 PM IST
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होडल। 25 नवंबर को शिक्षक विरोधी नीतियों के विरोध में रोहतक में शिक्षक आक्रोश रैली निकाली जाएगी। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ, सर्व कर्मचारी संघ, स्कूल टीचर एवं फेडरेशन ऑफ इंडिया के दो जत्थों ने प्रांतीय उपप्रधान गजे सिंह और प्रांतीय सचिव यादराम शर्मा के नेतृत्व में जिले के विभिन्न स्कूलों का दौरा कर रैली को सफल बनाने का आह्वान किया है। उनके साथ जिला प्रधान राकेश शर्मा, हरीचंद वर्मा, रघुवीर सिंह, बेदपाल, सुरेश बघेल, थान सिंह शर्मा, चंद्रभान शर्मा, जमील अहमद और प्रेम चंद आदि मौजूद थे।
अध्यापक नेताओं ने इस दौरान संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा जारी नई अव्यवहारिक नीति पदों का उद्देश्य छंटनी का एजेंडा है। इस नीति में शिक्षा का अधिकार कानून के प्रावधानों को ठेंगा दिखाते हुए हजारों पदों को समाप्त करने की योजना बनाई है। नए प्रावधानों में बीस की बजाय तीस बच्चों पर विद्यालय न्यूनतम दो की बजाय एक अध्यापक, तीस की बजाय चालीस पर एक अध्यापक, स्वीकृत पद, मुख्य शिक्षक का पद, वर्क लोड के साथ वहीं नर्सरी के छात्रों के लिए कोई अध्यापक नहीं है। इस मौके पर प्रधान ने कहा कि अगर इस नीति को समाप्त नहीं किया गया तो हरियाणा के अध्यापक आरपार की लड़ाई लड़ेंगे।
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अध्यापक नेताओं ने इस दौरान संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा जारी नई अव्यवहारिक नीति पदों का उद्देश्य छंटनी का एजेंडा है। इस नीति में शिक्षा का अधिकार कानून के प्रावधानों को ठेंगा दिखाते हुए हजारों पदों को समाप्त करने की योजना बनाई है। नए प्रावधानों में बीस की बजाय तीस बच्चों पर विद्यालय न्यूनतम दो की बजाय एक अध्यापक, तीस की बजाय चालीस पर एक अध्यापक, स्वीकृत पद, मुख्य शिक्षक का पद, वर्क लोड के साथ वहीं नर्सरी के छात्रों के लिए कोई अध्यापक नहीं है। इस मौके पर प्रधान ने कहा कि अगर इस नीति को समाप्त नहीं किया गया तो हरियाणा के अध्यापक आरपार की लड़ाई लड़ेंगे।
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