फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Palwal News ›   किसान प्रशिक्षण शिविर में किसानों को दी कपास फसल के बारे में जानकारी

किसान प्रशिक्षण शिविर में किसानों को दी कपास फसल के बारे में जानकारी

Sat, 04 Aug 2018 11:40 PM IST
Updated Sat, 04 Aug 2018 11:40 PM IST
विज्ञापन
किसान प्रशिक्षण शिविर में किसानों को दी कपास फसल के बारे में जानकारी

विज्ञापन
किसान प्रशिक्षण शिविर में किसानों को दी कपास फसल के बारे में जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
पलवल। कृषि विभाग के तत्वावधान में गांव रींडका में किसान प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता पूर्व सरपंच भगवान सिंह यादव ने की तथा संचालन सुनील यादव ने किया। इस अवसर पर कृषि विशेषज्ञ डॉ. महावीर सिंह मलिक ने कहा कि कपास फसल पर पोटेशियम नाइट्रेट घुलनशील उर्वरक का छिड़काव करने से सूखे व तिड़क रोग से बचाव हो जाता है। साथ ही उपज में 12 से 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है। सामान्य रूप से टिंडे न खिलने की दशा में भी लाभ मिलता है।

उन्होंने कहा कि कपास फसल में पोटेशियम नाइट्रेट 13-0-45 का पहला छिड़काव फूल लगना शुरू होने पर या बिजाई के 85 से 90 दिन बाद शुरू कर दें। इसके बाद 10 दिन के अंतर पर दो-तीन छिड़काव करना चाहिए। फलन अवस्था में पोटेशियम नाइट्रेट का एक प्रतिशत पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। उन्होंने कहा कि फलन अवस्था में यदि पौधे अचानक मुरझाकर मरने लगे और उखेड़ा के लक्षण दिखाई देने लगे तो एक ग्राम कोबाल्ट क्लोराइड प्रति 100 लीटर पानी की दर से छिड़काव करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पानी की कमी या सूखे की चपेट में फसल हो तो पोटेशियम नाइट्रेट का छिड़काव बहुत लाभकारी रहता है। इस मौके पर गुलाब, अमीचंद, शेर सिंह, मंगलूराम, धनपाल, जयपाल, ओमी, राकेश, सुरजीत, अर्जुन, जयपाल, धनपाल, ओमप्रकाश मुख्य रूप से मौजूद थे। सरपंच मनीता देवी ने सभी का आभार व्यक्त किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed