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डूबते सूर्य को अर्ध्य देकर की छठ मईया की पूजा
Updated Tue, 13 Nov 2018 10:39 PM IST
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डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर की छठ मैया की पूजा
- कोई परिक्रमा देते तो कोई सिर पर टोकरी में पूजा का सामान लेकर पहुंचा
पलवल। ब्राह्मण धर्मशाला मे बनाए गए छठ घाट की शोभा मंगलवार को देखते ही बन रही थी। सिर पर टोकरी रख सोलह श्ऱंगार में सजकर आईं पूर्वांचल की महिलाओं ने छठ मैया का पूजन किया। सभी ने वेदी पर यज्ञ कर मंगलवार की शाम डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर मनोकामना पूरी करने की कामना की।
ब्राह्मण धर्मशाला में बनाए गए घाट पर जहां पूर्वांचल के लोगों ने स्नान किया, वहीं उन्होंने सुख व समृद्धि की कामना की। दो दिनों से व्रत रखने वाले व्रतधारी महिलाओं ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर छठ मैया की विशेष पूजा अर्चना की। ब्राह्मण धर्मशाला में आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्वांचल के लोगों के साथ स्थानीय समाजों, धार्मिक, समाजसेवी व राजनैतिक दलों के लोगों को आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम में भोजपुरी भजनों से माहौल को भक्तियमय हुआ। यहां आने वाले लोगों ने एक-दूसरे को छठ महोत्सव की बधाई भी । इस अवसर पर मुख्यमंत्री के राजनैतिक सचिव दीपक मंगला विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने पूर्वांचल के लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अगले साल से पूर्वांचल के लोग मुख्यमंत्री द्वारा दी गई जमीन पर बनाए जा रहे छठ घाट पर ही पूजा करेंगे।
दंडौती परिक्रमा देते पहुंचे लोग
छठ मैया का पूजन करने के लिए कोई छठ पूजन के लिए सिर पर पूजा के सामान व प्रसाद का टोकरा लेकर तो दंडवत करते हुए छठ घाट तक पहुंचा। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद लोगों ने छठ मैया के जयकारे लगाए। खरना के साथ शुरू हुआ छठी मैया का उपवास बुधवार सुर्योदय को अर्घ्य देने के बाद तोड़ा जाएगा।
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सुरक्षा व्यवस्था दिखी चौकस
छठ महोत्सव को लेकर सुरक्षा की नजर से प्रशासन की ओर से पूरे इंतजाम किए गए। कार्यक्रम स्थल पर पुलिस बल तैनात रहा। बस अड्डा से लेकर मीनार गेट तक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई।
तालाब में खडे़ हो गए थे
अर्घ्य देने के लिए बनाए गए अस्थायी छठ घाटके पानी में व्रती एक घंटे पहले ही जाकर खड़े होकर। अपने -अपने संकल्प के अनुसार जल में खड़े होकर मां से आशीर्वाद मांगा। इसके बाद सवा पांच बजे सूूर्य अस्तांचल को अर्घ्य दिया। इसके बाद सभी भोजपूरी लोकगीतों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस मौके पर बिहार के मशहूर लोक गायक घनश्याम चौरसिया ने सुंदर-सुंदर झांकियां प्रस्तुत कीं।
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- कोई परिक्रमा देते तो कोई सिर पर टोकरी में पूजा का सामान लेकर पहुंचा
पलवल। ब्राह्मण धर्मशाला मे बनाए गए छठ घाट की शोभा मंगलवार को देखते ही बन रही थी। सिर पर टोकरी रख सोलह श्ऱंगार में सजकर आईं पूर्वांचल की महिलाओं ने छठ मैया का पूजन किया। सभी ने वेदी पर यज्ञ कर मंगलवार की शाम डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर मनोकामना पूरी करने की कामना की।
ब्राह्मण धर्मशाला में बनाए गए घाट पर जहां पूर्वांचल के लोगों ने स्नान किया, वहीं उन्होंने सुख व समृद्धि की कामना की। दो दिनों से व्रत रखने वाले व्रतधारी महिलाओं ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर छठ मैया की विशेष पूजा अर्चना की। ब्राह्मण धर्मशाला में आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्वांचल के लोगों के साथ स्थानीय समाजों, धार्मिक, समाजसेवी व राजनैतिक दलों के लोगों को आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम में भोजपुरी भजनों से माहौल को भक्तियमय हुआ। यहां आने वाले लोगों ने एक-दूसरे को छठ महोत्सव की बधाई भी । इस अवसर पर मुख्यमंत्री के राजनैतिक सचिव दीपक मंगला विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने पूर्वांचल के लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अगले साल से पूर्वांचल के लोग मुख्यमंत्री द्वारा दी गई जमीन पर बनाए जा रहे छठ घाट पर ही पूजा करेंगे।
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दंडौती परिक्रमा देते पहुंचे लोग
छठ मैया का पूजन करने के लिए कोई छठ पूजन के लिए सिर पर पूजा के सामान व प्रसाद का टोकरा लेकर तो दंडवत करते हुए छठ घाट तक पहुंचा। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद लोगों ने छठ मैया के जयकारे लगाए। खरना के साथ शुरू हुआ छठी मैया का उपवास बुधवार सुर्योदय को अर्घ्य देने के बाद तोड़ा जाएगा।
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सुरक्षा व्यवस्था दिखी चौकस
छठ महोत्सव को लेकर सुरक्षा की नजर से प्रशासन की ओर से पूरे इंतजाम किए गए। कार्यक्रम स्थल पर पुलिस बल तैनात रहा। बस अड्डा से लेकर मीनार गेट तक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई।
तालाब में खडे़ हो गए थे
अर्घ्य देने के लिए बनाए गए अस्थायी छठ घाटके पानी में व्रती एक घंटे पहले ही जाकर खड़े होकर। अपने -अपने संकल्प के अनुसार जल में खड़े होकर मां से आशीर्वाद मांगा। इसके बाद सवा पांच बजे सूूर्य अस्तांचल को अर्घ्य दिया। इसके बाद सभी भोजपूरी लोकगीतों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस मौके पर बिहार के मशहूर लोक गायक घनश्याम चौरसिया ने सुंदर-सुंदर झांकियां प्रस्तुत कीं।