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Palwal News: जलभराव से 5 हजार एकड़ जमीन प्रभावित
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान को लेकर नूंह विधायक एवं कांग्रेस विधायक दल के उपनेता चौधरी आफताब अहमद ने सोमवार को जिला मुख्यालय पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में एक्सईएन सिंचाई आफताब खान, एक्सईएन मैकेनिकल हितेश देशवाल, एसडीओ व जेई मौजूद रहे। विधायक ने अधिकारियों से जिले में जलनिकासी व्यवस्था और चल रही योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि जलभराव के कारण करीब 5 हजार एकड़ भूमि प्रभावित है। कई स्थानों पर पिछले कई वर्षों से किसान फसल की बुआई नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि समय रहते पानी की निकासी कराई जाए, ताकि किसान इस बार खेतों में बुआई कर सकें। विधायक ने कहा कि उन्होंने विधानसभा में भी जलभराव का मुद्दा उठाकर सरकार से स्थायी समाधान की मांग की थी।
गांगोली, आलदोका, बैंसी, सुडाका, भडंगाका, आकेड़ा, निजामपुर, मालब, खेडला, नूंह और घासेड़ा सहित कई गांवों में समस्या गंभीर बनी हुई है। उन्होंने बाजारों, अनाज मंडियों, सरकारी भवनों, कब्रिस्तानों, श्मशान घाटों और रिहायशी क्षेत्रों से भी जल्द पानी निकालने के निर्देश दिए, ताकि जलजनित बीमारियों का खतरा न बढ़े। अधिकारियों ने बताया कि मोटर और पंप लगाकर पानी की निकासी का कार्य जारी है और उम्मीद है कि समय पर किसानों के खेतों से पानी निकालकर बुआई का रास्ता साफ किया जाएगा।
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नूंह। जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान को लेकर नूंह विधायक एवं कांग्रेस विधायक दल के उपनेता चौधरी आफताब अहमद ने सोमवार को जिला मुख्यालय पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में एक्सईएन सिंचाई आफताब खान, एक्सईएन मैकेनिकल हितेश देशवाल, एसडीओ व जेई मौजूद रहे। विधायक ने अधिकारियों से जिले में जलनिकासी व्यवस्था और चल रही योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि जलभराव के कारण करीब 5 हजार एकड़ भूमि प्रभावित है। कई स्थानों पर पिछले कई वर्षों से किसान फसल की बुआई नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि समय रहते पानी की निकासी कराई जाए, ताकि किसान इस बार खेतों में बुआई कर सकें। विधायक ने कहा कि उन्होंने विधानसभा में भी जलभराव का मुद्दा उठाकर सरकार से स्थायी समाधान की मांग की थी।
गांगोली, आलदोका, बैंसी, सुडाका, भडंगाका, आकेड़ा, निजामपुर, मालब, खेडला, नूंह और घासेड़ा सहित कई गांवों में समस्या गंभीर बनी हुई है। उन्होंने बाजारों, अनाज मंडियों, सरकारी भवनों, कब्रिस्तानों, श्मशान घाटों और रिहायशी क्षेत्रों से भी जल्द पानी निकालने के निर्देश दिए, ताकि जलजनित बीमारियों का खतरा न बढ़े। अधिकारियों ने बताया कि मोटर और पंप लगाकर पानी की निकासी का कार्य जारी है और उम्मीद है कि समय पर किसानों के खेतों से पानी निकालकर बुआई का रास्ता साफ किया जाएगा।
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