{"_id":"606607c88ebc3e8d38235472","slug":"56-thousand-quintal-wheat-was-procured-on-the-first-day-in-the-district-palwal-news-noi57472559","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में पहले दिन हुई 56 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में पहले दिन हुई 56 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद
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पलवल। सरकार द्वारा बृहस्पतिवार से गेहूं की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पहले दिन जिले की सभी मंडियों में 56,987 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई। इसमें सबसे ज्यादा हथीन में 34 हजार क्विंटल और सबसे कम पलवल में 30 क्विंटल गेहूं आया। इस दौरान उन्हीं के फसल की खरीद की गई, जिनका मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण था।
पलवल अनाज मंडी में 115 लाइसेंसी आढ़ती है। बृहस्पतिवार दोपहर तक किसी आढ़ती पर गेहूं नहीं आया, क्योंकि उन आढ़तियों से जुड़े किसानों पर मैसेज पहुंचे, जिनकी फसल कटी नहीं है। इस कारण किसान गेहूं लेकर नहीं पहुंचे। हालांकि दोपहर करीब 3 बजे एक किसान गेहूं लेकर मंडी पहुंचा। उसके बाद ही पलवल में एक गेट पास काटा गया और उसकी किसान से 30 क्विंटल गेहूं ही खरीदा गया है। वहीं हसनपुर में पहले दिन 171 गेट पास काटे गए। किसानों से 8,931 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। खांबी अनाज मंडी में 116 गेट पास काटे गए। किसानों से 6,079 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई है। इसी तरह से बडौली में 13 गेट पास काटे गए। उनसे 853 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई है। हथीन में पहले दिन 400 गेट पास काटे गए। जिनके द्वारा 34 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद की गई। वहीं होडल में 124 गेट पास काटे गए, जबकि 7094 क्विंटल गेहूं खरीदा गया।
मैसेज न होने पर किसान को लौटाया
बृहस्पतिवार को पलवल अनाज मंडी में रायदासका गांव के किसान रणधीर सिंह अपना गेहूं बेचने के लिए पहुंचे। उनके पास सरकार द्वारा भेजा गया मैसेज नहीं था, इस कारण मार्केट कमेटी कर्मचारियों ने उन्हें वापस लौटा दिया। हालांकि उन्होंने कहा कि पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया हुआ है। गेहूं लेकर आए हैं और वापस कैसे ले जाएंगे। इसी तरह सदरपुर गांव के किसान नाहर सिंह का मैसेज होने के बावजूद कोड न मिलने पर वापस लौटा दिया गया। वहीं आढ़तियों में भी सरकार की खरीद प्रक्रिया के लिए भेजे जा रहे मैसेज को लेकर असंतोष बना हुआ है। आढ़तियों की मांग है कि सरकार आढ़तियों के शेडयूल के हिसाब से मैसेज भेजने की प्रक्रिया अपनाए। सरकार द्वारा मैसेज भेजने की प्रणाली पर आढ़तियों ने उंगली उठाते हुए 5 अप्रैल को करनाल में हरियाणा मंडी एसोसिएशन की बैठक बुलाई है।
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वर्जन-
सरकार की मैसेज भेजने की प्रक्रिया गलत है। आढ़तियों के हिसाब से मैसेज भेजे जाने चाहिए। इस प्रक्रिया का हम विरोध करते हैं। पांच अप्रैल को करनाल में बैठक होगी। उसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। - गौरव तेवतिया, प्रधान, पलवल मंडी एसोसिएशन
सरकार मैसेज पुराने तरीके से आढ़तियों के द्वारा भिजवाए। मैसेज उन किसानों पर जा रहे हैं, जिनकी फसल अभी कटी नहीं है। जिन किसानों की फसल कट चुकी है, उनके पास मैसेज ही नहीं पहुंच रहे हैं। ऐसे में वे फसल बेच नहीं पा रहे हैं। - सतपाल, प्रधान, होडल मंडी एसोसिएशन
गेहूं की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन किसानों को मैसेज भेजे जा चुके हैं, जिनका पोर्टल पर पंजीकरण हो चुका है। इस बार मैसेज चंडीगढ़ से भेजे जा रहे हैं। अब पोर्टल पांच व छह अप्रैल को खोला जाएगा। जिन किसानों ने पंजीकरण नहीं कराया है, वे पंजीकरण करा सकते हैं। दूसरे राज्यों के जिन किसानों ने पोर्टल पर पंजीकरण करा दिया है, उनका गेहूं भी मैसेज के द्वारा ही मंडियों में मंगवाकर खरीदा जाएगा। सभी मंडियों में हेल्प डेस्क बनाई गई है। किसान हेल्प डेस्क से सहायता ले सकते हैं। - नरवीर गहलौत, सचिव, मार्केट कमेटी पलवल
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पलवल अनाज मंडी में 115 लाइसेंसी आढ़ती है। बृहस्पतिवार दोपहर तक किसी आढ़ती पर गेहूं नहीं आया, क्योंकि उन आढ़तियों से जुड़े किसानों पर मैसेज पहुंचे, जिनकी फसल कटी नहीं है। इस कारण किसान गेहूं लेकर नहीं पहुंचे। हालांकि दोपहर करीब 3 बजे एक किसान गेहूं लेकर मंडी पहुंचा। उसके बाद ही पलवल में एक गेट पास काटा गया और उसकी किसान से 30 क्विंटल गेहूं ही खरीदा गया है। वहीं हसनपुर में पहले दिन 171 गेट पास काटे गए। किसानों से 8,931 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। खांबी अनाज मंडी में 116 गेट पास काटे गए। किसानों से 6,079 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई है। इसी तरह से बडौली में 13 गेट पास काटे गए। उनसे 853 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई है। हथीन में पहले दिन 400 गेट पास काटे गए। जिनके द्वारा 34 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद की गई। वहीं होडल में 124 गेट पास काटे गए, जबकि 7094 क्विंटल गेहूं खरीदा गया।
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मैसेज न होने पर किसान को लौटाया
बृहस्पतिवार को पलवल अनाज मंडी में रायदासका गांव के किसान रणधीर सिंह अपना गेहूं बेचने के लिए पहुंचे। उनके पास सरकार द्वारा भेजा गया मैसेज नहीं था, इस कारण मार्केट कमेटी कर्मचारियों ने उन्हें वापस लौटा दिया। हालांकि उन्होंने कहा कि पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया हुआ है। गेहूं लेकर आए हैं और वापस कैसे ले जाएंगे। इसी तरह सदरपुर गांव के किसान नाहर सिंह का मैसेज होने के बावजूद कोड न मिलने पर वापस लौटा दिया गया। वहीं आढ़तियों में भी सरकार की खरीद प्रक्रिया के लिए भेजे जा रहे मैसेज को लेकर असंतोष बना हुआ है। आढ़तियों की मांग है कि सरकार आढ़तियों के शेडयूल के हिसाब से मैसेज भेजने की प्रक्रिया अपनाए। सरकार द्वारा मैसेज भेजने की प्रणाली पर आढ़तियों ने उंगली उठाते हुए 5 अप्रैल को करनाल में हरियाणा मंडी एसोसिएशन की बैठक बुलाई है।
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वर्जन-
सरकार की मैसेज भेजने की प्रक्रिया गलत है। आढ़तियों के हिसाब से मैसेज भेजे जाने चाहिए। इस प्रक्रिया का हम विरोध करते हैं। पांच अप्रैल को करनाल में बैठक होगी। उसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। - गौरव तेवतिया, प्रधान, पलवल मंडी एसोसिएशन
सरकार मैसेज पुराने तरीके से आढ़तियों के द्वारा भिजवाए। मैसेज उन किसानों पर जा रहे हैं, जिनकी फसल अभी कटी नहीं है। जिन किसानों की फसल कट चुकी है, उनके पास मैसेज ही नहीं पहुंच रहे हैं। ऐसे में वे फसल बेच नहीं पा रहे हैं। - सतपाल, प्रधान, होडल मंडी एसोसिएशन
गेहूं की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन किसानों को मैसेज भेजे जा चुके हैं, जिनका पोर्टल पर पंजीकरण हो चुका है। इस बार मैसेज चंडीगढ़ से भेजे जा रहे हैं। अब पोर्टल पांच व छह अप्रैल को खोला जाएगा। जिन किसानों ने पंजीकरण नहीं कराया है, वे पंजीकरण करा सकते हैं। दूसरे राज्यों के जिन किसानों ने पोर्टल पर पंजीकरण करा दिया है, उनका गेहूं भी मैसेज के द्वारा ही मंडियों में मंगवाकर खरीदा जाएगा। सभी मंडियों में हेल्प डेस्क बनाई गई है। किसान हेल्प डेस्क से सहायता ले सकते हैं। - नरवीर गहलौत, सचिव, मार्केट कमेटी पलवल