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यमुना में जल स्तर बढ़ने के बाद प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद
Updated Tue, 31 Jul 2018 07:20 PM IST
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अमर उजाला लाइव
यमुना में जल स्तर बढ़ने के बाद प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद
-अच्छेजा में लगाया राहत शिविर, जंगलों में भरे पानी और सड़क के बीच लगाई कट्टों में मिट्टी भरकर ठोकर
-धारा 144 लगाई, लोगों और पशुओं के लिए लगाए स्वास्थ्य जांच शिविर
अमर उजाला ब्यूरो
पलवल। हथिनी कुंड बैराज से छोड़े जा रहे पानी के कारण यमुना में बढ़ रहे जल स्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क नजर आ रहा है। प्रशासन द्वारा जहां बाढ़ संभावित गांवों के लोगों की सुरक्षा के लिए अच्छेजा गांव के सरकारी स्कूल में राहत सहायता शिविर लगाया गया है। साथ ही पशुओं की देखरेख के लिए पशु पालन विभाग व आम लोगों के स्वास्थ्य की देखरेख के लिए स्वास्थ्य विभाग के द्वारा जांच शिविर लगाए गए हैं। इसके अलावा यमुना का पानी जो कि खादर क्षेत्र के गांवों के जंगलों में घुस चुका है, उसे रोकने के लिए जंगलों में हुए जलभराव और सड़कों के बीच मिट्टी के कट्टे भरकर कर ठोकर बनाई जा रही है, ताकि पानी को सड़कों और गांव के अंदर आने से रोका जा सके।
यमुना के जल स्तर को बढ़ने के बाद प्रशासन के इंतजाम और ग्रामीणों को हो रही परेशानी को देखने के लिए मंगलवार को अमर उजाला की टीम ने इंदिरा नगर, फाट नगर, अच्छेजा गांवों का दौरा कर वहां की स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों से भी इस बारे में बात की गई।
प्रशासन के इंतजाम से संतुष्ट नजर आए ग्रामीण
यमुना में जल स्तर बढ़ने के बाद जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीणों और पशुओं की सुरक्षा के लिए किए गए इंतजाम से ग्रामीण पूरी तरह से संतुष्ट नजर आए। ग्रामीणों का कहना था कि यह पहली बार हुआ है जब जिला प्रशासन ने गांवों में घरों के अंदर पानी घुसने से पहले ही सुरक्षा के पूरे इंतजाम करा दिए हैं। ग्रामीणों ने उपायुक्त डॉ. मनीराम शर्मा द्वारा बाढ़ संभावित गांवों में रोजाना आकर स्थिति का जायजा लेने की भी सराहना की। ग्रामीणों का कहना था कि हालांकि अभी तक पानी केवल जंगलों में आया है। जिससे उनकी फसल नष्ट हुई है। गांवों के अंदर अभी तक पानी नहीं घुसा है। ग्रामीण कृष्ण ने बताया कि प्रशासन द्वारा हर घर में जाकर उन्हें बाढ़ का खतरा देख जागरूक किया जा रहा है। उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाने की बात कही जा रही है।
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जिला उपायुक्त ने किया गांवों का दौरा
जिला उपायुक्त डॉ. मनीराम शर्मा ने मंगलवार को यमुना नदी में जल स्तर बढने पर थंथरी, गुरवाडी, इंद्रानगर आदि अन्य गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें सावधानी बरतने व सतर्क रहने की अपील की। उपायुक्त ने गांव अच्छेजा के राजकीय प्राथमिक पाठशाला में स्थापित राहत शिविर में किए गए प्रबंधों का भी जायजा लिया। इसके अलावा नदी का जल स्तर और अधिक बढ़ने पर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की अपील की है। उपायुक्त के साथ एसडीएम जितेंद्र गर्ग, जिला राजस्व अधिकारी पूनम बब्बर, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी एससी कौशिक ने दौरा किया।
यमुना नदी के 100 मीटर के दायरे में लगा दी धारा 144
उपायुक्त के आदेश के बाद यमुना नदी के आस-पास के 100 मीटर के क्षेत्र में धारा 144 लगा दी गई है। अगर कोई व्यक्ति उक्त आदेशों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा है कि गांव इंद्रानगर के निवासियों के लिए गांव अच्छेजा के राजकीय पाठशाला में लगाए गए राहत शिविर में पशुओं एवं नागरिकों के स्वास्थ्य एवं खान-पान आदि की सुविधा मुहैया कराई गई है।
पुलिस टीम ने ग्रामीणों को किया जागरूक
हसनपुर थाना प्रभारी सुमन के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गांवों में जाकर ग्रामीणों को यमुना के आसपास न जाने के लिए जागरूक किया। उन्होंने बाढ़ का खतरा देखते हुए अच्छेजा में लगाए गए राहत शिविर में जाने और पशुओं को साथ ले जाने की भी अपील की। थाना प्रभारी ने बताया कि बाढ़ संभावित गांवों के आसपास पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है, ताकि किसी को भी यमुना के पास न जाने दिया जाए। इसके अलावा जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम स्वास्थ्य परीक्षण के लिए जिला सिविल सर्जन डा. प्रदीप शर्मा के नेतृत्व में हसनपुर,खादर क्षेत्र के गांव इंदिरा नगर और अच्छेेजा में पहुंची।
बाढ़ संभावित गांवों में पूरे इंतजाम किए जा रहे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर नजर ग्रामीणों के लिए अच्छेजा में राहत शिविर लगा दिया है। इसके अलावा पशु पालन विभाग से भी शिविर लगवा दिया गया है। ग्रामीणों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
- डॉ. मनीराम शर्मा, जिला उपायुक्त
यमुना में जल स्तर बढ़ने के बाद प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद
-अच्छेजा में लगाया राहत शिविर, जंगलों में भरे पानी और सड़क के बीच लगाई कट्टों में मिट्टी भरकर ठोकर
-धारा 144 लगाई, लोगों और पशुओं के लिए लगाए स्वास्थ्य जांच शिविर
अमर उजाला ब्यूरो
पलवल। हथिनी कुंड बैराज से छोड़े जा रहे पानी के कारण यमुना में बढ़ रहे जल स्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क नजर आ रहा है। प्रशासन द्वारा जहां बाढ़ संभावित गांवों के लोगों की सुरक्षा के लिए अच्छेजा गांव के सरकारी स्कूल में राहत सहायता शिविर लगाया गया है। साथ ही पशुओं की देखरेख के लिए पशु पालन विभाग व आम लोगों के स्वास्थ्य की देखरेख के लिए स्वास्थ्य विभाग के द्वारा जांच शिविर लगाए गए हैं। इसके अलावा यमुना का पानी जो कि खादर क्षेत्र के गांवों के जंगलों में घुस चुका है, उसे रोकने के लिए जंगलों में हुए जलभराव और सड़कों के बीच मिट्टी के कट्टे भरकर कर ठोकर बनाई जा रही है, ताकि पानी को सड़कों और गांव के अंदर आने से रोका जा सके।
यमुना के जल स्तर को बढ़ने के बाद प्रशासन के इंतजाम और ग्रामीणों को हो रही परेशानी को देखने के लिए मंगलवार को अमर उजाला की टीम ने इंदिरा नगर, फाट नगर, अच्छेजा गांवों का दौरा कर वहां की स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों से भी इस बारे में बात की गई।
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प्रशासन के इंतजाम से संतुष्ट नजर आए ग्रामीण
यमुना में जल स्तर बढ़ने के बाद जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीणों और पशुओं की सुरक्षा के लिए किए गए इंतजाम से ग्रामीण पूरी तरह से संतुष्ट नजर आए। ग्रामीणों का कहना था कि यह पहली बार हुआ है जब जिला प्रशासन ने गांवों में घरों के अंदर पानी घुसने से पहले ही सुरक्षा के पूरे इंतजाम करा दिए हैं। ग्रामीणों ने उपायुक्त डॉ. मनीराम शर्मा द्वारा बाढ़ संभावित गांवों में रोजाना आकर स्थिति का जायजा लेने की भी सराहना की। ग्रामीणों का कहना था कि हालांकि अभी तक पानी केवल जंगलों में आया है। जिससे उनकी फसल नष्ट हुई है। गांवों के अंदर अभी तक पानी नहीं घुसा है। ग्रामीण कृष्ण ने बताया कि प्रशासन द्वारा हर घर में जाकर उन्हें बाढ़ का खतरा देख जागरूक किया जा रहा है। उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाने की बात कही जा रही है।
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जिला उपायुक्त ने किया गांवों का दौरा
जिला उपायुक्त डॉ. मनीराम शर्मा ने मंगलवार को यमुना नदी में जल स्तर बढने पर थंथरी, गुरवाडी, इंद्रानगर आदि अन्य गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें सावधानी बरतने व सतर्क रहने की अपील की। उपायुक्त ने गांव अच्छेजा के राजकीय प्राथमिक पाठशाला में स्थापित राहत शिविर में किए गए प्रबंधों का भी जायजा लिया। इसके अलावा नदी का जल स्तर और अधिक बढ़ने पर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की अपील की है। उपायुक्त के साथ एसडीएम जितेंद्र गर्ग, जिला राजस्व अधिकारी पूनम बब्बर, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी एससी कौशिक ने दौरा किया।
यमुना नदी के 100 मीटर के दायरे में लगा दी धारा 144
उपायुक्त के आदेश के बाद यमुना नदी के आस-पास के 100 मीटर के क्षेत्र में धारा 144 लगा दी गई है। अगर कोई व्यक्ति उक्त आदेशों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा है कि गांव इंद्रानगर के निवासियों के लिए गांव अच्छेजा के राजकीय पाठशाला में लगाए गए राहत शिविर में पशुओं एवं नागरिकों के स्वास्थ्य एवं खान-पान आदि की सुविधा मुहैया कराई गई है।
पुलिस टीम ने ग्रामीणों को किया जागरूक
हसनपुर थाना प्रभारी सुमन के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गांवों में जाकर ग्रामीणों को यमुना के आसपास न जाने के लिए जागरूक किया। उन्होंने बाढ़ का खतरा देखते हुए अच्छेजा में लगाए गए राहत शिविर में जाने और पशुओं को साथ ले जाने की भी अपील की। थाना प्रभारी ने बताया कि बाढ़ संभावित गांवों के आसपास पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है, ताकि किसी को भी यमुना के पास न जाने दिया जाए। इसके अलावा जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम स्वास्थ्य परीक्षण के लिए जिला सिविल सर्जन डा. प्रदीप शर्मा के नेतृत्व में हसनपुर,खादर क्षेत्र के गांव इंदिरा नगर और अच्छेेजा में पहुंची।
बाढ़ संभावित गांवों में पूरे इंतजाम किए जा रहे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर नजर ग्रामीणों के लिए अच्छेजा में राहत शिविर लगा दिया है। इसके अलावा पशु पालन विभाग से भी शिविर लगवा दिया गया है। ग्रामीणों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
- डॉ. मनीराम शर्मा, जिला उपायुक्त