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Palwal News: हथीन उपमंडल में 39,570 एकड़ खरीफ फसल प्रभावित
Fri, 19 Sep 2025 11:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
Updated Fri, 19 Sep 2025 11:28 PM IST
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6,088 किसानों ने पोर्टल पर दावे किए दर्ज, राजस्व विभाग ने शुरू किया सत्यापन सर्वेक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। हाल ही में हुई अत्यधिक वर्षा से उपमंडल हथीन में 39 हजार 570 एकड़ क्षेत्र में खड़ी खरीफ की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अब तक 6 हजार 88 किसानों ने फसल नुकसान के दावे दर्ज कराए हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, उप-तहसील बहीन के 18 गांवों के 1,952 किसानों ने 11 हजार 630 एकड़ में फसल खराबे का विवरण दर्ज किया है। वहीं, हथीन तहसील के 68 गांवों के 4,136 किसानों ने 27 हजार 940 एकड़ में नुकसान की जानकारी पोर्टल पर डाली है।
राजस्व विभाग ने पोर्टल पर मिले दावों की जांच के लिए फील्ड सत्यापन सर्वेक्षण शुरू कर दिया है। शुक्रवार को नायब तहसीलदार कैलाश चंद स्वयं टीम के साथ खेतों में उतरे और बहीन क्षेत्र के कई गांवों का दौरा किया। मानपुर गांव में विभाग की टीम ने खेतों में जाकर कपास, बाजरा और धान की फसलों का नुकसान प्रत्यक्ष देखा। सूत्रों के मुताबिक, कपास की फसल शत-प्रतिशत खराब हो चुकी है, बाजरे की फसल भी काफी प्रभावित हुई है, जबकि डूबे हुए धान में भी भारी नुकसान सामने आया है। नायब तहसीलदार कैलाश चंद ने बताया कि सत्यापन सर्वेक्षण का अधिकांश कार्य 22 सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा और 25 सितंबर को रिपोर्ट सरकार को भेज दी जाएगी, ताकि किसानों को शीघ्र मुआवजा मिल सके। मलाई गांव के किसान मोहम्मद जकरिया ने सरकार से उचित मूल्यांकन की मांग करते हुए कहा कि किसानों को तुरंत अंतरिम राहत दी जाए, जिससे वे आगामी रबी की फसल आसानी से बो सकें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। हाल ही में हुई अत्यधिक वर्षा से उपमंडल हथीन में 39 हजार 570 एकड़ क्षेत्र में खड़ी खरीफ की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अब तक 6 हजार 88 किसानों ने फसल नुकसान के दावे दर्ज कराए हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, उप-तहसील बहीन के 18 गांवों के 1,952 किसानों ने 11 हजार 630 एकड़ में फसल खराबे का विवरण दर्ज किया है। वहीं, हथीन तहसील के 68 गांवों के 4,136 किसानों ने 27 हजार 940 एकड़ में नुकसान की जानकारी पोर्टल पर डाली है।
राजस्व विभाग ने पोर्टल पर मिले दावों की जांच के लिए फील्ड सत्यापन सर्वेक्षण शुरू कर दिया है। शुक्रवार को नायब तहसीलदार कैलाश चंद स्वयं टीम के साथ खेतों में उतरे और बहीन क्षेत्र के कई गांवों का दौरा किया। मानपुर गांव में विभाग की टीम ने खेतों में जाकर कपास, बाजरा और धान की फसलों का नुकसान प्रत्यक्ष देखा। सूत्रों के मुताबिक, कपास की फसल शत-प्रतिशत खराब हो चुकी है, बाजरे की फसल भी काफी प्रभावित हुई है, जबकि डूबे हुए धान में भी भारी नुकसान सामने आया है। नायब तहसीलदार कैलाश चंद ने बताया कि सत्यापन सर्वेक्षण का अधिकांश कार्य 22 सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा और 25 सितंबर को रिपोर्ट सरकार को भेज दी जाएगी, ताकि किसानों को शीघ्र मुआवजा मिल सके। मलाई गांव के किसान मोहम्मद जकरिया ने सरकार से उचित मूल्यांकन की मांग करते हुए कहा कि किसानों को तुरंत अंतरिम राहत दी जाए, जिससे वे आगामी रबी की फसल आसानी से बो सकें।
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